डीएसपी कमलाकांत प्रसाद की याचिका पर हुई सुनवाई:कोर्ट की अनुमति से याचिका वापस लिया गया, अब अग्रिम जमानत के लिए हाईकोर्ट में दायर करेंगे याचिका

पटना2 महीने पहले
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महिला से कथित बलात्कार के मामले में आरोपित डीएसपी कमलाकांत प्रसाद की ओर से दायर अपील को अपीलार्थी के वरीय वकील योगेश चंद्र वर्मा ने कोर्ट की अनुमति से वापस ले लिया। इसके साथ ही कोर्ट ने इसे निष्पादित कर दिया। न्यायमूर्ति आशुतोष कुमार की एकलपीठ ने उक्त मामले पर गुरुवार को सुनवाई करते उक्त आदेश को पारित किया।

हाईकोर्ट मे ंदायर करेंगे याचिका

अपीलार्थी के वरीय वकील ने बताया कि वे अब इस मामले में अग्रिम जमानत के लिए याचिका पटना हाईकोर्ट में दायर करेंगे। इस तरह के मामले में अपील नहीं, बल्कि अग्रिम जमानत के लिए याचिका दायर कि जानी चाहिए। इस मामले में राज्य सरकार का पक्ष अपर महाधिवक्ता एस डी यादव ने रखा। वही, अधिवक्ता उषा कुमारी नंबर- 1 इस मामले में विशेष लोक अभियोजक थी। सूचक का पक्ष अधिवक्ता अमित श्रीवास्तव व मृत्युंजय कुमार ने रखा। उक्त मामले में पीढ़ित महिला के भाई संजय कुमार द्वारा गया के महिला थाना में केस दर्ज करवाया गया था।

क्या है आरोप

पुलिस ने 27 मई 2021 को एस सी / एस टी एक्ट , पॉक्सो एक्ट व आई पी सी के विभिन्न प्रावधानों में गया महिला पी एस केस नंबर- 18/ 21 दर्ज किया था। केस के सूचक का कहना था कि पीड़िता की छोटी बहन ने बताया कि वर्ष 2017 में दशहरा पर्व के समय उनकी बहन को तत्कालीन गया के पुलिस उपाधीक्षक, मुख्यालय कमलाकांत प्रसाद की ओर से जबरदस्ती अपने गया स्थित सरकारी मकान में बलात्कार किया गया था, जब पीड़ित महिला उनके यहां पटना के घर का काम काज करने के लिए पटना जाने के लिए एक रात रुकी थी।

पीड़िता का कहना था कि उस समय वह नाबालिग लड़की थी और उनका जन्म तिथि 16 मई, 2003 था। पीड़िता का आगे यह भी कहना था कि घटना के समय डीएसपी द्वारा डराने धमकाने और लोक लाज कारण वे इस बात को अपने परिवार को नहीं बताई थी।

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