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चुनावी सभाओं में आयोग के आदेश को ठेंगा:EC ने कोरोना गाइडलाइन के मुताबिक सभा को कहा, हर गाइडलाइन हो गई फेल

पटनाएक महीने पहले
कुशेश्वरस्थान में तेजस्वी की सभा के दौरान उमड़ी भीड़। 

चुनाव आयोग का गाइडलाइन भी कागजी हो गया है। आयोग के आदेश के बाद भी चुनाव में वही हो रहा है, जो नेता चाह रहे हैं। निर्वाचन आयोग ने सभा स्थल की क्षमता से 50 प्रतिशत कम भीड़ के साथ चुनावी सभा करने की अनुमति दी थी, लेकिन एक भी आदेश का पालन नहीं हो रहा है।

आयोग ने चुनावी सभा में आने वालों की रजिस्टर तैयार कराने का भी आदेश दिया था, लेकिन एक भी सभा आयोग की गाइडलाइन के मुताबिक नहीं हो रही है। शनिवार को तेजस्वी यादव ने कुशेश्वरस्थान में आयोजित कई पंचायतों में नुक्कड़ सभाएं कीं, जिसमें आयोग के निर्देश का पालन हवा-हवाई रहा। इसी तरह तारापुर में कन्हैया की सभा में भी कोरोना गाइडलाइन का कोई ध्यान नहीं दिया गया है।

दो विधानसभा में कोई निगरानी नहीं

तारापुर और कुशेश्वर स्थान पर उपचुनाव हो रहा है। दोनों विधानसभा में चुनाव को लेकर कोई मॉनिटरिंग नहीं है। आयोग की तरफ से जो भी गाइडलाइन जारी की गई है उस पर कोई काम नहीं किया जा रहा है। नेताओं की इस मनमानी से आम लोगों में कोरोना का बड़ा खतरा है। चुनाव में लोग बाहर से आ रहे हैं और इनकी न तो स्क्रीनिंग हो रही है और न ही सुरक्षा को लेकर कोई ध्यान दिया जा रहा है। चुनाव में बाहर से आने वाले लोग ही खतरा बन सकते हैं। सुरक्षा को लेकर ध्यान देने वाला कोई नहीं है।

तारापुर में कन्हैया कुमार की चुनावी सभा के दौरान लोगों की भीड़।
तारापुर में कन्हैया कुमार की चुनावी सभा के दौरान लोगों की भीड़।

जान लीजिए चुनाव आयोग ने क्या दिया है आदेश

चुनाव आयोग ने उपचुनाव की घोषणा के साथ कोरोना को लेकर कई गाइडलाइन जारी की थी। नियम टूटने पर प्रत्याशियों को जवाबदेह बनाने की बात कही गई। यह भी कहा गया कि अगर कोरोना की गाइडलाइन को लेकर लापरवाही हुई संबंधित प्रत्याशियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

आयोग के इन 5 आदेशों के टूटने पर कौन जिम्मेदार

  • मैदान की क्षमता से 50 प्रतिशत भीड़ में चुनावी सभा करना है।
  • चुनावी सभा और बैठक में हर व्यक्ति का सैनिटाइजेशन कराया जाना है।
  • चुनावी जनसभा और कार्यक्रम में आने वालों का डेटा तैयार कराना है।
  • हर सभा में एक रजिस्टर होगा जिसमें हर आने वाले का पूरा डिटेल होगा।
  • चुनाव में सोशल डिस्टेंस और सैनिटाइजेशन के लिए प्रत्याशी को जवाबदेह बनाया गया।

DM ने कहा ADM से पूछिए

तारापुर में कन्हैया की सभा में भीड़ में कार्रवाई को लेकर जब DM मुंगेर से बात की गई तो उन्हें भी कोई जानकारी नहीं थी। भीड़ और कार्रवाई की बात उन्होंने RO और ADM के पास जानकारी होने की बात कही। इसी तरह से कुशेश्वरस्थान विधानसभा उपचुनाव में तेजस्वी की सभा में भीड़ को लेकर जब बात करने की कोशिश की गई तो उन्होंने फोन ही नहीं अटेंड किया। आयोग के आदेश के बाद भी चुनावी सभा में नियम तोड़ने को लेकर कितनी गंभीरता है इसका अंदाजा इसी से ही लगाया जा सकता है।