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बिहार में वैक्सीनेशन का आंकड़ा इससे सुधरेगा कि बिगड़ेगा:गूगल शीट पर डेटा इंट्री का चक्कर खत्म, अब CoWin पोर्टल पर करना होगा रजिस्ट्रेशन, जो डेटा में छूटे, उनको सर्टिफिकेट कैसे मिलेगा

पटना4 महीने पहले
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बिहार में वैक्सीनेशन के डेटा में फर्जीवाड़ा का भास्कर ने किया था खुलासा, अब सरकार ने बदली व्यवस्था। - Dainik Bhaskar
बिहार में वैक्सीनेशन के डेटा में फर्जीवाड़ा का भास्कर ने किया था खुलासा, अब सरकार ने बदली व्यवस्था।

अब वैक्सीनेशन के डेटा में फर्जीवाड़ा नहीं चलेगा। हर डेटा भारत सरकार के CoWin पोर्टल पर होगा। बिहार में डेटा इंट्री का कोई दूसरा ऑप्शन नहीं होगा। गड़बड़ी दो प्लेटफार्म पर डेटा अपडेट करने के कारण हुई है। दैनिक भास्कर ने 19 जून को डेटा में फर्जीवाडे का बड़ा खुलासा किया था, जिसके बाद अब बिहार सरकार ने गूगल शीट पर एक जुलाई से डेटा इंट्री बंद करने का आदेश जारी किया है। अब सभी डेटा को सीधा CoWin पोर्टल पर ही अपलोड करना होगा।

एक जुलाई को लेकर जारी हो गया आदेश

स्वास्थ्य विभाग में एक जुलाई को लेकर बन रही नई व्यवस्था के संबंध में आदेश जारी कर दिया गया है। जिला में अधिकारियों की तरफ से भेजे जा रहे पत्र में कहा जा रहा है कि एक जुलाई से गूगल शीट को समाप्त करते हुए सभी डेटा CoWin पोर्टल पर ही अपडेट किया जाना है। आदेश दिया जा रहा है कि गूगल शीट पर जो भी डेटा है, उसे एक जुलाई से पहले पोर्टल पर अपलोड कर दिया जाए।

अब पुराना डेटा नहीं होगा अपडेट

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जो भी डेटा निर्धारित समय में फीड नहीं किया गया तो उसे एक जुलाई के बाद सम्मिलित नहीं किया जाएगा। ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि जिन लोगों का नाम डेटा में पोर्टल पर नहीं चढ़ाया जाएगा, उनके लिए क्यों होगा। ऐसे में सवाल यह है कि डेटा से बाहर होने वालों का सर्टिफिकेट कैसे मिलेगा, जिन लोगों का नाम और आधार पोर्टल पर नहीं दर्ज होगा उनके लिए आने वाले समय में बड़ी समस्या होगी।

भारत सरकार की गाइडलाइन थी कि हर डेटा को CoWin पोर्टल में फीड करना था और इसके लिए पूरी व्यवस्था की गई थी। बड़े पैमाने पर डेटा ऑपरेटरों के साथ सिस्टम की भी व्यवस्था की गई, लेकिन इसके बाद भी डेटा पोर्टल पर लोड करने में काफी गड़बड़ी की गई।

भास्कर ने किया था एक्सपोज

दैनिक भास्कर ने वैक्सीनेशन के डेटा में गड़बड़ी को एक्सपोज किया था। इस कड़ी में पहले स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय के एक दिन में सबसे अधिक वैक्सीनेशन के दावे की पड़ताल कर बताया गया था कि 3 दिन के आंकड़ों को जोड़ने के बाद भी बिहार नंबर एक पर नहीं आ रहा था। इसी क्रम में हर दिन के कुल जोड़ में हो रही डेटा में गड़बड़ी को भी एक्सपोज किया गया था।

इसके बाद से बिहार सरकार ने डेटा जारी करना बंद कर दिया। पहले डेटा को बैलेंस करने के लिए 19 जून का डेटा गोल कर दिया गया। स्वास्थ्य विभाग ने 19 जून से एक दिन बाद का अपडेट डेटा जारी करने की बात कही थी, लेकिन 22 जून के बाद से एक भी डेटा नहीं जारी किया गया है।

अब सही होगा वैक्सीनेशन का डेटा

CoWin पोर्टल पर डेटा अपडेट होने के बाद गड़बड़ी की गुंजाइश नहीं होगी। पोर्टल पर डेटा अपडेट करने के लिए संबंधित व्यक्ति का मोबाइल नंबर और आधार कार्ड या अन्य कोई पहचान पत्र होना जरूरी होता है। बिहार में गूगल शीट का इस्तेमाल किया जा रहा था, जिससे पोर्टल पर डेटा अपडेट नहीं था।

भारत में डेटा की जो व्यवस्था है, उसमें कोविन पोर्टल पर हर मिनट का डेटा ऑनलाइन होता है। इससे कहीं कोई गड़बड़ी की गुंजाइश नहीं होती है। बिहार में भी अब गूगल शीट की व्यवस्था खत्म करने से पोर्टल पर डेटा पूरी तरह से अपडेट होगा।

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