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परिषद् में चले शायरी के तीर:कांग्रेस MLC बोले- मुझे देखना है कि तू जालिम कहां तक है, मंत्री ने कहा- तू तीर आजमा हम जिगर आजमाते हैं...

पटना8 महीने पहले
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कांग्रेस एमएलसी विधान परिषद के बाहर बंटवाया मिथिला का मखाना। - Dainik Bhaskar
कांग्रेस एमएलसी विधान परिषद के बाहर बंटवाया मिथिला का मखाना।

शीतकालीन सत्र के अंतिम दिन शुक्रवार को विधान परिषद में पक्ष-विपक्ष के बीच खूब तीखे शब्दवाण चले। वहीं, बीच-बीच में शेरो-शायरी से माहौल हल्का भी किया गया। आइए प्रेमजी, हम हुनर आजमाते हैं...तू तीर आजमा, हम जिगर आजमाते हैं। शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी ने कांग्रेस के प्रेमचंद्र मिश्रा की शायरी का जवाब शायरी से दिया। इसके पहले प्रेमचंद्र मिश्रा ने शेर पढ़ा था- मत पूछ मेरे सब्र का इम्तहान कहां तक है, तू कर ले सितम, तेरी ताकत जहां तक है। वफा की उम्मीद जिन्हें होगी, मुझे तो देखना है कि तू जालिम कहां तक है...। शिक्षा मंत्री ने पक्ष और विपक्ष के सदस्यों के शिक्षा से जुड़े सवालों का नहीं, बल्कि शायरी का भी जवाब शायरी से दिया।

वहीं, सभापति अवधेश नारायण सिंह ने भी प्रेमचंद्र मिश्रा से चुटकी ली। कहा- मैथिली के लिए मंत्री जी अच्छी-अच्छी बात कर रहे हैं, लेकिन आपने तो जालिम से तुलना कर दी। जदयू के गुलाम रसूल बलियावी ने भी प्रेमचंद्र मिश्रा को घेरा। कहा- आप बात मैथिली की कर रहे हैं और शेर सुना रहे हैं उर्दू में? इसे मैथिली में पढ़िए। विप में मैथिली की पढ़ाई को लेकर शुक्रवार को प्रेमचंद्र मिश्रा के तारांकित सवाल के बीच शायरी चली।

...जब वापस लेनी पड़ी बात

इस सबके बीच MLC संजीव श्याम सिंह ने कह दिया कि प्रश्न नहीं लिए जा रहे हैं। इस पर सभापति ने उनसे कहा, 'आप अपनी बात वापस लीजिए।' इस पर संजीव श्याम सिंह ने खेद तो प्रकट किया पर कहा, 'हम तो जनता के सवाल ही उठाते हैं महोदय।'

कांग्रेस MLC ने बंटवाया मिथिला का मखाना

अंतिम दिन कांग्रेस MLC ने सभी के बीच मिथिला का मखाना भी बंटवाया। वे लगातार इसकी लड़ाई लड़ रहे थे कि बिहार के मखाना का जीआई टैग मिथिला मखाना नाम से हो। गुरुवार को कृषि मंत्री अमरेन्द्र प्रताप सिंह ने बताया था कि मिथिला मखाना नाम से ही जीआई टैग मिलेगा।

पूर्वे जी हम छेड़ चुके हैं, अब छोड़ने का सवाल कहां, चाहे दारु माफिया हो या बालू माफिया : विजय चौधरी

शीतकालीन सत्र के अंतिम दिन विधान परिषद में द्वितीय अनुपूरक पर चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के सदस्यों के बीच हास परिहास का माहौल दिखा। राजद विधान पार्षद रामचंद्र पूर्वे ने शराबबंदी का जिक्र किया और कहा कि लोहिया हमेशा सांप को लेकर कहा करते थे कि सांप को छेड़ो नहीं, छेड़ो तो छोड़ो नहीं। उन्होंने कहा कि गरीब कभी-कभी गरीबी की सिहरन को मिटाने के लिए दारू पीता है, लेकिन सो कॉल एलिट वर्ग खुशी के लिए। सरकार का पक्ष रखते हुए शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा कि पूर्वे जी सरकार इस स्थिति से आगे निकल चुकी है। सांप को छेड़ चुकी है, अब छोड़ने का सवाल ही कहां उठता है। चाहे दारू माफिया हो या बालू माफिया। चाहे वे कितने भी प्रभावशाली क्यों नहीं हो। उन्होंने कहा कि आप से आग्रह है कि शराब के औचित्य को किसी भी तरह से ठीक नहीं ठहराएं।

हाईस्कूलों में 114 मैथिली शिक्षक बहाल होंगे, सरकार गंभीर

मैथिली में पढ़ाई के सवाल पर शिक्षा मंत्री ने कहा कि सरकार मैथिली की पढ़ाई को लेकर गंभीर है। मैथिली बहुल इलाकों में मैथिली शिक्षकों की नियुक्ति की गई है। 55 शिक्षक अभी कार्यरत हैं। उच्च माध्यमिक स्कूलों में 114 पद अलग से सृजित किए गए हैं। कॉलेज स्तर पर BPSC के माध्यम से उर्दू के 49 सहायक प्रोफेसर नियुक्त हो चुके हैं। सरकार खुद इस मामले पर सजग है। प्रश्नकर्ता प्रेमचंद्र मिश्रा ने आरोप लगाया बार-बार आश्वासन के बाद भी सरकार मैथिली की पढ़ाई शुरू नहीं करा रही है।