अब सदर अस्पतालों में होगा मॉडर्न ICU:अब सदर अस्पताल में भी मेडिकल कॉलेज की तरह मिलेगी ICU की सुविधा

पटना4 महीने पहले
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अब सदर अस्पतालों में भी मेडिकल कॉलेजों की तरह ICU की सुविधा मिलेगी। राज्य के 4 मेडिकल कॉलेजों के साथ 12 जिलों के सदर अस्पतालों में मॉडर्न ICU बनाने की तैयारी चल रही है। इसके तहत पटना के NMCH, मुजफ्फरपुर के SKMCH और ANMCH में ICU बेड बनाने की कवायद तेज कर दी गई है। पटना के NMCH में 20 और SKMCH तथा ANMCH में 20--20 बेड का ICU बनाया जाएगा। इमरजेंसी रिस्पांस एंड हेल्थ सिस्टम प्रिपेयर्डनेस पैकेज फेज-2 के तहत ICU बेड बनाए जाएंगे। इस पर लगभग 21.74 करोड़ से अधिक रुपए खर्च किए जाएंगे।

सदर अस्पतालों की सुधरेगी सेहत

बिहार के 4 मेडिकल कॉलेज अस्पतालों सहित 12 जिलों के सदर अस्पतालों में अतिरिक्त आईसीयू वार्ड बनाए जाने से मरीजों को काफी राहत होगी। इमरजेंसी रिस्पांस एंड हेल्थ सिस्टम प्रिपेयर्डनेस पैकेज फेज-2 के तहत बन रहे ICU बेड से सदर अस्पतालों की सेहत काफी ठीक हो जाएगी। इससे आपात कालीन सेवा में आने वाले मरीजों को काफी लाभ होगा। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि अस्पतालों में अब ICU बेड सहित अन्य सुविधाओं की भी व्यवस्था रहेगी।

योजना में बीमार मरीजों को बड़ी राहत

स्वास्थ्य विभाग की योजना के अनुसार, एसकेएमसीएच-मुजफ्फरपुर तथा एएनएमसीएच-गया में 30-30 बेड का आईसीयू बनेगा, जबकि जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल-भागलपुर में 25 बेड का आईसीयू बनेगा। एनएमसीएच-पटना में 20 बेड का आईसीयू की स्थापना की जाएगी। बिहार मेडिकल सर्विसेज एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर कार्पोरेशन लिमिटेड (बीएमएसआईसीएल) की ओर से इन अस्पतालों में आईसीयू बेड की स्थापना के लिए तैयारी की जा रही है।

21.74 करोड़ की लागत से बढ़ेगी व्यवस्था

आईसीयू वार्ड की स्थापना पर 21.74 करोड़ से अधिक रुपए खर्च किए जाएंगे। मुजफ्फरपुर में 30 बेड के आईसीयू के लिए 3 करोड़ 37 लाख 51 हजार, गया में आईसीयू बेड के लिए 2 करोड़ 41 लाख 25 हजार, एनएमसीएच में आईसीयू के लिए 1 करोड़ 90 लाख, तथा भागलपुर में आईसीयू बेड के लिए 2 करोड़ 41 लाख 25 हजार रुपए खर्च किए जाएंगे। अलग-अलग सदर अस्पतालों में आईसीयू बेड के लिए खर्च का आकलन किया गया है। 86 लाख से लेकर 1.46 करोड़ रुपए तक खर्च किए जाएंगे। 3 महीने के अंदर काम पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

इन जिलों के सदर अस्पतालों में होगी व्यवस्था

मेडिकल कॉलेज अस्पतालों के अलावा सदर अस्पताल वैशाली, अररिया, सीतामढ़ी, सहरसा, बक्सर, खगड़िया, भभुआ, कैमूर, शिवहर, अरवल, किशनगंज, जमुई तथा सुपौल में 10-10 बेड के आईसीयू वार्ड की स्थापना की जाएगी। इसमें कुछ बेड बच्चों के लिए भी होंगे। आईसीयू बेड की स्थापना के साथ सिविल, प्लंबिंग, इलेक्ट्रिकल तथा ऑक्सीजन पाइपलाइन से जोड़ने का काम भी एक ही साथ किया जाएगा। ईसीआरपी 2 की योजना के अनुसार, सभी 9 मेडिकल कॉलेज और 30 जिला अस्पतालों में आईसीयू बेड बढ़ाए जाएंगे। इसके लिए 96.04 करोड़ रुपए की स्वीकृति मिली है। कुल 570 बेड बढ़ाए जाएंगे। लेकिन फिलहाल 4 मेडिकल कॉलेज तथा 13 सदर अस्पतालों में के लिए टेंडर निकाला गया है।

आयुष डॉक्टरों के लिए नई गाइडलाइन

राज्स समेत देशभर के आयुर्वेद बीएएमएस, यूनानी बीयूएमएस, सोवा-रिग्पा, सिद्धा बीएसएमएस पंजीकृत आयुष डॉक्टर अब मेडिकल व फिटनेस सर्टीफिकेट जारी कर सकेंगे और यह लगभग सभी सेक्टर्स में मान्य होगा। आयुष मेडिकल एसोसिएशन के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. राकेश पांडेय ने बताया कि बोर्ड ऑफ एथिक्स नेशनल कमीशन फॉर इंडियन सिस्टम ऑफ मेडिसिन के प्रेसिडेंट प्रो. वैद्य राकेश शर्मा द्वारा सभी अथॉरिटीज को पत्र जारी किया है। इस पहल के लिए देशभर के आयुष डॉक्टरों ने स्वागत किया है। डॉ. पांडेय ने बताया कि नेशनल कमीशन फॉर इंडियन सिस्टम ऑफ मेडिसिन एक्ट, 2020 तथा सेक्शन 34-1-सी के तहत आयुष डॉक्टरों व मरीजों के हित में उठाया गया कदम है।

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