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मझुआ कांड पर सियासी बवाल:केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह बोले- मुसलमानों पर हमला हुआ होता तो राहुल गांधी पहुंच जाते; ओवैसी इनके नेता, इसलिए समाज को खतरा

पटना5 महीने पहले
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पूर्णिया जिले के बायसी प्रखंड के मझुआ गांव में दो समुदायों के बीच हुए खूनी संघर्ष पर बवाल बढ़ता जा रहा है। भाजपा के फायर ब्रांड नेता गिरिराज सिंह ने एक विवादित बयान देकर इसे और सुलगा दिया है। उन्होंने कहा कि अगर मुसलमानों के साथ ऐसा अत्याचार हो गया होता तो राहुल गांधी पहुंच जाते। उन्नाव पर राहुल गांधी पॉलिटिकल टूरिज्म करते हैं, लेकिन इस पर चुप रहते हैं। बता दें कि गांव में 19 मई की रात एक खास समुदाय के लोगों ने महादलित लोगों के घरों में आग लगा दी थी। उनके साथ बेरहमी से मारपीट भी की गई थी। इसमें एक सेवानिवृत चौकादार मेवालाल राय की मौत हो गई। घटना में 13 लोग गंभीर रूप से जख्मी हो गए। इसके बाद से वहां तनाव है।

घटना का स्पीडी ट्रायल हो

केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कांग्रेस के सेक्युलरिज्म और RJD के MY समीकरण पर सवाल उठाया है। आरोप लगाया कि 200-300 खास समुदाय के लोगों ने महादलितों के 23 घरों में आग लगाई है। घटना का स्पीडी ट्रायल होना चाहिए। उन्होंने कहा कि ये घटना बायसी विधानसभा में हुई है, जिसका प्रतिनिधित्व ओवैसी की पार्टी AIMIM कर रही है। AIMIM से वहां सामाजिक ताने-बाने को खतरा पैदा हो गया है।

साथ ही सिंह ने देश के चिकेन नेक पर खतरे की बात भी कही। कहा- पूर्णिया और किशनगंज से लेकर पश्चिम बंगाल-असम तक ये चिकेन नेक की बात करते हैं। शरजील इमाम ने कहा था चिकेन नेक काट देंगे और ये बहुत बड़ी घटना हो गई। वहीं, पूर्णिया जिला प्रशासन ने कहा है कि सोशल मीडिया पर एक समुदाय विशेष को लेकर भ्रांति फैलाई जा रही है। आरोपी कहीं बाहर से नहीं आये थे, बल्कि दोनों पक्ष के लोग स्थानीय ही हैं।

MY समीकरण पर चलने वाली पार्टी पर भी सवाल

गिरिराज सिंह ने RJD के सेक्युलरिज्म पर भी सवाल उठाया है। कहा कि MY समीकरण पर इनकी पार्टी और राजनीति चलती है। ओवैसी की जीत सामाजिक समरसता के लिए खतरा है। कहा क‍ि सीमांचल में घुसपैठ की बात 200 प्रतिशत सही है, लेकिन इन्हें ये दिखाई नहीं दे रहा, वोट दिखाई दे रहा है। मैं राज्य सरकार से कहूंगा क‍ि ऐसी कार्रवाई करे कि दोबारा कोई अपराध के बारे में सोच भी नहीं सके। उन्‍होंने कहा क‍ि ओवैसी की पार्टी मुसलमानों के नाम पर चुनाव लड़ती है और जिन्ना के सिद्धांतों पर चलती है। पांच सीट जीतना बिहार की सामाजिक समरसता के लिए ठीक नहीं है।

दो दिन पहले तेजस्वी ने ट्वीट किया था

नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने दो दिन पहले ट्वीट कर कहा था कि 'पूर्णिया में उग्र भीड़ द्वारा गरीबों और महादलितों के घर जला उनके साथ मारपीट की गई। यह शर्मनाक घटना बिहार की नीतीश सरकार पर कलंक है। अविलंब दोषियों पर कड़ी कार्रवाई कर पीड़ितों को पक्का घर व मुआवजा दिया जाए।'

क्या है पूरा मामला

बायसी अनुमंडल मुख्यालय की खपड़ा पंचायत के मझुआ गांव में दो पक्षों के बीच हुए 19 मई को खूनी संघर्ष हुआ। इसमें एक सेवानिवृत चौकीदार नेवालाल राय की मौत हो गई। जबकि गांव में तैनात चौकीदार दिनेश राय हमले में गंभीर रूप से घायल हो गये। वहीं एक दर्जन घरों में आग लगा दी गई। दरअसल, शाम में दोनों पक्षों के बीच आंगन में टटिया लगाने को लेकर विवाद हुआ था। ग्रामीणों ने बताया कि बीती रात 10 से 11 बजे सैकड़ों असामाजिक तत्वों ने लाठी व तलवार से लैस होकर मझुआ गांव के महादलित टोला में हमला कर दिया।

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63 बने नामजद आरोपी

इस मामले में कुल 63 लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया है। 150 अज्ञात लोगों को भी इसमें शामिल किया गया है। इसमें अब तक 11 लोगों को गिरफ्तारी हो चुकी की है। अन्य लोगों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है।

थानेदार लाइन हाजिर

एसपी दयाशंकर ने बायसी थानेदार अमित कुमार को हटाकर लाइन हाजिर कर दिया है। वहीं, धमदाहा सर्किल इंस्पेक्टर सुशील कुमार सुमन को बायसी का नया थानाध्यक्ष बनाया। नए थानेदार ने भी कार्यभार संभाल लिया है।

पुलिस की लापरवाही

पहले भी पुलिस ने किया था कैंप

मजरा गांव में सबसे पहले 2015 में महादलित परिवार के घर को जलाकर विवाद शुरू किया गया था। दो बार विवाद होने के बाद घटनास्थल पर लगातार करीब तीन वर्ष तक पुलिस कैंप करती रही। जब तक पुलिस कैंप रहा कोई भी अप्रिय घटना नहीं घटी। पुलिस कैंप हटने के बाद से ही विवाद शुरू होने लगा। लेकिन 24 अप्रैल को एक ही परिवार के दो घरों में आग लगाई गई थी।

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