छोटे सत्र पर बड़ा हंगामा:5 दिनों के शीतकालीन सत्र को लेकर विपक्ष हमलावर, RJD ने कहा- सरकार जनता के सवालों से भाग रही है

पटना8 महीने पहले
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बिहार विधानमंडल का 199वां शीतकालीन सत्र 29 नवंबर से 3 दिसंबर तक चलेगा। 5 दिनों के लिए होने वाले इस सत्र को लेकर विपक्ष ने कड़ी नाराजगी जताई है। विपक्ष के नेताओं का कहना है कि सरकार विपक्ष के सवालों से भागना चाहती है, सरकार जनता के असल सवाल से भागना चाहती है, इसलिए शीतकालीन सत्र को इतना छोटा कर रही है। जबकि इस सत्र में कई ऐसे जनहित के सवाल थे, जिनको विधानमंडल में रखना था। वहीं, विपक्ष के तरफ से शराबबंदी और जहरीली शराब में मारे गए 43 लोगों को लेकर भी सरकार को घेरने की तैयारी है। कुल मिलाकर ये शीतकालीन सत्र हंगामेदार होने वाला है।

RJD के प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी कहते हैं कि सरकार जनता के सवालों से भाग रही है। प्रतिपक्ष के नेता तेजस्वी यादव के तीखे सवालों से सरकार कतरा रही है। नहीं तो शीतकालीन सत्र मात्र 5 दिनों का क्यों होता। इस महत्वपूर्ण सत्र में कई ऐसे मसले हैं जिनको विधानमंडल में रखा जाना हैं। लेकिन, सरकार जनता के असल सवालों से घबरा रही है।

चोर दरवाजे बनी सरकार अब संवैधानिक कामों को भी अपनी कुटनीति से प्रभावित कर रही है। ये जनता की भावनाओं पर कुठाराघात है। इस बार 50 से ज्यादा लोगों की मौत जहरीली शराब से हो गई। शराबबंदी फेल है। ऐसे तमाम मुद्दे हैं, जिससे सरकार भाग रही है।

इस बार के शीतकालीन सत्र को लेकर विपक्ष के हमले के जवाब में BJP के प्रदेश प्रवक्ता मनोज शर्मा कहते हैं कि विपक्ष के लोग अपनी सुविधा के मुताबिक राजनीति करते हैं। शीतकालीन सत्र कभी लंबा नहीं रहा है। शायद, इनको RJD शासन में विधान मंडलों के सत्र के बारे में ठीक से याद नहीं है।

उस शासन काल में नाम मात्र के विधानमंडल का सत्र आहूत होती थी। मनोज शर्मा कहते हैं कि सरकार कभी जनता के सवाल से नहीं भागती है। भागने का काम नेता प्रतिपक्ष का है, वो बिहार की जनता को मुसीबत में छोड़कर फरार हो जाते हैं।