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अनलॉक में पटना के बाजारों में टूट रही कोरोना गाइडलाइन:दिल्ली AIIMS ने चेताया है कि प्रोटोकॉल टूटा तो आ सकती है तीसरी लहर, फिर भी नहीं मान रहे लोग

पटना4 महीने पहले
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पटना के सबसे बड़े बाजार खेतान और हथुआ मार्केट में लोगों की भीड़। - Dainik Bhaskar
पटना के सबसे बड़े बाजार खेतान और हथुआ मार्केट में लोगों की भीड़।

दिल्ली AIIMS के निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया ने चेतावनी दी थी कि यदि कोरोना प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया गया और भीड़ नहीं रोकी गई तो अगले 6 से 8 हफ्ते में महामारी की तीसरी लहर देश में दस्तक देगी। इस बड़ी चेतावनी के बाद भी पटना में कोरोना की गाइडलाइन का कोई असर नहीं है। अनलॉक होते ही बाजार में भीड़ के बीच प्रोटोकॉल टूट रहा है। भीड़ में हर इंसान कोरोना संक्रमण का खतरा लेकर घूम रहा है।

अनलॉक 2 में टूट गया नियम

लॉकडाउन के बाद दो चरणों में अनलॉक चल चुका है। अब बुधवार से अनलॉक-3 चालू हो जाएगा। अनलॉक को लेकर कई नियम बनाए गए हैं। इसमें अलग-अलग दिन दुकानों को खोलने का भी नियम बनाया गया। कोई नियम और गाइडलाइन पटना में काम नहीं कर रही है। भीड़भाड़ वाले स्थानों में कोरोना की गाइडलाइन का पालन किया ही नहीं जा रहा है। इस कारण से पटना में कोरोना का बड़ा खतरा है।

धावा दल की कार्रवाई हवा-हवाई

कोरोना का प्रोटोकॉल पालन करने के लिए धावा दल का गठन किया गया था। इसमें मजिस्ट्रेट तैनात कर हर एरिया में लगाया गया था। सभी को भीड़ नहीं इकट्‌ठा होने देने के लिए कार्रवाई करने का अधिकार दिया गया था। दुकानों पर प्रोटोकॉल का पालन नहीं होने पर दुकानों को सील करने का भी अधिकार था, लेकिन अनलॉक में पटना में कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। भीड़भाड़ वाले इलाकों में न तो पुलिस एक्टिव है और ना ही विशेष दल ही सक्रिय। भीड़भाड़ वाले बाजारों में कोई देखने वाला नहीं है।

गर्दनीबाग में गाड़ी में कुछ इस तरह चढ़ते लोग।
गर्दनीबाग में गाड़ी में कुछ इस तरह चढ़ते लोग।

पटना के सबसे बड़े बाजारों में कोरोना संक्रमण को दावत

पटना के सबसे बड़े बाजारों में भीड़ कोरोना को दावत दे रही है। पटना की सबसे बड़ी मंडी खेतान मार्केट, हथुआ मार्केट और बारी पथ पूरा भरा रह रहा है। यहां भीड़ में आने वाले लोग कोरोना के खतरे को पूरी तरह से भूल जाते हैं। अधिकतर लोगों के चहरे पर कोरोना के संक्रमण से बचाव को लेकर मास्क भी नहीं होता है। ऐसे में पटना में लापरवाही से कोरोना का खतरा फिर बढ़ सकता है। अगर प्रशासन ने ध्यान नहीं दिया तो आने वाले दिनों में कोरोना की तीसरी लहर का खतरा बढ़ सकता है।

लॉकडाउन ने बता दिया प्रोटोकॉल से थमेगा कोरोना

लॉकडाउन में कोरोना के कम होते ग्राफ ने यह बता दिया है कि कोरोना को काबू में लाने के लिए सोशल डिस्टेंस का नियम सबसे कारगर है। बिहार में 5 मई से लॉकडाउन लगाया गया। 5 मई को राज्य में एक दिन में संक्रमण के 14836 मामले आए। लॉकडाउन के बाद इसमें तेजी से कमी आई। लॉकडाउन में जैसे-जैसे सख्ती बढ़ाई गई, कोरोना का आंकड़ा कम होता गया।

25 दिन बाद ही 31 मई को संक्रमण के नए मामले घटकर 1113 पर आ गए। लॉकडाउन की सख्ती के साथ 5 जून को नए मामले 1007 आ गए। 21 जून को संक्रमण के नए मामले 245 पहुंच गए। संक्रमण का यह आंकड़ा सख्ती के कारण ही कम हुआ है। अगर लॉकडाउन नहीं लगाया जाता तो बिहार में तबाही मच जाती। सरकार ने सही समय पर फैसला लिया और आंकड़े पर काबू पा लिया। अब तक 21 जून तक कुल 719939 लोग कोरोना पॉजिटिव हुए हैं, इनमें 707365 अब तक ठीक हुए हैं और 9557 की मौत हुई है।

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