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नीतीश को योगी की 'जनसंख्या नीति' नापसंद:बिहार के CM बोले- राज्य जो करना चाहें अपना करें, BJP दो हिस्सों में बंटी

पटनाएक वर्ष पहलेलेखक: शालिनी सिंह
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नीतीश कुमार, मुख्यमंत्री, बिहार। - Dainik Bhaskar
नीतीश कुमार, मुख्यमंत्री, बिहार।

यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ की जनसंख्या नीति पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने खास अंदाज में जवाब दिया है- 'राज्य जो करना चाहें वो करें'। खास बात ये है कि नीतीश की इस राय पर बिहार भाजपा दो हिस्सों में बंटी दिख रही है। गिरिराज सिंह ने यूपी की जनसंख्या नीति की जमकर तारीफ की है, तो सुशील मोदी ने नीतीश कुमार की राय का साथ दिया है ।

कानून बना देने से नहीं होगा जनसंख्या नियंत्रण

जनसंख्या नीति पर नीतीश कुमार ने कहा- 'राज्य जो करना चाहें अपना करें। हमारा तो साफ-साफ कहना है कि जनसंख्या नियंत्रण कोई कानून बनाकर नहीं किया जा सकता। जब महिलाएं पूरी तौर पर पढ़ी रहेंगी तो अपने-आप प्रजनन दर घटेगी। ये किसी एक कम्युनिटी का नहीं। सारी कम्युनिटी पर इसका असर होगा। बहुत लोगों को लगता है कि ये कानून बनाकर होगा, लेकिन हमलोगों को ऐसा नहीं लगता'। मुख्यमंत्री विपक्षी पार्टी पर चुटकी लेना भी नहीं भूले। उन्होंने बिना नाम लिए लालू प्रसाद पर निशाना साधा। उन्होंने कहा- कभी-कभी आप देखेंगे कि पढ़े-लिखे लोग भी बहुत बच्चे पैदा करते हैं।

गिरिराज सिंह ने ट्वीट कर की थी तारीफ

मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय से निकलकर अब केंद्र सरकार में ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री बने गिरिराज सिंह ने बिहार आते ही जनसंख्या नीति से जुडे़ मुद्दे को छेड़ दिया है। अपने बयान के साथ ट्वीट में भी गिरीराज सिंह ने यूपी के जनसंख्या नीति की तारीफ की। बिहार के बेगूसराय में बैठे केन्द्रीय मंत्री का यूपी की जनसंख्या नीति पर बोलना, बिहार सरकार पर जनसंख्या नीति बनाने के लिए दबाब की रणनीति मानी जा रही है ।

जायसवाल ने कहा-यूपी की जैसी नीति को प्रोत्साहित करें

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. संजय जायसवाल ने कहा है कि जनसंख्या वृद्धि की गति को देखते हुए इसपर प्रभावी रोक के लिए स्पष्ट नीति तो बनानी ही होगी। दो बच्चों को लेकर यूपी के प्रस्तावित कानून में कई अच्छे प्रावधान हैं। खासकर एक बच्चे वालों को प्रोत्साहन देने की नीति बहुत अच्छी और प्रभावित करने वाली है। यूपी सरकार की पहल तारीफ योग्य है।

जनसंख्या नियंत्रण की ऐसी नीतियों को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। दूसरी ओर, सांसद सुशील मोदी ने कहा है कि आर्थिक विकास व उपलब्ध संसाधनों पर जनसंख्या वृद्धि का सीधा दुष्प्रभाव पड़ रहा है। जनसंख्या वृद्धि पर नियंत्रण आज भारत ही नहीं पूरी दुनिया के लिए चुनौती बना हुआ है। इसका संबंध किसी धर्म से नहीं है। जनसंख्या नियंत्रण में शिक्षा सबसे कारगर हथियार है। बिहार में यह दिखा भी है।

भाजपा के अंदर ही दो खेमे

गिरिराज सिंह जो बोल रहे हैं उसे उनकी ही पार्टी के नेता सुशील मोदी एक तरह से खारिज कर रहे हैं। सुशील मोदी ने भी वही कहा, जो नीतीश कुमार कह रहे हैं। हालांकि, उन्होंने सीधे जनसंख्या नीति को नकारा नहीं है। उन्होंने कहा है- जनसंख्या वृद्धि का संबंध किसी धर्म से नहीं है। लड़कियों में शिक्षा के प्रसार व प्रोत्साहन के जरिए ही जनसंख्या वृद्धि को प्रभावी तरीके से नियंत्रित किया जा सकता है। सुशील मोदी ने नीतीश कुमार की पोशाक योजना और साइकिल योजना जैसी प्रोत्साहन नीति को भी जनसंख्या नियंत्रण के लिए प्रभावी बताया।

जदयू में भी अलग सुर : नीतीश कुमार के उलट जदयू संसदीय दल के नेता की राय

उपेंद्र बोले- मैं जनसंख्या नियंत्रण कानून की सराहना करता हूं

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के स्टैंड के उलट जदयू संसदीय दल के नेता उपेंद्र कुशवाहा ने जनसंख्या नियंत्रण कानून का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि जहां भी इस कानून को लेकर पहल की जा रही है, उसकी मैं सराहना करता हूं। जनसंख्या नियंत्रण की बात होनी ही चाहिए. क्योंकि अगर इस पर नियंत्रण नहीं किया गया तो विकास कितना भी हो जाए, लोगों को उसका पूरा लाभ नहीं मिल पाएगा। इसलिए जनसंख्या नियंत्रित करने को लेकर जहां कहीं भी पहल हो रही है, हम उसका स्वागत करते हैं। बिहार में कब क्या होगा, इस पर सरकार को काम करना है।

योगी सरकार की जनसंख्या नीति

यूपी की योगी सरकार ने जनसंख्या नीति का ऐलान कर दिया है। जनसंख्या नियंत्रण कानून का ड्राफ्ट तैयार कर लिया है। इस ड्राफ्ट के अनुसार दो से अधिक बच्चों के अभिभावकों को सरकारी नौकरी नहीं मिलेगी। ऐसे लोग स्थानीय निकाय और पंचायत चुनाव भी नहीं लड़ सकेंगे। राशन कार्ड में भी 4 से अधिक सदस्यों के नाम नहीं लिखे जाएंगे। जनसंख्या नियंत्रण से संबंधित पाठ्यक्रम स्कूलों में पढ़ाए जाने का सुझाव भी दिया है। कानून लागू होने के बाद यदि किसी महिला को दूसरी प्रेग्नेंसी में जुड़वा बच्चे होते हैं, तो वह कानून के दायरे में नहीं आएगा। तीसरे बच्चे को गोद लेने पर भी रोक नहीं रहेगी। यदि किसी के 2 बच्चे नि:शक्त हैं, तो उसे तीसरी संतान होने पर सुविधाओं से वंचित नहीं किया जाएगा। सरकारी कर्मचारियों को शपथ पत्र देना होगा कि वे इस कानून का उल्लंघन नहीं करेंगे।

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