RJD के ऑफर पर याद आया 2013 का दौर:नरेंद्र मोदी को PM कैंडिडेट बनाने पर नीतीश ने BJP के मंत्रियों को कर दिया था बर्खास्त

पटना5 महीने पहले
  • कॉपी लिंक

RJD के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह ने नीतीश कुमार से अपील की है कि वे BJP के मंत्रियों को बर्खास्त करें और जाति जनगणना सहित विशेष राज्य के दर्जे की लड़ाई दमदार तरीके से लड़ें, महागठबंधन साथ देने को तैयार है। RJD बिहार में उस इतिहास को दोहराना चाहती है जब 2013 में BJP की तरफ से नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री उम्मीदवार घोषित किए जाने से नीतीश कुमार भड़क उठे थे और एक दिन में BJP कोटे के तमाम मंत्रियों को बर्खास्त कर दिया था। इसके बाद नीतीश कुमार ने NDA से अपना रिश्ता खत्म कर लिया था। नीतीश सरकार के बचाव में RJD-कांग्रेस जैसी पार्टियां सामने आई थीं।

9 माह भी नहीं चली मांझी की सरकार, नीतीश ने हटवा दिया था
इसके बाद 2014 में हुए लोकसभा चुनाव के बाद जब JDU को अच्छे नतीजे नहीं मिले तो नीतीश कुमार ने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए मुख्यमंत्री का पद छोड़ दिया और जीतन राम मांझी को मुख्यमंत्री बना दिया। लेकिन, नौ माह के अंदर मांझी ने पैंतरा दिखाना शुरू कर दिया। रबर स्टांप बनकर काम करने से इनकार कर दिया। राजनीतिक दांव-पेंच भी शुरू कर दिया। 2015 में नीतीश कुमार ने लालू प्रसाद से हाथ मिलाया। महागठबंधन का साथ पाकर RJD ने 80, JDU ने 71 और कांग्रेस ने 27 सीटें जीतीं।

महागठबंधन को 243 में 178 सीटें आईं। नीतीश कुमार मुख्यमंत्री और लालू पुत्र तेजस्वी यादव उपमुख्यमंत्री बनाए गए। लेकिन, जब RJD का दबाव नीतीश कुमार पर बढ़ने लगा तो तेजस्वी यादव पर भ्रष्टाचार के आरोप को लेकर नीतीश कुमार ने महागठबंधन का साथ छोड़ दिया। साल 2020 के चुनाव में NDA के अंदर BJP बड़े भाई और JDU छोटे भाई की भूमिका में आ गई।

RJD नीतीश कुमार को रास्ता दिखा रही!
ताजा हालात यह है कि राजद चाहती है कि नीतीश कुमार BJP के मंत्रियों को एक बार फिर से बर्खास्त करें और महागठबंधन का साथ लें। महागठबंधन साथ देने को तैयार है। RJD नीतीश कुमार को रास्ता भी दिखा रही है कि बिहार को विशेष राज्य का दर्जा नहीं देने और जाति जनगणना नहीं कराने के सवाल पर नीतीश कुमार भाजपा का साथ छोड़ दें।

RJD के ऑफर पर नीतीश कुमार का जवाब नहीं आया है
दिलचस्प यह है कि नीतीश कुमार की ओर से ऐसा कोई संकेत नहीं मिल रहा कि वे भाजपा का साथ छोड़ दें। उनके लिए नरेन्द्र मोदी 2013 वाले नरेन्द्र मोदी नहीं रह गए हैं। नीतीश कुमार की राजनीतिक मजबूरी कहें या कुछ और उन्होंने नरेन्द्र मोदी को राजनीतिक रूप से स्वीकार कर लिया है। भाजपा के मंत्रियों को बर्खास्त करें महागठंधन समर्थन को तैयार हैं, RJD के इस ऑफर पर नीतीश कुमार का जवाब नहीं आया है। लेकिन, इस ऑफर ने सभी के अंदर 2013 की याद ताजा कर दी है।