पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App
  • Hindi News
  • Local
  • Bihar
  • Ambulance Has Not Come Since Yesterday, Dead Personnel Are Lying Near Secretariat, They May Also Die

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

21 घंटे से घर में पड़ी थी बेटी-पत्नी की लाश:4 कंधे तो नहीं, भास्कर की पहल पर मिली एंबुलेंस, जवान बेटा ने भी मुंह फेर लिया, बुजुर्ग और 10 साल के नाती ने उठाईं लाशें

पटनाएक महीने पहले
  • कॉपी लिंक
राजेंद्र प्रसाद का घर और इनसेट में बेटी वंदना और पत्नी चिंतामणी की तस्वीर। - Dainik Bhaskar
राजेंद्र प्रसाद का घर और इनसेट में बेटी वंदना और पत्नी चिंतामणी की तस्वीर।

पटना के बेउर थाना इलाके के हुलास विहार फेज-2 का इलाका यूं तो घनी आबादी वाला है, लेकिन कोरोना काल में यहां दो लाशों को 4 कंधे नहीं मिल सके। रिटायर्ड सचिवालय कर्मी राजेंद्र प्रसाद की आंखों के सामने 21 घंटे से पत्नी और जवान बेटी की लाश पड़ी थी। 2 घंटे के अंतराल पर बेटी और पत्नी ने दम तोड़ा था। घर में पड़ी दोनों लाशों को बारी-बारी से निहार कर देख रहे थे। अकेले बेसुध पड़े थे, लेकिन कोई मदद के लिए नहीं आया। अपना जवान बेटा भी नहीं। दूर से ही मां और बहन की लाश को देखकर लौट गया।

राजेंद्र प्रसाद शुक्रवार दोपहर से दोनों डेडबॉडी के पास बैठे हुए थे। इस भारी सदमे के बीच शनिवार की सुबह 11 बजे तक वे एंबुलेंस की आस में बैठे थे। कई बार फोन किया, लेकिन डेडबॉडी को श्मशान घाट पहुंचाने के लिए एंबुलेंस नहीं आई। राजेंद्र प्रसाद की इस परेशानी को भास्कर ने अपने डिजिटल प्लेटफॉर्म पर जैसे ही प्रकाशित किया, प्रशासन हरकत में आ गया। प्रशासन की टीम आई और दोनों डेडबॉडी को अंतिम संस्कार के लिए ले जाया गया।

बुजुर्ग ने पत्नी की लाश थामी तो नाती ने मां की
फुलवारीशरीफ के BDO ने कंट्रोल रूम में फोन कर दोनों शवों का पोस्टमार्टम करने का आग्रह किया, लेकिन PMCH के डॉक्टरों ने पोस्टमार्टम करने से ही इंकार कर दिया। अंत में BDO ने एंबुलेंस भेज दिया। पत्नी की लाश को राजेंद्र प्रसाद को सौंपा गया और वंदना ( राजेंद्र प्रसाद की बेटी) की लाश को उनके 10 साल के नाती को सौंपा गया। ये दोनों ही उन लाशों को लेकर श्मशान घाट को निकले। बेटा धीरज दूर से भी मां और बहन के अंतिम सफर में साथ नहीं हुआ।

पत्नी चिंतामणी के साथ राजेंद्र प्रसाद की फाइल फोटो।
पत्नी चिंतामणी के साथ राजेंद्र प्रसाद की फाइल फोटो।

मौत की वजह का खुलासा नहीं
राजेंद्र प्रसाद की 32 साल की बेटी वंदना कुमारी की शुक्रवार दोपहर 2 बजे के करीब मौत हो गई थी। इसके 2 घंटे बाद 4 बजे पत्नी चिंतामणी देवी की भी जान चली गई। दोनों डेडबॉडी घर में ही थीं। बताया जाता है कि पिछले कुछ दिनों से बेटी और पत्नी को सर्दी और खांसी थी। हालांकि, दोनों की मौत किस वजह से हुई है, इसका खुलासा नहीं हुआ है।

कितना बदल गया इंसान....
आज से 67 साल पहले 1954 में कवि प्रदीप ने एक गीत लिखा था- 'देख तेरे संसार की हालत क्या हो गई भगवान... कितना बदल गया इंसान'। यह गीत आज ही के दिन के लिए शायद लिखा गया था। मौके पर मौजूद अधिवक्ता SK दीपक ने बताया कि पत्नी और बेटी की मौत की सूचना राजेंद्र प्रसाद ने आसपास के लोगों को दी, मदद की गुहार लगाई, लेकिन कोरोना के कारण किसी ने भी उनके घर पर जाना उचित नहीं समझा। चिंतामणी देवी का 32 साल का बेटा धीरज जब मां की लाश को दूर से ही देख कर लौट गया तो पड़ोसियों से आदमी उम्मीद ही क्या करे। धीरज ने उस राखी का फर्ज भी अदा नहीं किया, जो उसकी कलाई पर वंदना ने हर साल बांधी थी।

इनपुट : फुलवारीशरीफ से ज्ञानशंकर

आज का राशिफल

मेष
Rashi - मेष|Aries - Dainik Bhaskar
मेष|Aries

पॉजिटिव - आज की स्थिति कुछ अनुकूल रहेगी। संतान से संबंधित कोई शुभ सूचना मिलने से मन प्रसन्न रहेगा। धार्मिक गतिविधियों में समय व्यतीत करने से मानसिक शांति भी बनी रहेगी। नेगेटिव- धन संबंधी किसी भी प्रक...

और पढ़ें