• Hindi News
  • Local
  • Bihar
  • Kanhaiya Kumar Joins Congress In Delhi; Rahul Gandhi And Kanhaiya In Congress Office; Bihar Bhaskar Latest News

कांग्रेस में शामिल हुए कन्हैया कुमार:बोले- कांग्रेस नहीं बची तो देश नहीं बचेगा, आज गांधी की एकता, आंबेडकर की समानता और भगत सिंह के साहस की जरूरत

पटना4 महीने पहले
AIICC मुख्यालय में राहुल गांधी के साथ कन्हैया कुमार।

कन्हैया कुमार नई दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में मंगलवार को राहुल गांधी की मौजूदगी में कांग्रेस में शामिल हो गए। उनके साथ गुजरात के विधायक जिग्नेश मेवाणी भी कांग्रेस से जुड़ गए। पार्टी की सदस्यता लेने के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में कन्हैया कुमार ने भाजपा और RSS पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कुछ लोग देश का भविष्य खराब करना चाहते हैं, कांग्रेस नहीं बची तो देश नहीं बचेगा। आज देश में गांधी की एकता, आंबेडकर की समानता और भगत सिंह के साहस की जरूरत है।

कन्हैया ने कहा कि हमारे देश का नेतृत्व कांग्रेस ही कर सकती है। कांग्रेस पार्टी पूरी तरह से लोकतांत्रिक पार्टी है। यह परिवार को छोड़ने के लिए नहीं कहती है। महात्मा गांधी पत्नी के साथ आजादी की लड़ाई लड़े थे। कांग्रेस पार्टी वो पार्टी है, जो गांधी की विरासत को आगे ले जाएगी। सरोजिनी नायडू, आंबेडकर, नेहरू, अशफाक उल्लाह खान, भगत सिंह और मौलाना आजाद के रास्तों पर चलेगी। यहां समानता और बराबरी कुछ लोगों के लिए सीमित नहीं है। ये भारतीय होने का इतिहास है और इस भारतीय होने के इतिहास को अगर कोई अपने आप में कोई समेटे हुए हैं तो वह देश की सबसे पुरानी पार्टी है।

कांग्रेस कार्यालय में राहुल गांधी के साथ कन्हैया कुमार, जिग्नेश मेवाणी और हार्दिक पटेल।
कांग्रेस कार्यालय में राहुल गांधी के साथ कन्हैया कुमार, जिग्नेश मेवाणी और हार्दिक पटेल।

कन्हैया ने बताया कांग्रेस में क्यों शामिल हुए...

  • कन्हैया ने कहा कि मैं कांग्रेस में शामिल हो रहा हूं, क्योंकि यह सिर्फ एक पार्टी नहीं है, एक विचार है। यह देश की सबसे पुरानी और सबसे लोकतांत्रिक पार्टी है। मैं 'लोकतांत्रिक' पर जोर दे रहा हूं... सिर्फ मैं ही नहीं कई लोग सोचते हैं कि देश कांग्रेस के बिना नहीं रह सकता।
  • मैं कांग्रेस में इसलिए शामिल हो रहा हूं, क्योंकि मुझे ये महसूस होता है कि देश में कुछ लोग सिर्फ लोग नहीं हैं, वे एक सोच हैं। वे देश की सत्ता पर न सिर्फ काबिज हुए हैं, देश की चिंतन परंपरा, संस्कृति, मूल्य, इतिहास, वर्तमान, भविष्य खराब करने की कोशिश कर रहे हैं।
  • कांग्रेस एक बड़े जहाज की तरह है, अगर इसे बचाया जाता है, तो मेरा मानना है कि कई लोगों की आकांक्षाएं, महात्मा गांधी की एकता, भगत सिंह की हिम्मत और बीआर आंबेडकर के समानता के विचार की भी रक्षा की जाएगी। इसलिए शामिल हुआ हूं।
  • देश के लाखों-करोड़ों नौजवानों को ये लगने लगा है कि अगर कांग्रेस नहीं बची तो देश नहीं बचेगा। हम कांग्रेस पार्टी में इसलिए शामिल हुए हैं, क्योंकि कांग्रेस गांधी की विरासत को लेकर आगे चलेगी।
24 अकबर रोड में राहुल गांधी की मौजूदगी में कांग्रेस की सदस्यता लेते कन्हैया कुमार।
24 अकबर रोड में राहुल गांधी की मौजूदगी में कांग्रेस की सदस्यता लेते कन्हैया कुमार।

कांग्रेस में शामिल होने से पहले कन्हैया कुमार दिल्ली के ITO स्थित शहीद-ए-आजम भगत सिंह पार्क पहुंचे। यहां भगत सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण करने पहुंचे राहुल गांधी से मुलाकात की। इस दौरान जिग्नेश मेवाणी भी मौजूद रहे।

नई दिल्ली में शहीद भगत सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण के बाद एकजुटता दिखाते राहुल गांधी, कन्हैया कुमार, जिग्नेश मेवाणी और हार्दिक पटेल।
नई दिल्ली में शहीद भगत सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण के बाद एकजुटता दिखाते राहुल गांधी, कन्हैया कुमार, जिग्नेश मेवाणी और हार्दिक पटेल।

JNU में लगे देश विरोधी नारों से कन्हैया चर्चा में आए थे

कन्हैया ने JNU (जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी) के छात्र संघ अध्यक्ष के रूप में अपनी पहचान बनाई थी। इसके बाद CPI के टिकट पर 2019 लोकसभा चुनाव भाजपा के गिरिराज सिंह के खिलाफ बेगूसराय सीट से लड़ा था, हालांकि वे हार गए थे।

कन्हैया 2015 में JNU छात्रसंघ के अध्यक्ष बने थे। 2016 JNU में कथित तौर पर लगे देश विरोधी नारों के बाद कन्हैया का नाम सभी की जुबान पर आ गया था। 2019 में बेगूसराय से CPI के प्रत्याशी के रूप में लोकसभा चुनाव में उतरे तो उनका सामना BJP के फायर ब्रांड नेता गिरिराज सिंह से हुआ। गिरिराज ने उन्हें 4 लाख 22 हजार वोट के बड़े अंतर से हराया। इसके बाद से पार्टी में उनको तरजीह देना कम कर दिया।

बिहार में लगातार कमजोर हो रही कांग्रेस

कांग्रेस को पिछले 5 विधानसभा चुनावों में कोई खास सफलता नहीं मिली है। फरवरी 2005 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को 10 सीट मिली थी, जो अक्टूबर 2005 में घटकर 9 रह गई। 2010 के विधानसभा चुनाव में तो कांग्रेस को महज 4 सीटों से ही संतोष करना पड़ा था।

2015 विधानसभा चुनाव में जब RJD और JDU के साथ कांग्रेस महागठबंधन का हिस्सा बनी तो पार्टी को 27 सीटों पर जीत मिली थी। 2020 के विधानसभा चुनाव में महागठबंधन में रहने के बाद भी कांग्रेस महज 19 सीटें जीत सकी। वहीं, लोकसभा चुनाव 2019 में तो कांग्रेस को बिहार में एक सीट मिली थी। अपने पुराने परिणाम को देखते हुए कांग्रेस अब बिहार में नए नेतृत्व-कर्ता के रूप में कन्हैया को लाना चाहती है।

कन्हैया कुमार के गांव में घर के पास पसरा सन्नाटा।
कन्हैया कुमार के गांव में घर के पास पसरा सन्नाटा।

बेगूसराय के बिहट में पसरा सन्नाटा

इधर, कन्हैया कुमार के गांव, बेगूसराय के बिहट में खामोशी छाई रही। न घर पर कोई था और न गांव के लोग इस बारे में कुछ कहने को तैयार थे। गांव के लोग कहते हैं कि वो इस विषय में कुछ नहीं जानते हैं। उन्होंने भी ऐसा कुछ सुना है। कई मीडिया कर्मी मंगलवार सुबह से ही कन्हैया कुमार के घर पहुंच रहे थे, लेकिन घर का कोई सदस्य नहीं मिला। घर पर सन्नाटा पसरा है। गांव में भी कोई उत्साह नहीं है।

यह भी पढ़ें...

कांग्रेस को बिहार में कन्हैया ही क्यों भाए?
जेएनयू छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष ने साध रखी है अब भी चुप्पी
कन्हैया के कांग्रेस में जाने की अटकलें

खबरें और भी हैं...