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फाइटोरिलीफ से भी होगा कोरोना का इलाज:पटना AIIMS ने कहा- यह शुरुआती लक्षण वाले मरीजों पर कारगर, 100 मरीजों को दी गई दवा, 10 दिन में रिपोर्ट आई निगेटिव

पटना10 दिन पहले
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फाइटोरिलीफ दवाई के बारे में जानकारी देते हुए एम्स के एक्सपर्ट। - Dainik Bhaskar
फाइटोरिलीफ दवाई के बारे में जानकारी देते हुए एम्स के एक्सपर्ट।

एल्कैम लाइफ कंपनी ने कोरोना के इलाज के लिए फाइटोरिलीफ नामक दवाई बनाई है, जिसे एम्स पटना की ओर से मंजूरी दे दी गई है। एम्स की ओर से कहा गया है कि यह दवा एक नेचुरल एंटी वायरल एजेंट है। जो कोरोना के हल्के और शुरुआती लक्षण वाले मरीजों के इलाज में कारगर है।

फाइटोरिलीफ दवाई को मिली मंजूरी।
फाइटोरिलीफ दवाई को मिली मंजूरी।

10 दिनों के बाद रिपोर्ट निगेटिव

पटना एम्स के मुताबिक, हाल ही में कोविड-19 के करीब 100 मरीजों को यह दवा दी गई थी, जिनमें हल्के लक्षण थे। फाइटोरिलीफ दवा देने के 10 दिन बाद मरीजों का कोरोना टेस्ट किया गया तो रिपोर्ट निगेटिव आई। बुखार, खांसी, गले में दर्द और वात रोग से परेशान मरीज पूरी तरह स्वस्थ हो गए हैं।

एम्स पटना के डिप्टी मेडिकल सुपरिंटेंडेंट और एडिशनल प्रोफेसर डॉ. योगेश ने बताया कि एक शोध में पता चला है कि फाइटोरिलीफ इम्युनिटी बढ़ाती है और कोरोना मरीजों को जल्द रिकवर करने भी मदद करती है।

साइट इफेक्ट भी नहीं

रिसर्च में यह भी सामने आया है कि कोरोना के शुरुआती लक्षण वाले मरीजों के इलाज में बिना किसी साइड इफेक्ट के दवा कारगर साबित हुई है। फाइटोरिलीफ चूस टिकिया ( PASTILLE ) संक्रमण की जगह मुंह में ही वायरस के प्रसार को रोकने में मदद करती है। फाइटोरिलीफ दवा में फाइटोएक्टिव्स, एलाजिक एसिड, जिंजरोल और शोगोल शामिल हैं। इस वजह से यह दवा एक मजबूत एंटी- वायरल के तौर पर काम करती है। साथ ही इम्यूनिटी को तेजी से बढ़ाती है।

फाइटोरिलीफ को एल्कैम लाइफ ने बनाया है। US और EU से पेटेंट भी मिल गया है। इसकी मेडिकल टेस्टिंग भी कई बार हो चुकी है। फाइटोरिलीफ खांसी, सर्दी और फ्लू का कारण बनने वाले वायरस के खिलाफ एंटीबॉडी को 4 गुना तक बढ़ाने में सक्षम है। इसका उपयोग खांसी, सर्दी और फ्लू के लक्षणों के इलाज के लिए वर्षों से किया जा रहा है। रिसर्च के बाद इस नतीजे पर पहुंचा गया है कि COVID-19 के हल्के लक्षण होने पर इसका इस्तेमाल किया जा सकता है।

फाइटोरिलीफ में क्या-क्या है काम्बिनेशन

  • करक्यूमिनोइड्स के फाइटोएक्टिव्स अपने औषधीय प्रभावों जैसे एंटी ऑक्सीडेंट, एंटी कैंसर, एंटी बैक्टीरियल, एंटी डायबिटिक, एंटी इंफ्लेमेटरी और एंटी वायरल गुणों के लिए जाने जाते हैं, जो सेल रिसेप्टर्स के लिए वायरल बाइंडिंग को रोकते हैं।
  • अदरक में मौजूद जिंजरोल और शोगोल के फाइटोएक्टिव्स एक एंटी इंफ्लेमेटरी, ब्रोन्कोडायलेटर और एंटी वायरल के रूप में कार्य करते हैं, जिससे सर्दी और खांसी के लक्षणों से राहत मिलती है।
  • अनार में एलाजिक एसिड के फाइटोएक्टिव्स में एंटी वायरल और वायरुसाइडल एक्शन होता है। शोधकर्ताओं ने दिखाया है कि इसमें इन्फ्लूएंजा-ए वायरस और कई अन्य वायरस के खिलाफ विषाणुनाशक कार्रवाई है।

एंटीबॉडी को भी बढ़ाता है

डॉक्टरों का कहना है कि फाइटोरिलीफ चूस टिकिया वायरस को बढ़ने से रोकती है। एंटीबॉडी को बढ़ाने में मदद करता है। साथ ही लक्षणों को भी कम करता है और कोविड-19 संक्रमण का इलाज करता है। इस पर हुई स्टडी से पता चला है कि फाइटोरिलीफ प्राकृतिक समाधान है, जिसका कोई साइड इफेक्ट नहीं है। इसका इस्तेमाल हल्के और मध्यम स्तर के COVID -19 रोगियों द्वारा किया जा सकता है, जो उन्हें गंभीर रूप से बीमार होने से बचाएंगे। इस प्रकार फाइटोरिलीफ के साथ हम प्रारंभिक अवस्था में संक्रमण का इलाज करके महामारी के नकारात्मक प्रभाव को कम कर सकते हैं।

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