अब CM नीतीश खुद करेंगे शराबबंदी का प्रचार:15 दिसंबर के बाद निकलेंगे यात्रा पर, 16 साल में 12 यात्राएं कर चुके हैं

पटना7 महीने पहलेलेखक: बृजम पांडेय
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CM नीतीश कुमार ने शराबबंदी के लिए खुद प्रचार-प्रसार का जिम्मा उठाया है। इसको लेकर नीतीश कुमार बिहार की यात्रा पर निकलेंगे। इस बार उनकी यात्रा शराबबंदी कानून को लेकर जनता को जागरूक करने से जुड़ी रहेगी। CM इस के चलते शराबबंदी कानून को लेकर महिलाओं से फीडबैक भी लेंगे। लोगों के बीच मे जाने के लिए CM नीतीश कुमार यात्राओं का सहारा लेते रहते हैं।

इस बार नीतीश कुमार की यात्रा का उद्देश्य शराबबंदी कानून को लेकर जनता को जागरूक करना है। इसको लेकर तैयारी भी शुरू हो चुकी है। CM नीतीश कुमार लगभग अपनी सभी यात्रा चंपारण से शुरू करते हैं। सम्भवतः ये यात्रा भी महात्मा गांधी की धरती चंपारण से ही शुरू होगी।

महिलाओं का फीडबैक भी लेंगे

15 दिसंबर के बाद नीतीश कुमार इस यात्रा पर निकलेंगे। पंचायत चुनाव समाप्त होने के बाद नीतीश कुमार शराबबंदी को लेकर जनता को जागरूक करेंगे। खास रूप से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इस यात्रा के चलते महिलाओं का फीडबैक भी लेंगे तथा उन्हें शराबबंदी के लिए अभियान चलाने को लेकर प्रोत्साहित भी करेंगे। अभी यात्रा का नाम तय नहीं किया गया है, लेकिन अगले एक- दो दिनों में इस यात्रा का पूरा खाका तैयार कर लिया जाएगा।

2005 से लेकर अब तक 12 यात्राएं कर चुके हैं

CM नीतीश कुमार ने 2005 से लेकर अब तक सरकारी और राजनीतिक करीब 12 यात्राएं कर चुके हैं। वे न्याय यात्रा, विकास यात्रा, धन्यवाद यात्रा, प्रवास यात्रा, विश्वास यात्रा, सेवा यात्रा, अधिकार यात्रा, संकल्प यात्रा, निश्चय यात्रा, समीक्षा यात्रा और जलजीवन हरियाली यात्रा कर चुके हैं। अलग-अलग तारीखों में शुरू हुई यात्रा अलग-अलग उद्देश्य के लिए की गई थी।

ये यात्राएं कब शुरू की गई थी और इसके पीछे का उद्देश्य क्या था जानिए...

  • न्याय यात्रा- 12 जुलाई, 2005 : नीतीश कुमार जब बिहार के मुख्यमंत्री नहीं बने थे। किसी भी पार्टी को पूर्ण बहुमत नहीं मिला था तो उन्होंने न्याय यात्रा निकाली थी।
  • विकास यात्रा- 9 जनवरी, 2009 : नीतीश कुमार जब CM बन गए और उन्होंने बिहार में विकास की लकीर खींच दी तो, उन्होंने विकास यात्रा के माध्यम से लोगों के बीच जाकर बताया कि किस-किस क्षेत्र में विकास किया है।
  • धन्यवाद यात्रा- 17 जून, 2009 : लोकसभा चुनाव के बाद धन्यवाद यात्रा पर निकले थे। उस समय नीतीश कुमार JDU और BJP के अकेले स्टार प्रचारक थे। लोकसभा चुनाव में JDU और BJP को भारी सफलता मिली थी। लोगों का धन्यवाद किया।
  • प्रवास यात्रा- 25 दिसंबर, 2009 : प्रवास यात्रा के दौरान नीतीश कुमार ने जिलों में प्रवास कर वहां की समस्याओं को जानने की कोशिश की थी। अधिकारियों की मौजूदगी में सभी विकास योजनाओं की समीक्षा करते थे।
  • विश्वास यात्रा- 28 अप्रैल, 2010 : विधानसभा चुनाव 2010 से ठीक पहले इस यात्रा को करने के पीछे का उद्देश्य जनता का सरकार पर विश्वास बढ़ाना।
  • सेवा यात्रा- 09 नवंबर, 2011: विधानसभा चुनाव जीतने के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार लोगों का धन्यवाद किया था और सेवा यात्रा के माध्यम से यह संदेश दिया था कि बिहार के लोगों ने उन्हें सेवा करने का मौका दिया है। सेवा करेंगे।
  • अधिकार यात्रा- 19 सितंबर, 2012 : CM नीतीश कुमार ने बिहार को विशेष राज्य का दर्जा दिलाने के लिए जिलों में अधिकार यात्रा आरंभ की थी। पटना में मुख्य रैली हुई थी। इसके बाद जिलों में रैली की गई थी। विशेष राज्य के दर्जा को लेकर बड़ा आंदोलन भी किया गया था।
  • संकल्प यात्रा- 05 मार्च, 2014 : लोकसभा चुनाव से ठीक पहले नीतीश कुमार ने ये यात्रा निकाली थी। देश में नरेंद्र मोदी की लहर में नीतीश कुमार लोगों के बीच मन टटोलने पहुंचे थे।
  • संपर्क यात्रा- 13 नवंबर, 2014 : लोकसभा चुनाव 2014 में करारी हार के बाद आम लोगों से संपर्क करने के लिए ये यात्रा की गई थी।
  • निश्चय यात्रा- 09 नवंबर, 2016 : यात्रा के दौरान CM तमाम जन कल्याणकारी योजनाओं खासकर सात निश्चय से जुड़ी योजनाओं की समीक्षा की थी।
  • समीक्षा यात्रा- 07 दिसंबर, 2017: अपनी सरकार में विकास कार्यों की समीक्षा के लिए नीतीश कुमार ने यात्रा की थी। जिलों में जाकर वहां के विकास कार्यों की समीक्षा की जमीनी जायजा लिया था।
  • जल जीवन हरियाली यात्रा - 3 दिसम्बर 2019 : इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य लोगों को पर्यावरण के प्रति जागरूक करना था, लेकिन इस यात्रा के बहाने 2020 में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर भी नीतीश कुमार ने अपनी यात्रा को किया था।
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