• Hindi News
  • Local
  • Bihar
  • Jagdanand's Son Ajit Singh Said Different Rules For Lalu Family Are Different For Other Workers

JDU का तंज- RJD प्राइवेट कंपनी की तरह काम करती:जगदानंद के बेटे अजीत सिंह बोले- लालू परिवार के लिए अलग नियम बाकी कार्यकर्ताओं के लिए अलग

पटना9 महीने पहले
  • कॉपी लिंक

राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने शनिवार की रात दिल्ली में राज्य सभा की दो सीटों को लेकर बड़ा फैसला लिया है। जानकारी अनुसार तय यह हुआ है कि लालू परिवार को छोड़ कर बिहार का कोई भी पेंशनधारी पूर्व जनप्रतिनिधि राज्य सभा का राजद उम्मीदवार नहीं बनाया जाएगा। लेकिन लालू परिवार पर नियम लागू नहीं होगा। जदयू ने कहा है कि राजद के अंदर कितना लोकतंत्र है इसकी कलई खुल गई है।

सुनील सिंह ने ट्वीट कर लिखा

तेजस्वी पार्लियामेंट्री बोर्ड का सदस्य होने के बावजूद बैठक में नहीं शामिल हुए, वहीं तेजप्रताप इसके सदस्य नहीं होने के बावजूद राबड़ी देवी और मीसा भारती के साथ बैठक में शामिल हुए। जहां तक बात मीसा भारती के फिर से राज्य सभा जाने का है तो इसे तय माना जा रहा है। पार्टी के वरिष्ठ नेता सुनील कुमार सिंह ने मीसा भारती के साथ फोटो ट्वीट कर लिखा- ‘माननीय राज्यसभा सांसद मीसा भारती जी वुड बी...! अब इससे आगे न पूछिए और न हम बताएंगे मित्रों!’ सुनील कुमार सिंह और मीसा भारती की मुस्कान बता रही है कि मीसा भारती का फिर से राज्य सभा जाना तय है। यह इसलिए भी तय माना जा रहा है कि लालू प्रसाद के एम्स से आने के बाद मीसा भारती के आवास में ही लालू रहते आ रहे हैं। वे पिता के स्वास्थ्य को लेकर काफी सजग रहती हैं।

मीसा पर तेजस्वी ने कहा- इस पर कुछ नहीं कह सकते

तेजस्वी यादव ने पटना आने पर बयान दिया कि राजद के पार्लियामंट्री बोर्ड की बैठक और राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव के निर्णय के बाद उम्मीदवारों के नाम तय किए जाएंगे। उम्मीदवार के चयन के लिए राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद को अधिकृत कर दिया गया है। तेजस्वी से मीसा भारती को राज्य भेजे जाने के सवाल पर कहा कि इस पर वे कुछ नहीं कह सकते हैं।

पार्लियामेट्री बोर्ड में तीन लोग एक परिवार से बैठते हैं, ऐसी बैठक का मतलब नहीं

जदयू नेता और जगदानंद सिंह के पुत्र अजीत सिंह ने भास्कर से बातचीत में कहा है कि राजद के इंटरनल डेमोक्रेसी की एक बार फिर कलई खुल गई है। राजद पार्लियामेंट्री बोर्ड में तीन लोग एक ही परिवार से बैठते हैं और बाकी दो नहीं बैठकर भी खूब प्रभावी रहते हैं। यह पार्टी नहीं प्राइवेट लिमिटेड कंपनी है। ऐसी बैठकों का कोई मतलब नहीं। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं को पगडंडियों पर भेजा जाता है कि तेजी से मेंबर बनाएं और जब पद देने की। राज्य सभा भेजने की बात होती है तो कार्यकर्ता को इग्नोर कर देती है राजद।