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सिस्टम की बदमाशी पर गांधीगिरी:मधेपुरा में अनशन पर बैठे कोविड वार्ड के पेशेंट; साफ़-सफाई की पोल खोली, शिकायत पर पीटे जाने की धमकी भी सुनी

उदाकिशुनगंज3 महीने पहले
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मधेपुरा में एक रेफरल अस्पताल के कोविड वार्ड में भर्ती संक्रमित मरीजों ने कुव्यवस्था को लेकर गांधीगिरी की. अस्पताल की तमाम कुव्यवस्थाओं को पोल खोलते हुए 15 मरीज अनशन पर बैठ गए. उन्होंने वीडियो बनाकर भास्कर को भेजा और इस कोविड वार्ड में फैली अव्यवस्था के बारे में जानकारी दी. बताया कि शिकायत करने पर मारपीट की धमकी दी जा रही है. बाद में जब घटना की जानकारी मधेपुरा DDC को मिली तो उन्होंने समझा-बुझाकर संक्रमित मरीजों का अनशन ख़त्म कराया।

मरीजों ने अस्पताल पर लगाए गंभीर आरोप

यह पूरा मामला उदाकिशुनगंज अनुमंडलीय रेफरल अस्पताल के कोविड वार्ड का है. यहां भर्ती कोविड मरीजों ने बताया कि हम लोग 10 दिन से बंद हैं. यहां साफ-सफाई नहीं हो रहा है। बेडशीट नहीं बदला जा रहा है। पहले से 50 लोग यहां एडमिट थे, वे लोग चले गए तो उसी बेडशीट पर हम लोगों को भी रखा जा रहा है। कोविड वार्ड के स्वास्थ्य कर्मी कहते हैं कि बेडशीट धुलाने का सरकार पैसा नहीं दे रही है, आप अपने घर से बेडशीट लेकर आओ।

फोन पर कहा गया- इतना मारेंगे कि इलाज भूल जाओगे

अनशन पर बैठे मरीजों का कहना था कि उन्होंने अस्पताल कर्मियों से तंग आकर स्वास्थ्य विभाग के टोल फ्री नंबर 1070 पर पटना बात की थी. यहां से उन्हें इस अस्पताल के प्रभारी का एक नंबर 9470003428 दिया गया. 1 मई को जब उस नंबर पर संपर्क किया तो उन्होंने बताया कि कल से साफ सफाई करवाई जाएगी। बेडशीट भी बदली जाएगी। आज सोमवार को जब दुबारा उसी नंबर पर बात की गई तो उधर से कहा गया कि तुम सब का मोबाइल छीनकर जब्त कर लेंगे और इतना मारेंगे कि तुम लोगों को इलाजे कराना भूतला देंगे। इसके बाद ही बाध्य होकर हम लोग अनशन पर बैठे हैं.

पैरवी पर RTPCR जांच, कोई 4 दिन में चला गया, कोई 10 दिन से बंद

कोविड संक्रमितों ने अस्पताल के बारे में एक और सनसनीखेज बात कही. कहा कि यहां जिसको 10 दिन पूरा हो गया है उसका RTPCR जांच नहीं कराया जा रहा है। लेकिन जिस मरीज का पैरवी आ जाता है, उसका 4 दिन में ही जांच कर दिया जाता है।

लैब तकनीशियन को शोकॉज, सबका RTPCR होगा- चिकित्सा पदाधिकारी

इन आरोपों पर जब प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉक्टर आइबी कुमार से बात की गई तो उन्होंने जांच में गड़बड़ी की बात स्वीकारी। कहा कि एक कोविड पेशेंट ने लैब टेक्नीशियन से मिलकर जांच करवा लिया था. जानकारी मिलने पर हमने स्वास्थ्य कर्मियों को फटकार लगाई। लैब टेक्नीशियन को शोकॉज किया है। बाकी मरीजों का भी आरटीपीसीआर जांच के लिए सैंपल लिया जा रहा है। सबने अनशन खत्म कर दी है।

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