पटना में मनी रामविलास की पुण्यतिथि:पारस के कार्यक्रम में श्रद्धांजलि देने पहुंचे राज्यपाल और CM; नीतीश ने कहा- उनके जाने की अभी कोई उम्र नहीं थी

पटना2 महीने पहले
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केंद्रीय मंत्री पशुपति कुमार पारस के आमंत्रण को नीतीश कुमार ने न सिर्फ स्वीकार किया बल्कि श्रद्धांजलि देने के लिए वो खुद पहुंचे भी। - Dainik Bhaskar
केंद्रीय मंत्री पशुपति कुमार पारस के आमंत्रण को नीतीश कुमार ने न सिर्फ स्वीकार किया बल्कि श्रद्धांजलि देने के लिए वो खुद पहुंचे भी।

लोक जनशक्ति पार्टी के संस्थापक रामविलास पासवान की पहली पुण्यतिथि शुक्रवार को पटना लोजपा कार्यालय में मनाई गई। इसमें उनके भाई और केंद्रीय मंत्री पशुपति कुमार पारस के आमंत्रण पर राज्यपाल फागू चौहान और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी पहुंचे।

राज्यपाल ने दिवंगत पासवान की तस्वीर पर माल्यार्पण किया और श्रद्धांजलि दी। राज्यपाल हॉल में अभी बैठे ही थे कि चंद मिनटों में मुख्यमंत्री पहुंच गए। इनके साथ शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी भी थे। पहले मुख्यमंत्री और फिर शिक्षा मंत्री ने दिवंगत पासवान को श्रद्धांजलि दी।

पशुपति पारस के परिवार के लोगों से मिलते राज्यपाल फागू चौहान, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और अन्य नेता।
पशुपति पारस के परिवार के लोगों से मिलते राज्यपाल फागू चौहान, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और अन्य नेता।

छात्र राजनीति के वक्त से ही था हमारा संबंध

CM ने मीडिया से बातचीत में कहा कि पिछले वर्ष आज ही के दिन रामविलास पासवान का निधन हुआ था। आज हम लोग उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए इकठ्ठा हुए हैं। उन्होंने जितना काम किया, उनकी जितनी लोकप्रियता थी, सदैव लोग उनकी बातों को जानते रहेंगे। छात्र राजनीति के वक्त से हम लोगों का संबंध रहा है। उनकी उम्र नहीं थी अभी जाने की। जिस तरह से उन्होंने काम किया, जनता का भरोसा जीता। (पारस की तरफ इशारा करते हुए कहा कि) उम्मीद है कि आप लोग उसे कायम रखेंगे।

तब चिराग के लोगों से नहीं मिले थे मुख्यमंत्री

दिवंगत रामविलास पासवान के बेटे चिराग ने पिछले महीने ही उनकी पहली बरसी मनाई थी। पटना में बड़ा कार्यक्रम हुआ था। चिराग ने राज्यपाल से लेकर कई दलों के बड़े नेताओं को आमंत्रित किया था। मुख्यमंत्री को आमंत्रण कार्ड लेकर भेजा था, लेकिन वो पहुंचे नहीं थे। वहीं, आज के कार्यक्रम को लेकर केंद्रीय मंत्री पशुपति कुमार पारस के आमंत्रण को नीतीश कुमार ने न सिर्फ स्वीकार किया, बल्कि श्रद्धांजलि देने के लिए वो खुद पहुंचे भी। इससे साफ जाहिर होता है कि विधानसभा चुनाव में चिराग की तरफ से मिली चोट को मुख्यमंत्री भुला नहीं पाए हैं।

लालू प्रसाद के बड़े लाल तेजप्रताप यादव भी पहुंचे।
लालू प्रसाद के बड़े लाल तेजप्रताप यादव भी पहुंचे।

लालू के बड़े बेटे तेज प्रताप भी आए

पशुपति कुमार पारस के बुलावे पर लालू प्रसाद के बड़े लाल तेजप्रताप यादव भी लोजपा ऑफिस पहुंचे। पहले श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद समस्तीपुर के सांसद प्रिन्स राज के साथ बंद कमरे में काफी देर तक बातें करते रहे। जिस वक्त लोजपा ऑफिस में कार्यक्रम चल रहा था, उसी दौरान राबड़ी आवास में RJD विधायक दल की मीटिंग चल रही थी। तेज प्रताप पार्टी की मीटिंग में नहीं गए।

इस मौके पर स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय, पंचायती राज मंत्री सम्राट चौधरी, मंत्री मुकेश सहनी, मंत्री शीला मंडल, MLC संजय सिंह, महेश्वर हजारी, गया और गोपालगंज के सांसद समेत भाजपा व जदयू के कई नेता श्रद्धांजलि देने के लिए पहुंचे थे।

बड़े भाई को पारस ने किया याद

राज्यपाल से लेकर मुख्यमंत्री और राज्य के दूसरे मंत्रियों विधायकों का स्वागत खुद केंद्रीय मंत्री पशुपति कुमार पारस ने किया। इनके जाने के बाद वो मीडिया से मुखातिब हुए। बात करते हुए अपने बड़े भाई व दिवंगत केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान को याद किया। उन्होंने कहा कि गरीब, दलित, शोषित और वंचितों की लड़ाई उनके बड़े भाई ने लड़ी थी।

पहली पुण्यतिथि के कार्यक्रम में पार्टी और दलित सेना के कार्यकर्ताओं भारी भीड़ देखने को मिली। पारस के बेटे यश राज, कृष्ण राज, दामाद डॉ. आनंद राज, भतीजा व समस्तीपुर के सांसद प्रिन्स राज समेत परिवार के सदस्य और पार्टी के सांसद चंदन सिंह, महबूब अली कैसर और वीणा देवी सहित प्रवक्ता श्रवण अग्रवाल समेत कई नेता मौजूद थे।

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