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नवादा के खलिहानों में लग गई क्लास:सरकारी आदेश पर बच्चों के घर पढ़ाने पहुंचे शिक्षक, 1 दिन स्कूल, 1 दिन टोले में मिली ड्यूटी

पटना4 महीने पहले
हिसुआ प्रखंड के सभी सरकारी शिक्षक एक दिन स्कूल और एक दिन टोलों में जाकर क्लास ले रहे। - Dainik Bhaskar
हिसुआ प्रखंड के सभी सरकारी शिक्षक एक दिन स्कूल और एक दिन टोलों में जाकर क्लास ले रहे।

बिहार में कोरोना के कारण 6 जनवरी से सारे स्कूल-कॉलेज बंद हैं। स्कूली बच्चे घरों में ऑनलाइन क्लास कर रहे हैं। जिन बच्चों के पास पढ़ाई करने के लिए मोबाइल नहीं, वो पढ़ाई से दूर हैं, लेकिन इन सबके बीच नवादा के हिसुआ में कुछ अलग ही दिख रहा है। हिसुआ में शिक्षक बच्चों को उनके घर के दरवाजे पर पढ़ाने पहुंच रहे हैं। और यह सब हो रहा है प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (BEO) के एक आदेश से।

'बच्चे स्कूल नहीं आ सकते तो आप जाएं बच्चों के पास', यह आदेश नवादा के हिसुआ के BEO कुमुद नारायण ने जारी किया है। इस आदेश के मुताबिक, हिसुआ प्रखंड के सभी सरकारी विद्यालयों के शिक्षक एक दिन स्कूल और एक दिन टोलों में जाकर क्लास लेंगे।

सरकारी आदेश के मुताबिक, बिहार के सभी शैक्षणिक संस्थान, जिसमें प्री स्कूल भी शामिल हैं, उन्हें बंद रखा गया है। विद्यालयों के शिक्षकों और कर्मचारियों को 50 फीसदी उपस्थिति के साथ स्कूल बुलाया जाना है। मतलब है कि जो शिक्षक एक दिन स्कूल आएगा, वो दूसरे दिन घर पर होगा, लेकिन नवादा के हिसुआ और नारदीगंज प्रखंड में ऐसा नहीं है। हिसुआ BEO की तरफ से जारी आदेश के मुताबिक, शिक्षक एक दिन स्कूल पहुंचेंगे तो दूसरे दिन टोला में जाकर बच्चों को पढ़ाएंगे।

BEO के आदेश की कॉपी।
BEO के आदेश की कॉपी।

रिकॉर्डिंग के साथ प्रमाण के तौर भेजनी है वीडियो क्लिप

ऐसा नहीं है कि इस आदेश को बस जारी कर दिया गया है। इस आदेश को कार्यान्वित करने के लिए पूरी व्यवस्था की गई है। आदेश के मुताबिक, हर क्लास के शिक्षकों को दो समूह में बांट दिया गया है। एक समूह जिस दिन स्कूल में होगा, दूसरा टोला पर क्लास लगाएगा। समूह के हर शिक्षक को अलग-अलग टोले आवंटित किए गए हैं।

सभी शिक्षकों को अपने आवंटित टोलों में क्लास लेने का वीडियो हर रोज रिकॉर्ड करना होगा। इस रिकार्डिंग में बच्चे और शिक्षक जोर-जोर से सीखते और सिखाते दिखने चाहिए। रिकॉर्ड वीडियो को इसके बाद स्कूल द्वारा बनाए गए वाट्सएप ग्रुप पर भेजा जाएगा। इसके बाद प्रधानाचार्य इस वीडियो को BEO कार्यालय में रिपोर्टिंग के तौर पर भेजेंगे।

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