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मझुआ कांड पर दी सफाई:11 दिन बाद सामने आया हिंदू जागरण मंच, कहा- प्रशासन से पहले मदद के लिए पहुंचे हम, काम में फेल विधायक लगा रहे बेबुनियाद आरोप

पटना24 दिन पहले
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पूर्णिया के मझुआ गांव में 19 मई की रात हुई हिंसा और आगजनी के मामले में 11 दिन बाद हिंदू जागरण मंच ने अपनी सफाई दी है। हिंदू जागरण मंच ने बयान जारी कर अपने संगठन पर लग रहे आरोपों को झूठा बताया है। संगठन ने बायसी विधायक के उस बयान पर आपत्ति जताई है जिसमें उन्होंने हिंदू जागरण मंच पर गांव का धार्मिक सौहार्द बिगाड़ने के आरोप लगाए थे।

प्रशासन से पहले मदद के लिए पहुंचे हम - हिंदू जागरण मंच

हिंदू जागरण मंच की ओर से संगठन मंत्री यशवंत कुमार सिंह ने बयान जारी किया है । उनका कहना है कि हमारे संगठन के लोगों ने वहां जाकर पीड़ित लोगों के बीच खाना बांटा । पीड़ित परिवार के बीच दवाइयां और जरूरत की बहुत सारी चीजों से मदद की गई। संगठन ने दावा किया है कि उनके दौरे के बाद ही वहां प्रशासन जागा और राजनीतिक दल सक्रीय हुए । मंच ने बायसी के विधायक पर सोशल मीडिया के जरिये झूठ फैलाने का आरोप लगाया है । मझुआ गांव में हुई हिंसा को सुनियोजित तरीके से किया गया अपराध बताते हुए हिंदू जागरण मंच अपराधियों की अभिलंब गिरफ्तारी की मांग की है।

AIMIM विधायक ने मंच पर लगाया था आरोप

AIMIM पार्टी से आने वाले बायसी के विधायक सैयद रूकनुद्दीन ने मीडिया को दिए अपने बयान में हिंदू जागरण मंच और विश्व हिंदू परिषद् पर धार्मिक वैमनस्य बढ़ाने के आरोप लगाए थे। विधायक का कहना था कि जमीनी विवाद के इस मामले को ये संगठन धार्मिक रंग देने की कोशिश रहे हैं। विधायक ने इन संगठनों के लोगों को गांव में जाने से रोकने की भी मांग की थी। विधायक कहना था कि ये लोग गांव के लोगों को भड़का रहे हैं ।

क्या है पूरा मामला

पूर्णिया जिले के बायसी अनुमंडल मुख्यालय की खपड़ा पंचायत के मझुआ गांव में दो पक्षों के बीच हुए विवाद में 19 मई की रात एक सेवानिवृत चौकीदार की मौत हो गयी थी। एक दर्जन घरों में आग लगा दी गई थी। विवाद के दौरान घर में सो रही गर्भवती महिला एवं बूढ़े व्यक्ति को भी जमकर पीटा गया था। ग्रामीणों ने पुलिस को बताया था कि रात 10 से 11 बजे के बीच सैकड़ों की संख्या में असामाजिक तत्वों ने लाठी व तलवार से लैस होकर मझुआ गांव के महादलित टोला पर हमला कर दिया था। मामला महादलित परिवारों से जुड़ा होने के कारण विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच इस मामले को लेकर जमकर बयानबाजी हुई थी। मामले में अबतक 63 लोगों को नामजद आरोपी बनाया है। 150 अज्ञात लोगों को भी इसमें शामिल किया गया है। इसमें अब तक दो लोगों की गिरफ्तारी हो सकी है।

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