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लॉकडाउन का फैसला लेने में बहुत देर कर दी:लोजपा ने मुख्यमंत्री पर लगाया आरोप, कहा- जनता को मरते छोड़ खुद की जान बचाने में लगे हैं अधिकारी

पटना2 महीने पहले
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लोजपा के कार्यकारी अध्यक्ष और पूर्व विधायक राजू तिवारी। - Dainik Bhaskar
लोजपा के कार्यकारी अध्यक्ष और पूर्व विधायक राजू तिवारी।

जैसे ही बिहार सरकार ने राज्य में 5 से 15 मई तक लॉकडाउन लगाने का फैसला सुनाया, वैसे ही लोक जनशक्ति पार्टी ने करारा प्रहार किया। सीधे तौर पर आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने फैसला लेने में बहुत देर की। अगर वो यह फैसला पहले ले लिए होते तो बिहार के अंदर तेजी से फैल रहे कोरोना वायरस की दूसरी लहर की चेन को तोड़ा जा सकता था। उससे बहुत लोगों की जान को बचाया जा सकता था। लेकिन, नीतीश कुमार और उनकी सरकार ने न तो कोई तैयारी कर रखी थी और न ही बेहतर इलाज की कोई व्यवस्था। कोरोना की पहली लहर से सरकार ने कोई सबक लिया ही नहीं। जनता को मरने के लिए छोड़ दिया, उन्हें मौत के मुंह में भेज दिया। राज्य में अब लोगों को कोरोना से बचाव का वैक्सीन भी नहीं लग रहा है। मंगलवार को बिहार में लॉकडाउन की घोषणा होते ही लोजपा ने सोशल साइट पर पोस्ट कर अपनी आपत्ति जताई है।

वेंटिलेटर हैं पर उन्हें चलाने वाले टेक्नीशियन नहीं
बिहार में पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष और पूर्व विधायक राजू तिवारी ने सरकार की व्यवस्था पर सवाल उठाया है। उनका दावा है कि 80 प्रतिशत प्रशासनिक अधिकारियों ने खुद को क्वारेंटाइन कर रखा है। वो पहले अपनी जान बचाने में लगे हैं। उन्हें जनता की कोई फिक्र नहीं है। जिलों के हॉस्पिटल में सुविधाओं के नाम पर कुछ भी नहीं है। वहां वेंटिलेटर तो हैं, पर चलाने वाला एक भी टेक्नीशियन नहीं है। कोरोना संक्रमित लोगों को ऑक्सीजन नहीं मिल पा रही है। जमकर इसकी कालाबाजारी हो रही है। जरूरी दवाएं मार्केट में मिल नहीं रही हैं या फिर उसकी भी कालाबाजारी हो रही है। इस पर भी सरकार और उनके अधिकारियों का कोई नियंत्रण नहीं है।

नहीं हो रहा है टेस्ट, रिपोर्ट आने में लग रहे हैं 15 दिन
लोजपा का आरोप है कि सत्ता पक्ष के नेता भी हाथ पर हाथ धर कर बैठे हैं। जनता को भगवान भरोसे छोड़कर वो अपनी जान बचाने में लगे हैं। बिहार में अब कोरोना का टेस्ट भी नहीं हो रहा है। गांव में एंटी रैपिड टेस्ट कराने में लोगों को तीन-तीन दिन लग जा रहे हैं। RTPCR कराने वालों को 15 दिन बाद भी रिपोर्ट नहीं मिल पा रही है। 21 अप्रैल को अररेाज के रेफरल हॉस्पिटल में लोजपा के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष राजू तिवारी ने खुद भी RTPCR टेस्ट कराया था। मगर, आज तक उन्हें उसकी रिपोर्ट नहीं मिली। लोजपा ने केंद्र सरकार से हस्तक्षेप कर बिहार की जनता की जान बचाने की मांग की है।

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