जगदानंद सिंह को आगे कर तेजस्वी ने दिखाई राजनीतिक चालबाजी:नीतीश का नहीं आया जवाब तो बोले- 50 बार बोल चुके एंट्री-एग्जिट की कोई गुंजाइश नहीं

पटना13 दिन पहले
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नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने राजनीतिक चालबाजी दिखाते हुए पटना में रहने के बावजूद CM नीतीश कुमार को ऑफर देने के लिए खुद को प्रेस कॉन्फ्रेंस से दूर रखा। RJD के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह से RJD कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस करवाया। सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर ऑफर दिया कि जाति जनगणना और बिहार को विशेष राज्य के दर्जे के सवाल पर BJP के मंत्रियों को बर्खास्त करें, महागठबंधन समर्थन के लिए तैयार है। अब जब नीतीश कुमार की ओर से कोई जवाब नहीं आ रहा है तो जगदानंद सिंह जैसे वरिष्ठ नेता की भद पिट रही है।

तेजस्वी यादव अपनी भद नहीं पिटवाना चाहते थे इसलिए खुद से प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं किया। यही नहीं अब तेजस्वी यादव इस सवाल पर कि अगर BJP का साथ नीतीश कुमार छोड़ते हैं तो क्या आप स्वागत करेंगे? कह रहे हैं कि किस चीज के लिए छोड़ेंगे? लिखकर ले लीजिए वो ऐसा कुछ नहीं करेंगे। इसके लिए कलेजा चाहिए, उनके पास कलेजा नहीं है। पूरा देश जानता है कि उनके पास कलेजा नहीं है। कहा कि हम तो 50 बार बोल चुके हैं कि एंट्री-एग्जिट की कोई बात ही नहीं है। तेजस्वी यादव ने यह बयान एक वेबसाइट से बातचीत में दिया है।

जाति जनगणना नीतीश कुमार के एंजेंडे में था ही नहीं

तेजस्वी यादव ने कहा है, 'जातीय जनगणना की जहां तक बात है लालूजी का संघर्ष रहा। हम लोगों की मांग पर प्रस्ताव के बाद बिहार विधानसभा से सर्वसम्मति से पास हुआ। नीतीश कुमार का कभी एजेंडा था ही नहीं। पास कराने में BJP भी थी। इफ एंड बट था ही नहीं, लेकिन जब पार्लियामेंट में मनाही हो गई तो हमारा कर्तव्य बनता था कि जाकर PM के सामने अपनी बातें रखें। हमने नीतीश कुमार को सुझाव दिया कि केन्द्र नहीं मान रहा तो कम से कम राज्य सरकार तो करा ले। अब इसको लेकर नौटंकी कर रहे हैं। सर्वदलीय बैठक बुला लीजिए पता चल जाएगा कौन आ रहा है नहीं।

हम नीतीश कुमार की जगह रहते तो जातीय जनगणना की घोषणा कर देते कि जातिगत जनगणना राज्य सरकार अपने खर्चे पर करा रही है। जब विधानसभा और विधान परिषद से प्रस्ताव पास हो ही गया तो सर्वदलीय बैठक का क्या मतलब। जहां विरोध का कोई माहौल नहीं था, वहां वे विरोध का माहौल बना दिए। जनता के मन में मौजूदा सरकार के प्रति गुस्सा है, नाराजगी है।'