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अवसान:गोवा की पूर्व राज्यपाल मृदुला सिन्हा नहीं रहीं, उन्होंने 46 किताबें और उपन्यास भी लिखे थे

पटना7 महीने पहले
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बिहार में जन्मी मृदुला सिन्हा को 26 अगस्त 2014 को गोवा का राज्यपाल बनाया गया था। -फाइल फोटो। - Dainik Bhaskar
बिहार में जन्मी मृदुला सिन्हा को 26 अगस्त 2014 को गोवा का राज्यपाल बनाया गया था। -फाइल फोटो।

गोवा की पूर्व राज्यपाल मृदुला सिन्हा (78) का बुधवार को निधन हो गया। वे शुरू से जनसंघ से जुड़ी रहीं और भाजपा की कार्यसमिति में भी शामिल रहीं। उनके निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह ने शोक जताया है।

मृदुला जी का जन्म 27 नवंबर 1942 को बिहार के मुजफ्फरपुर में हुआ था। उन्होंने मनोविज्ञान में एमए और बीएड किया था। इसके बाद कुछ समय मुजफ्फरपुर के एक कॉलेज में पढ़ाया। मोतिहारी में एक स्कूल की प्रिंसिपल भी रहीं। बाद में नौकरी छोड़कर पूरी तरह लेखन में रम गईं।

पति के साथ राजनीति में सक्रिय हुईं

उनके पति डॉ. रामकृपाल सिन्हा बिहार में कैबिनेट मंत्री और केंद्र सरकार में राज्य मंत्री रहे। इसके बाद मृदुला जी भी राजनीति में सक्रिय हो गईं। अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार के दौरान वे केंद्रीय समाज कल्याण बोर्ड की अध्यक्ष रहीं। बाद में उन्हें गोवा का राज्यपाल बनाया गया।

लोक आस्था के त्योहारों पर अक्सर लिखती रहीं

मृदुला जी की पहचान राजनेता के साथ हिंदी लेखिका की भी रही है। वे पांचवां स्तम्भ नाम से एक सामाजिक पत्रिका निकाल चुकी हैं। उन्होंने अलग-अलग विषयों पर 46 पुस्तकें और उपन्यास लिखे हैं। विजयाराजे सिंधिया पर लिखी उनकी किताब ‘एक थी रानी ऐसी भी’ पर फिल्म भी बनी थी। वे लोक परंपराओं पर लगातार लिखती रहीं। छठ पर्व उनका प्रिय विषय था और उन्होंने लेखन में इसे लगातार शामिल किया।

कई पुरस्कार और सम्मान हासिल हुए

मृदुला सिन्हा को उत्तर प्रदेश हिन्दी संस्थान का साहित्य भूषण सम्मान, दीनदयाल उपाध्याय पुरस्कार समेत कई दूसरे सम्मान और पुरस्कार मिल चुके हैं। इनके अलावा कई साहित्यिक मंचों से भी उन्हें सम्मानित किया जा चुका है।