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  • Former Bihar CM Jitan Ram Manjhi Apologized To Journalists, Said Did'nt Fulfilled Promises Made To You

मांझी ने पत्रकारों से माफी मांगी:हिंदी पत्रकारिता दिवस के दिन पूर्व CM ने कहा- आपको न्याय नहीं दिला सके, वादा पूरा नहीं किया, इसलिए शुभकामना देने का हक नहीं

पटना24 दिन पहले
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पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी ने बिहार के पत्रकारों से माफी मांग ली है। उन्होंने कहा है, 'माफ किजिएगा पत्रकार मित्रों!' पूर्व CM ने माफी क्यों मांगी, इसके पीछे उनकी पुरानी घोषणा है जो पूरी नहीं हो सकी है। हिन्दी पत्रकारिता दिवस के मौके पर मांझी ने अपनी पुरानी बातों को याद दिलाते हुए माफी मांगी है। बता दें कि बिहार में जीतन राम मांझी की पार्टी 'हम' सत्ता में है। उनके पुत्र संतोष सुमन सरकार में मंत्री हैं।

पूर्व मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया के जरिए कहा है कि जब हम पत्रकारों को न्याय नहीं दिला सकते तो हमें पत्रकारिता दिवस की शुभकामना देने का कोई अधिकार नहीं। माफ किजिएगा पत्रकार मित्रों! लेकिन जिस दिन हमारे दल के घोषणा पत्र में उल्लेखित पत्रकारों की योजनाएं लागू हो गईं, उस दिन आपके घर आकर “पत्रकारिता दिवस” की बधाई दूं।

पत्रकारों के लिए क्या था मांझी के घोषणा पत्र में?

जीतन राम मांझी ने अपने घोषणा पत्र में कहा था कि राज्य के मान्यता प्राप्त पत्रकारों के आवास के लिए पार्टी दृढ़संकल्पित है। इसके लिए ब्लॉक से लेकर राज्य स्तर के पत्रकारों के साथ-साथ दूसरे राज्यों में पत्रकारिता कर रहे बिहारी पत्रकारों को मार्केट मूल्य से मात्र 10% कीमत पर बिहार के किसी एक जिले में जमीन और फ्लैट मुहैया कराया जाएगा। शेष 90% राशि सरकार वहन करेगी। मान्यता प्राप्त बिहारी पत्रकार, जो दूसरे राज्यों में भी कार्यरत हों, उनके और उनके परिवार के सभी सदस्यों के लिए पार्टी मुफ्त जीवन बीमा की व्यवस्था सुनिश्चित करवाएगी।

'हम' के घोषणा पत्र में रोजगार सृजन के लिए 50% सब्सिडी भी

  • पत्रकार परिवार के किसी एक सदस्य को रोजगार सृजन के लिए 50% सब्सिडी रेट पर 25 लाख तक का लोन दिया जाएगा ताकि विकट परिस्थितियों में उन्हें कष्ट न हो। लोन की राशि का मात्र 12.5 लाख रूपया ही जमा करना होगा।
  • मान्यता प्राप्त पत्रकारों के साथ न्यूज कवरेज के दौरान किसी अप्रिय घटना/हादसा हो जाने और उनकी मृत्यु होने पर पत्रकार परिवार को एक करोड़ का मुआवजा और किसी एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाएगी।
  • समाचार कवरेज के दौरान किसी हादसे में किसी पत्रकार के अपंग हो जाने की स्थिति में परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाएगी और पीड़ित पत्रकार को जीवन यापन के लिए पेंशन की व्यवस्था की जाएगी।
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