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ग्रामीणों ने श्रमदान से बनाया बांध:बगहा के पचफेड़वा में मनोर नदी ले गई किसानों के 30 एकड़ खेत, प्रशासन ने नहीं सुनी तो खुद से बना लिया बांध

बगहाएक महीने पहले
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श्रमदान से बांध का निर्माण करते ग्रामीण। - Dainik Bhaskar
श्रमदान से बांध का निर्माण करते ग्रामीण।

बगहा में प्रशासनिक मदद नहीं मिली तो ग्रामीणों ने आपसी सहयोग से ही बांध बनाने का काम शुरू कर दिया। बगहा के पचफेड़वा गांव के पास पहाड़ी नदी मनोर के द्वारा पचफेड़वा में पिछले कुछ दिनों से लगातार कटाव जारी है। इससे आम लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। पहाड़ी नदी के कटाव के कारण पचफेड़वा के किसानों को काफी क्षति हो चुकी थी। उनके 25 से 30 एकड़ खेत नदी में विलीन हो चुके हैं। लगभग 30 से 40 एकड़ में लगे गन्ना व धान के बिचड़े भी नदी की धारा में बह चुके हैं, जिससे किसानों ने श्रमदान से बांध बनाने का काम शुरू कर दिया।

SDM से लोगों ने लगाई थी गुहार
पंचायत के मुखिया बिहारी महतो ने बताया कि कटाव को लेकर हुए नुकसान की जानकारी प्रखंड व अनुमंडल प्रशासन को दे दी गई है, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई काम नहीं हुआ है। पचफेड़वा के लोगों ने SDM से कटावरोधी कार्य कराने की गुहार लगाई थी। ग्रामीणों की गुहार पर SDM शेखर आनंद ने स्थल का निरीक्षण कर तत्काल कार्य कराने का आश्वासन दिया था, लेकिन कार्य में हो रही देरी और नदी के कटाव से परेशान लोगों ने कटाव से बचाव के लिए खुद ही बीड़ा उठा लिया।

सैंड बैग और बांस-बल्ला से शुरू कर दिया काम
ग्रामीणों ने आपसी सहयोग से सैंड बैग और बांस-बल्ला तथा तार के माध्यम से कटावरोधी कार्य शुरू कर दिया, ताकि पचफेड़वा घुरौली का आवागमन बाधित ना हो और उनके खेत कटने से बच जाए।

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