जिसके पिता-भाई का मर्डर, वह सुरक्षा में पहुंची घर:भास्कर की खबर पर पुलिस गई, मगर मुंगेर में अब भी खौफ; 3 FIR में 30 नामजद, 2 ही गिरफ्तार

मुंगेरएक वर्ष पहले
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घर के अंदर जातीं मृतक पिता-पुत्र के परिवार की महिलाएं। - Dainik Bhaskar
घर के अंदर जातीं मृतक पिता-पुत्र के परिवार की महिलाएं।
  • पिता-पुत्र की हत्या के बाद परिवार के सभी सदस्य अन्य रिश्तेदारों के यहां चले गए थे
  • रविवार को कुछ घरों से लोग बाहर निकले लेकिन सभी के चेहरे खौफजदा थे

मुंगेर के कासिम बाजार के चांय टोला में तीन लोगों की हत्या के 40 घंटे बाद भी दहशत का माहौल कायम है। इलाके के लोगों के चेहरे पर खौफ दिख रहा है। शुक्रवार की रात हुईं इन तीन हत्याओं के बाद शनिवार को मोहल्ले के सारे घरों के दरवाजे बंद थे। रविवार को कुछ घरों से लोग बाहर निकले लेकिन सभी के चेहरे खौफजदा थे। उधर, जयजयराम साह का घर खाली है। घर में कोई सदस्य नहीं है। जयजयराम साह और उनके बेटे कुंदन साह की हत्या के बाद परिवार के सभी सदस्य अपने अन्य रिश्तेदारों के यहां चले गए थे।

फिर से हमले का डर

जयजयराम साह की बेटी प्रियंका ने भास्कर को कहीं से फोन पर बताया था कि उनके पिता और भाई के कातिल उसके घर पर फिर हमला कर सकते हैं। घर पर कोई नहीं है इसलिए वहीं लूटपाट भी कर सकते हैं। परिवार की महिलाओं ने पुलिस से गुहार लगाई है कि पुलिस अपनी सुरक्षा में घर की महिलाओं समेत सभी सदस्य को घर पर सुरक्षित पहुंचा दे। भास्कर पर जब महिलाओं की इस गुहार की खबर चली तो पुलिस हरकत में आई। महिलाओं को पुलिस ने कासिम बाजार थाने पर बुलाया और अपनी सुरक्षा में उनके घर ले गई। इस पूरे कांड में अब तक 2 लोगों की गिरफ्तारी हुई है जबकि 3 अलग-अलग FIR में 30 लोगों को नामजद आरोपी बनाया है।

भास्कर पर जब यह खबर चली तो पुलिस महिलाओं को उनके घर पर लेकर गई।
भास्कर पर जब यह खबर चली तो पुलिस महिलाओं को उनके घर पर लेकर गई।

कासिम बाजार थाने की पुलिस अपनी जीप में मृतक जयजयराम साह के परिवार के सदस्यों को उनके घर पर लेकर गई। परिवार के सदस्यों में जयजयराम साह की दोनों बेटियां अनामिका और प्रियंका के अलावा उनकी मौसी स्वीटी कुमारी और चचेरा भाई रॉकी थे। पुलिस की सुरक्षा में ये लोग घर पहुंचे। परिवार के सभी सदस्यों के चेहरे पर खौफ दिख रहा था। जयजयराम साह की दोनों बेटियां काफी गमजदा लग रही थीं। उन्होंने वहां मौजूद लोगों में से किसी से बात नहीं की और सीधे घर के अंदर चली गईं। थोड़ी देर के बाद सभी बाहर निकले और घर में ताला लगाकर पुलिस की गाड़ी में बैठकर वापस थाने चले गए। सभी के हाथ में कुछ न कुछ सामान थे। अनामिका और प्रियंका के हाथ में कुछ कागजात थे। सभी लोग कुछ कपड़ों के अलावा अपने साथ गहने भी ले आए। थाने से सभी लोग अपने रिश्तेदार के घर चले गए।

घर से सामान लेने के बाद पुलिस की गाड़ी की तरफ जाते जयजयराम साह के परिजन।
घर से सामान लेने के बाद पुलिस की गाड़ी की तरफ जाते जयजयराम साह के परिजन।

SP से सुरक्षा की मांग

इससे पहले अनामिका ने बताया था कि गांव से सूचना मिली है कि दूसरे पक्ष के लोग उनके घर को लूटने की तैयारी कर रहे हैं। बाहर से आदमी को बुला रहे हैं। SP से निवेदन है कि वे हमारे साथ घर तक फोर्स को भेजें। वे घर में बचे हुए सामान को सुरक्षित लाना चाहती हैं। कासिम बाजार थाने की पुलिस मौजूद है लेकिन वह कोई सुरक्षा नहीं दे रही है। वे लोग पास के मंदिर में जाकर सो जाते हैं।

नाम का खुलासा नहीं
इस मामले में पहली FIR जयजयराम साह की बेटी प्रियंका ने दर्ज कराई है। इसमें 17 लोगों को नामजद किया गया है। ये नाम कौन है पुलिस इसका खुलासा नहीं कर रही है। दूसरी FIR परमेश्वर महतो उर्फ रावण के बेटे रंजीत महतो ने कराई है। उसने 9 लोगों को नामजद और 10 से 12 अज्ञात लोगों को आरोपित किया है। तीसरी FIR पुलिस ने कराई है। इसमें परमेश्वर महतो के साथ हिंसा में शामिल 4 लोगों को नामजद और 100 से अधिक अज्ञात लोगों को आरोपित किया गया है। पुलिस की ओर से कासिमपुर थाने के SI राजेश कुमार ने यह FIR दर्ज कराई है। उन्होंने इसमें पथराव के दौरान कुछ पुलिसकर्मियों के घायल होने की भी बात कही है।

पुलिस ने चंदन को नहीं छोड़ा
फायरिंग, हत्या और पथराव के इस मामले में अभी तक दो लोगों को ही गिरफ्तार किया गया है। इसमें मृतक जयजयराम साह का दूसरा बेटे चंदन साह और दूसरे पक्ष से परमेश्वर महतो का बेटा रंजीत महतो शामिल है। चंदन महतो को शनिवार को उनके परिवार की महिलाओं की लाख गुहार के बाद भी नहीं छोड़ा गया। महिलाओं का आग्रह था कि पिता को मुखाग्नि देने के लिए कुछ देर के लिए चंदन को छोड़ दिया जाए। लेकिन पुलिस नहीं मानी।

फिर हमले के डर से मां को अस्पताल से ले गए

मृतक जयजयराम साह की पत्नी संगीता देवी शनिवार की शाम तक सदर अस्पताल में भर्ती थीं लेकिन रात में परिवार के लोग उन्हें अस्पताल से किसी रिश्तेदार के यहां ले गए। उनकी बेटी प्रियंका ने बताया कि उन लोगों को डर था कि रात में उसके पिता ओर भाई के हत्यारे अस्पताल में उसकी मां पर हमला कर सकते हैं। रविवार की दोपहर संगीता देवी को फिर से अस्पताल में भर्ती करा दिया गया। शुक्रवार की रात हुई हिंसा में संगीता देवी को भी बुरी तरह मारा-पीटा गया था जिससे वे घायल हो गई थीं।

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