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कोरोना के बीच मंदिर में 25 हजार की भीड़:मधेपुरा में बाबा विशु राउत को दूध चढ़ाने उमड़ी भीड़, पुलिस ने मंदिर गेट को किया बंद, दुकानदारों को खदेड़ा

मधेपुरा2 महीने पहले
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मंदिर परिसर में भक्तों की उमड़ी भीड़। - Dainik Bhaskar
मंदिर परिसर में भक्तों की उमड़ी भीड़।

कोरोना पूरे प्रदेश में कहर बरपा रहा है। मधेपुरा जिले में संक्रमितों की संख्या 200 पार कर गई है। इस बीच यहां के चौसा में पशु पालकों के देवता बाबा विशु राउत के मंदिर में करीब 25 हजार लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी है। श्रद्धालु बाबा विशु राउत की समाधि पर दूध चढ़ाने के लिए टूट पड़े हैं। सूचन मिलते ही मौके पर पुलिस पहुंच गई है। मंदिर गेट को बंद कर दिया गया है। मंदिर परिसर के बाहर दुकानदारों को खदेड़ा जा रहा है। कड़ी मशक्कत से पुलिस भीड़ को हटा रही है।

कोरोना संक्रमण के बीच दूध चढ़ाने के लिए भक्तों की भीड़।
कोरोना संक्रमण के बीच दूध चढ़ाने के लिए भक्तों की भीड़।

मंदिर बंद रखने का लिया गया था फैसला

मधेपुरा के पचरासी स्थल में पूर्वोतर बिहार के सबसे चर्चित लोक देवता बाबा विशु राउत का मेला हर साल बहुत वृहद पैमाने पर लगता है। मेष सतुआ संक्रांति के मौके पर बिहार सरकार द्वारा प्रत्येक वर्ष चार दिवसीय राजकीय मेला लगाया जाता है। लेकिन, इस बार कोरोना संक्रमण के मद्देनजर सरकार ने इस बार मेला आयोजित नहीं करने का निर्णय लिया है। प्रशासनिक दृष्टिकोण से बाबा विशु राउत मंदिर पूरी तरह बंद रखने का फैसला लिया गया था।

भीड़ हटाने में जुटी पुलिस।
भीड़ हटाने में जुटी पुलिस।

मेले पर इस साल प्रतिबंध
मेले में बुधवार की सुबह से ही दुग्धाभिषेक के लिए पशुपालकों की भीड़ लगी रहती है। मेला सर्वोच्च समिति के सदस्य रामदेव सिंह, मुर्शीद आलम, रघुनंदन प्रसाद यादव ने बताया कि कोरोना संक्रमण को देखते हुए राज्य सरकार ने राजकीय मेले पर प्रतिबंध लगा दिया है।

प्रसाद को घर ले जाने के लिए दूध को जमा करते श्रद्धालु।
प्रसाद को घर ले जाने के लिए दूध को जमा करते श्रद्धालु।

हर साल आते हैं लाखों श्रद्धालु
बाबा विशु राउत मंदिर मधेपुरा जिले के चौसा प्रखंड मुख्यालय से आठ किलोमीटर दक्षिण पचरासी स्थल पर स्थित है। अपने धार्मिक महत्व के कारण यह सैकड़ों वर्षों से जाना जाता है। हर सोमवार एवं शुक्रवार को वैरागन मेला में श्रद्धा एवं भक्ति के साथ यहां दुग्धाभिषेक किया जाता है। मेष सतुआ सक्रांति के अवसर पर यहां 14 अप्रैल से चार दिवसीय विशाल मेले का आयोजन किया जाता है। मेले में बिहार के कोने-कोने से लोग आते हैं। दूसरे राज्यों से भी श्रद्धालु आते हैं। वे बाबा विशु राउत की प्रतिमा पर दुग्धाभिषेक करते हैं। लाखों श्रद्धालुओं के दुग्धाभिषेक से ऐसा लगता है जैसे मंदिर के बाहर दूध की नदी बह रही हो।