बेफिक्र नहीं, कोरोना से सावधान रहें:AIIMS में ऑर्गन फेल होने से 4 बच्चों की मौत, पाटलिपुत्र की 11 साल की बच्ची की मौत से दहशत

पटना10 महीने पहले
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पटना AIIMS में मल्टीपल इनफ्लेमेटरी सिंड्रोम के कारण ऑर्गन फेल्योर से हाल में 4 बच्चों की मौत हो चुकी है। पटना के पाटलिपुत्रा की रहने वाली 11 साल की आरोही की भी ऑर्गन फेल्योर कंडीशन में मौत हो गई है। आरोही की मौत से हड़कंप है, क्योंकि बुखार के बाद उसकी हालत बिगड़ती गई। AIIMS के शिशु रोग विभाग के HOD डॉ. लोकेश तिवारी ने बताया कि बच्ची पहुंची तो उसका ब्रेन डेड हो चुका था। जांच में पता चला कि पहले अटैक आया था।

एंटीबॉडी जांच से पहले हो गई मौत
पाटलिपुत्र के गोसाईं टोला की रहने वाली 11 साल की आरोही कुमारी की मौत का कारण कोरोना बताया जा रहा है। बुधवार देर रात उसे पटना AIIMS ले जाया गया था, जहां उसकी मौत हो गई। 11 साल की आरोही कुमारी की मौत एम्स पहुंचने के कुछ घंटे बाद ही हो गई। इससे पहले मंगलवार को बुखार की शिकायत पर उसे कुर्जी होली फैमिली हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। AIIMS में पहुंचने पर उसे मल्टीपल इनफ्लेमेटरी सिंड्रोम से ग्रसित पाया गया। गुरुवार को उसकी एंटीबॉडी जांच कराने की तैयारी थी लेकिन उससे पहले ही उसकी मौत हो गई।

AIIMS के डॉक्टर भी पूरी तरह नहीं कर पाए जांच
पटना AIIMS के बाल रोग विभाग HOD डॉ. लोकेश तिवारी का कहना है कि बच्ची ब्रेन डेड्र कंडीशन में पटना AIIMS में पहुंची थी। जांच से पता चला कि AIIMS से पहले एक बार उसे हार्ट अटैक आ चुका था। इलाज किया गया। वेंटिलेटर पर रखा गया इलाज कर बचाने का पूरा प्रयास किया गया, लेकिन सफलता नहीं मिल पाई। मासूम आरोही के चाचा रंजन कुमार से बात की तो उन्होंने सिर्फ इतना बताया कि आरोही को बुखार आया था तो कुर्जी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया वहां से उसे AIIMS के लिए रेफर कर दिया गया था।

पटना AIIMS में भी दो बार आया अटैक
पटना AIIMS के बाल रोग विभाग HOD डॉ. लोकेश तिवारी का कहना है कि AIIMS में इलाज शुरू होने पर भी दो बार हार्ट अटैक आ गया। इसके बाद आनन-फानन में उसे वेंटिलेटर पर भी रखा गया। डॉक्टर्स का कहना है कि कोरोना जांच को लेकर गुरुवार को उसकी एंटीबॉडी जांच करानी थी, इससे पहले देर रात उसकी मौत हो गई। आरोही कुमारी की बुखार के बाद बिगड़ी हालत को लेकर डॉक्टर भी कुछ विशेष कारण नहीं बता पा रहे हैं।

मंगलवार को बुखार से परेशान आरोही की दो दिनों में मौत कई सवाल छोड़ गई है। पटना AIIMS के बाल रोग विभाग HOD डॉ. लोकेश तिवारी ने भी यह बताने में असमर्थता जताई है कि बच्ची को कितने दिनों से बुखार था और उसके AIIMS पहुंचने के पहले घर वालों या कुर्जी के डॉक्टरों ने मल्टीपल इनफ्लेमेटरी सिंड्रोम का कोई लक्षण देखा भी था या नहीं।

इम्यूनिटी की कमी नहीं फिर भी ऐसे केस में गई जान
कोरोना को लेकर अगर आप गंभीर नहीं हैं तो यह जानना आपके लिए जरुरी है कि बच्चों की मौत का कारण ही नहीं पता चल रहा है। कोरोना केस में देखा जा रहा है कि बच्चों में इम्युनिटी अधिक होने के कारण कुप्रभाव कम है, लेकिन AIIMS में मल्टीपल इनफ्लेमेटरी सिंड्रोम के कारण ऑर्गन फेल्योर से बच्चों की मौत हो रही है। पटना AIIMS में पटना के गोसाईं टोना की रहने वाली 11 साल की आरोही की मौत का चौथा केस है। गुरुवार को मौत का चौथा मामला हुआ। ऐसे मामलों में बच्चों के अंग एक-एक कर फेल होने लगते हैं।

अगर ऐसे लक्षण दिखे तो हो जाएं अलर्ट
कोरोना काल में पूरी तरह से सावधानी बरतें और हमेशा अलर्ट रहें। बच्चों की सेहत को लेकर हमेशा एक्टिव रहें। खाने पीने के साथ उनकी एक्टिविटी पर ध्यान दें। खुद मास्क और सोशन डिस्टेंस का पालन करें। पटना AIIMS के शिशु रोग विभाग के HOD डॉ. लोकेश तिवारी का कहना है कि बच्चों को लेकर हमेशा गंभीर रहें। अगर बच्चों में बुखार के साथ साथ सांस तेज चलने लगे, झटका लगने लगे, हाथ-पैर रेस्टलेस हो जाए तो तुरंत डॉक्टर्स से सलाह लेनी चाहिए।

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