झारखंड से फरार नक्सली मुजफ्फरपुर से गिरफ्तार:RIMS से फरार होने के बाद छिपा था आभूषण कारोबारी के घर, काट रहा उम्रकैद की सजा

मुजफ्फरपुरएक वर्ष पहले
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हाफ पैंट में नक्सली कृष्णमोहन झा और जीन्स टीशर्ट में आभूषण कारोबारी मुकेश। - Dainik Bhaskar
हाफ पैंट में नक्सली कृष्णमोहन झा और जीन्स टीशर्ट में आभूषण कारोबारी मुकेश।

झारखंड के रिम्स से फरार सजायाफ्ता नक्सली कृष्णमोहन झा उर्फ अभय जी उर्फ काली जी को मुजफ्फरपुर पुलिस ने गुरुवार को गिरफ्तार कर लिया। उसके साथ उसका साथी आभूषण कारोबारी मुकेश कुमार भी पकड़ा गया। दोनों को गुप्त सूचना मिलने पर टाउन थाना की पुलिस ने नई बाजार इलाके से दबोच लिया। फिलहाल टाउन थाना में ही दोनों को रखकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस का कहना है- 'रिम्स से फरार होने के बाद वह गांव नहीं गया था। मुकेश के साथ उसके घर गया था और उसी के साथ रह रहा था।'

इधर, उसके फरार होने के बाद झारखंड और बिहार पुलिस की खुफिया विंग सक्रिय थी। मानवीय और वैज्ञानिक तरीके से खोजबीन जारी थी। इसी दौरान गुप्त सूचना मिली कि वह टाउन इलाके में छुपा है। SSP जयंतकांत के निर्देश पर एक टीम गठित कर उसे नई बाजार से दबोच लिया गया। पुलिस का कहना है कि वरीय अधिकारियों के निर्देश पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

नक्सली कृष्ण मोहन झा उर्फ अभय उर्फ धनंजय उर्फ काली झा बिहार के मुजफ्फरपुर का रहने वाला है। उस पर रांची के अलावा गुमला व लातेहार में भी हत्या, अपहरण, लेवी वसूलने और नक्सली घटनाओं काे अंजाम देने के आरोप में FIR दर्ज है। नक्सली की सुरक्षा के लिए जिला पुलिस के जवान अनंत मिश्रा, नित्यानंद गोस्वामी और हवलदार महतो उरांव काे तैनात किया गया था। वह अक्सर जवानों काे मिठाइयां और रसगुल्ले खिलाता था। इससे जवानों का भरोसा बन गया था।

आभूषण कारोबारी का नक्सली कनेक्शन

आभूषण कारोबारी मुकेश के पकड़े जाने पर स्पष्ट हो गया कि उसका नक्सली कनेक्शन भी है। पुलिस सूत्रों की मानें तो वह कारोबार की आड़ लेकर नक्सलियों के लिए फंड भी जुटाता था। हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। कहा जा रहा है- 'मुकेश ने ही उसे रिम्स से भागने में मदद भी की थी। इस बिंदु पर मुकेश से पूछताछ कर उसकी कुंडली खंगाली जा रही है। पुलिस को आशंका है कि ये लोग पंचायत चुनाव में कोई साजिश तो नहीं रच रहे थे। इस पर जांच पड़ताल चल रही है।'

कुढ़नी के बथना का रहने वाला गिरफ्तार नक्सली

गिरफ्तार नक्सली कृष्ण मोहन झा जिले के कुढ़नी थाना क्षेत्र के बथना का रहने वाला है, लेकिन वह अधिकतर झारखंड में ही सक्रिय रहा। दशकों से अपने गांव नहीं आया था। जब वह रिम्स से फरार हुआ था तो विशेष टीम उसे ढूंढ़ते हुए गांव में उसके घर गई थी। वहां से जानकारी मिली कि वह कई दशक पूर्व गांव से गया था फिर दोबारा नहीं आया।
उम्रकैद की सजा काट रहा

नक्सली का पिछले एक माह से रिम्स में इलाज़ चल रहा था। वह हत्या और अपहरण मामले में उम्र कैद की सजा काट रहा था। उसके खिलाफ रांची के सुखदेव नगर थाना में अपहरण, हत्या के अलावा मुशहरी, लातेहार बरवाडीह, गुमला और पूसा में थाना में अपरहण, हत्या और मारपीट के कई केस दर्ज हैं। मुजफ्फरपुर में भी उसका रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है।

रांची पुलिस भी पहुंची थी
रांची पुलिस भी मुजफ्फरपुर पहुंची हुई थी। मुकेश का लोकेशन लेकर टाउन थाना के साथ संयुक्त रूप से छापेमारी की गई। मुकेश अपने घर पर ही मिला। जब उससे नाम पूछा गया तो पुलिस को अपना नाम मनोज बताया था। सख्ती से पूछने पर असल नाम बताया। फिर घर के पीछे वाले कमरे में टीम ने छापेमारी की तो उसमें से नक्सली कृष्णमोहन झा मिला।

पुलिसकर्मी को अगवा कर की थी हत्या
रांची पुलिस की माने तो कृष्ण मोहन झा हार्डकोर नक्सली में से है। उसने दशकों पहले एक पुलिसकर्मी को अगवा किया था। उसकी हत्या करने के बाद उसके पेट में बम प्लांट किया था। इसके बाद पुलिस को शव ले जाने के लिए बुलाया था। शव लेने आये पुलिस अधिकारियों को बम से उड़ाने की साजिश थी। लेकिन, पुलिस ने सतर्कता से शव को कब्जे में किया था। जिससे बड़ी वारदात नहीं हो सकी।

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