बिहार में 23 की मौत, जहरीली शराब पीने की आशंका:गोपालगंज में 13 और बेतिया में 10 लोगों की जान गई, 14 की हालत गंभीर

गोपालगंज6 महीने पहले

बिहार के दो जिलों में बीते दो दिनों में 23 लोगों की मौत हो चुकी है। 14 की हालत गंभीर है। मरने वालों में 13 गोपालगंज के रहने वाले थे। यहां 7 लोगों की हालत गंभीर है। इनमें 3 लोगों की आंखों की रोशनी चली गई है। बेतिया में 10 मौतें हुई हैं। यहां 7 लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है। आशंका है कि इन सभी ने जहरीली शराब पी थी।

गोपालगंज में जिन लोगों की शराब पीने से तबीयत बिगड़ी, उनका मोतिहारी के अस्पतालों में इलाज चल रहा है। मरने वाले सभी लोग महम्मदपुर थाने के कुशहर, महम्मदपुर, मंगोलपुर, बुचेया और छपरा के मसरख थाने के रसौली गांव के रहने वाले थे। इन सभी ने मंगलवार को शराब पी थी। इसके बाद इनकी तबीयत बिगड़ना शुरू हो गई थी।

गांव वालों ने बताया कि बुधवार शाम तक 8 लोगों की मौत हुई थी। वहीं, गुरुवार सुबह तक मोतिहारी और गोपालगंज के अस्पताल में भर्ती पांच और लोगों की मौत हो गई। इससे मृतकों की संख्या बढ़कर 13 हो गई। हालांकि, प्रशासन ने गुरुवार सुबह तक मरने वालों की संख्या में बढ़ोतरी की बात से इनकार किया है। जिन आठ लोगों की पहले मौत हुई थी बुधवार शाम को इन सभी के घर खनन मंत्री जनक राम पहुंचे। उन्होंने कार्रवाई का भरोसा दिया।

इनकी आंख की रोशनी चली गई।
इनकी आंख की रोशनी चली गई।

बेतिया प्रशासन ने कहा- मामला संदिग्ध है
बेतिया की घटना में पीड़ितों के परिजन ने बताया कि बुधवार शाम इन लोगों ने गांव में देसी चुल्हाई शराब पी थी। देर रात तबीयत बिगड़ने पर अस्पताल में भर्ती करवाया। इनमें से 10 लोगों ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। उधर, पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत का कारण स्पष्ट हो पाएगा। DM कुंदन कुमार का कहना है कि मामला संदिग्ध लग रहा है। मेडिकल टीम भेजकर जांच करवाई जा रही है। पूरी खबर पढ़ें...

शराबबंदी के बाद से अब तक 121 मौतें
बिहार में 5 अप्रैल 2016 को शराबबंदी हुई। तब से अब तक 123 लोगों की मौत शराब पीने की वजह से मानी जाती है। बताया जाता है कि ये मौतें जहरीली शराब से हुई हैं। 2016 से 2020 तक 35 लोगों की मौत हुई थी। इस साल अब तक 86 जानें गई हैं। इनमें बीते 48 घंटों में हुईं 21 मौतें भी शामिल हैं।

सूत्रों के मुताबिक, पंचायत चुनाव की वजह से शराब की डिमांड बढ़ी। इस वजह से शराब माफिया ने कलर और स्प्रिट की मात्रा बढ़ा दी। इससे बनी शराब को विदेशी बताकर पिलाने के कारण लोगों की जानें जा रही हैं।

खजूरबनी शराबकांड में 9 को मिली थी फांसी की सजा
2016 से अब तक सिर्फ गोपालगंज में 36 लोगों की मौत जहरीली शराब से होने की बात सामने आ रही है। इसमें इस साल की 17 मौतें भी शामिल हैं। इससे पहले 2016 में 19 लोगों की मौत जहरीली शराब पीने से हुई थी। 15-16 अगस्त 2016 को खजूरबानी में यह घटना हुई थी। इसकी पुष्टि कोर्ट में हो गई थी। मामले में 5 मार्च 2021 को स्पेशल कोर्ट ने 13 लोगों को सजा भी सुना दी। पहली बार शराब कांड में 9 को फांसी दी गई, जबकि 4 को उम्रकैद मिली।