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  • Employees Reinstated On Contract In The State Will Not Be Considered Government Servants, Their Service Can Be Terminated By Giving One Month's Notice Or Honorarium

जारी की गई गाइडलाइन:राज्य में कॉन्ट्रैक्ट पर बहाल कर्मचारी सरकारी सेवक नहीं माने जाएंगे, एक माह की नोटिस या मानदेय देकर खत्म की जा सकेगी उनकी सेवा

पटनाएक वर्ष पहले
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  • सरकार की ओर से स्वीकृत पदों पर ही होगी बहाली, नियमित नियुक्ति होने तक जारी रखी जाएगी

राज्य सरकार ने कॉन्ट्रैक्ट के आधार पर बहाली करने के लिए नई गाइडलाइन जारी कर दी है। आगे से ऐसी बहाली सरकार द्वारा स्वीकृत पदों पर ही की जाएगी। कॉन्ट्रैक्ट पर बहाल व्यक्ति सरकारी सेवक नहीं माने जाएंगे। वे किसी सरकारी सेवक वाली सुविधा के भी हकदार नहीं होंगे। वे सरकारी सेवा में नियमित करने का कोई दावा भी नहीं कर सकेंगे। इनकी बहाली में नियमित नियुक्ति वाली अर्हताएं ही लागू होंगी। एक माह की पूर्व सूचना देकर या एक माह का मानदेय देकर कॉन्ट्रैक्ट समाप्त किया जा सकेगा। स्थायी पदों पर बीपीएससी, बिहार कर्मचारी चयन आयोग, बिहार तकनीकी सेवा आयोग या राज्य सरकार द्वारा गठित किसी अन्य आयोग द्वारा नियमित नियुक्तियों के विरुद्ध अनुशंसा उपलब्ध कराने में लेट हो तो वैसी रिक्तियों पर कैबिनेट की मंजूरी के बाद ही कॉन्ट्रैक्ट पर तब तक के लिए बहाली हो सकेगी जब तक कि उन रिक्तियों के विरुद्ध नियमित नियुक्ति न हो जाए।

सामान्य रूप स्थायी पदों की रिक्तियों के विरुद्ध नियमित नियुक्ति की अनुशंसा प्राप्त होने में अगर विलंब हो तो कॉन्ट्रैक्ट पर नई बहाली नहीं की जाएगी। अत्यंत विशेष परिस्थिति में कैबिनेट की मंजूरी लेने के बाद वैसे पदों का विज्ञापन निकाला जाएगा।

  • नियमित नियुक्तियों में लेट होने पर कैबिनेट की मंजूरी के बाद विज्ञापन निकाल की जाएगी बहाली
  • कॉन्ट्रैक्ट के आधार पर बहाली में नियमित नियुक्ति वाली अर्हताएं ही लागू की जाएंगी
  • नियोक्ता और कॉन्ट्रैक्ट पर बहाल व्यक्ति के बीच एग्रीमेंट होगा जिसमें सभी शर्तें लिखी रहेंगी

प्रोजेक्ट की अवधि तक के लिए ही नियुक्ति, लागू होगा आरक्षण
सीमित कार्यकाल वाली केन्द्रीय/ केन्द्र प्रायोजित/वित्त संपोषित परियोजनाओं या योजनाओं में कॉन्ट्रैक्ट के आधार पर नियुक्ति प्रोजेक्ट की अवधि तक के लिए ही होगी। नियुक्ति के लिए भी विज्ञापन निकाला जाएगा। कॉन्ट्रैक्ट के आधार पर बहाल व्यक्ति सरकारी सेवक नहीं माने जाएंगे। ठेके पर बहाली में आरक्षण रोस्टर का पालन करना होगा। यह निर्देश जारी किया जाएगा कि बहाली पूरी तरह अस्थायी होगी। नियमित नियुक्ति होने तक कॉन्ट्रैक्ट पर बहाली बरकरार रहेगी।
एक विभाग ने दूसरे विभाग में नियुक्ति पर नए सिरे से कराना होगा एग्रीमेंट
जिस विभाग में कॉन्ट्रैक्ट पर काम कर रहे हैं वहां आवश्यकता नहीं होने पर दूसरे विभाग में समान पदनाम वाले रिक्तियों के विरुद्ध भी कॉन्ट्रैक्ट पर नियुक्ति हो सकेगी पर इसके लिए नए सिरे से एग्रीमेंट करना होगा। नियमित नियुक्तियों की परीक्षा में असफल कॉन्ट्रैक्ट कर्मियों का अगर पद रिक्त रहेगा तो ऐसे पद पर पूर्व में कॉन्ट्रैक्ट पर कार्यरत रह चुके व्यक्ति को रखा जा सकेगा।

मानदेय समिति तय करेगी, हर साल रिविजन, न्यूनतम मजदूरी से कम नहीं
बहाल कर्मी का मानदेय विकास आयुक्त की अध्यक्षता में गठित समिति तय करेगी। मानदेय का निर्धारण सरकार में समकक्ष पद के वेतन और भत्तों को मिला किया जाएगा। हर वर्ष रिविजन होगा। मानदेय न्यूनतम मजदूरी से कम नहीं होगा।
नियमित नियुक्ति में कॉन्ट्रैक्ट वालों को दिया जाएगा वेटेज
नियमित नियुक्ति में ऐसे कॉन्ट्रैक्ट कर्मियों को वेटेज मिलेगा। कार्य अवधि के समान अवधि की छूट अधिकतम उम्र सीमा में मिलेगी। अधिकतम 5 अंक प्रति वर्ष की दर से अधिकतम 25 अंक दिये जा सकेंगे।

मातृत्व-पितृत्व अवकाश, मृत्यु पर 4 लाख अनुदान
इन कर्मियों के लिए पांच कार्यदिवस वाले कार्यालयों में वर्ष भर में 12 दिन और छह कार्यदिवस वाले कार्यालयों में 16 दिन का आकस्मिक अवकाश होगा। कॉन्ट्रैक्ट के दूसरे वर्ष से उन्हें एक वर्ष में 16 दिन अर्जित अवकाश मिलेगा। उन्हें मातृत्व और पितृत्व अवकाश भी मिलेगा। कॉन्ट्रैक्ट अवधि में मृत्यु होने पर निकटतम आश्रित को 4 लाख रुपए का अनुदान मिलेगा।

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