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बालू लदे जब्त ट्रक में पुलिस की लीपापोती:मुजफ्फरपुर की करजा पुलिस अभिरक्षा से जब्त बालू लदे ट्रक लेकर भागने में DM ने लिया संज्ञान, SSP को पत्र भेज कहा-दोषी के खिलाफ करें कार्रवाई

मुजफ्फरपुर2 महीने पहले
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मुजफ्फरपुर में ओवरलोडेड बालू लदे जब्त ट्रक मामले में पुलिस कार्रवाई के बदले लीपापोती कर रही है। इससे स्पष्ट होता है कि पुलिस की मंशा किसे लाभ पहुंचाने की है। एक तरफ सरकार बालू माफियाओं और उनसे साठगांठ रखने वालों के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही हैं। वहीं मुजफ्फरपुर पुलिस बिल्कुल भी इस मामले में गंभीर नहीं है। ताजा मामला करजा थाना का है। जहां खनन पदाधिकारी ने ओवरलोड बालू लदे पांच ट्रकों को जब्त कर पुलिस के हवाले किया था।

पुलिस अभिरक्षा में होने के बावजूद इसमे से दो ट्रक लेकर बालू तस्कर भाग निकले। खनन पदाधिकारी घनश्याम झा ने FIR दर्ज करने के लिए थाना में आवेदन दिया। लेकिन, उन्हें इसकी रिसिविंग भी नहीं दी गयी और FIR भी अबतक नहीं किया गया। उन्होंने इसकी जानकारी DM प्रणव कुमार को दी। DM ने ऐसी लापरवाही पर संज्ञान लेते हुए SSP को पत्र भेजा और दोषी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने को कहा है।

क्या बोले डीएम

DM ने कहा कि पुलिस अभिरक्षा से ट्रक लेकर भाग जाना एक संगीन मामला है। FIR के लिए आवेदन दिया गया तो इसकी रिसिविंग क्यों नहीं दी और अबतक FIR भी नहीं किया गया। यह कई तरह से सवाल उतपन्न करता है। SSP को कार्रवाई का प्रतिवेदन सौंपने को कहा है। करजा पुलिस इस मामले में फंसती हुई नजर आ रही है। थानेदार के अलावा अन्य पदाधिकारियों की भूमिका भी सन्देह के घेरे में आ गयी है।

मुंशी को सौंपा था सीजर
खनन पदाधिकारी ने बताया कि 27 अगस्त को बालू ओवरलोड पांच वाहनों को पकड़ा था। इसकी सीजर थाने के मुंशी को सौंप दिया था। लेकिन, पुलिस के द्वारा सहयोग नहीं किया गया। इस वजह से दो बालू लोड ट्रक के मालिक चालक के साथ मिलकर गाड़ी लेकर फरार हो गये। इधर, करजा थाना प्रभारी मणिभूषण कुमार ने बताया कि उनके संज्ञान में अबतक कोई लिखित शिकायत नहीं मिली है। मुंशी उदयकांत ठाकुर से मामले की जानकारी ली गयी तो उन्होंने कहा कि अबतक थाने में कोई आवेदन रिसिव नहीं कराया गया है।

चौकीदार पर उठ रहा सवाल
बाजार समिति से पत्थर लदे दो ट्रक को माफिया द्वारा लेकर फरार होने के मामले में संदेह के घेरे में चौकीदार बालेश्वर प्रसाद आ गया है। 25 अगस्त को मेडिकल ओवरब्रिज से ट्रक पकड़ने के बाद बाजार समिति में ट्रक खड़ी कर चौकीदार बालेश्वर प्रसाद को ही सीजर लिस्ट सौंपा गया था। खनन विभाग के अधिकारियों को आशंका है कि चौकीदार ने ही ट्रक के मालिक व खनन माफिया के साथ मिलकर दोनों ट्रक को भगवा दिया है। उसकी भूमिका की जांच की जा रही है।

कार्रवाई में पुलिस नहीं करती सहयोग
खनन पदाधिकारी घनश्याम झा ने बताया कि विभाग के लिए 20 पद स्वीकृत है। लेकिन, उनको सिर्फ चार सैप का जवान दिया गया है। सड़क पर ओवरलोड ट्रक को पकड़ने के दौरान कई बार उनलोगों को भय सताता रहता है। पुलिस भी सहयोग नहीं करती है। अबतक करजा थाने से दो, अहियापुर थाने से दो और सदर थाने की पुलिस की अभिरक्षा से फरार हो गया।

स्पष्ट तौर पर मिलीभगत
पुलिस की ऐसी लापरवाही देखकर प्रतीत होता है ये स्पष्ट तौर पर बालू माफियाओं से मिले हुए हैं। तभी तो जब्त ट्रक लेकर बालू तस्कर फरार हो रहे हैं। लगाातर थाने की अभिरक्षा से बालू लदे ट्रक को लेकर भागने के मामले में खनन पदाधिकारी ने बताया कि वरीय पुलिस पदाधिकारी उनका मार्गदर्शन करे की जब्त ट्रक को कहां लगाएं और किसकी अभिरक्षा में दे।एसएसपी से उन्होंने 10 पुलिसकर्मियों की डिमांड भी भी किया है। जो कार्रवाई में सहयोग करेंगे।

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