बेल मिली, लेकिन जेल में ही रहेंगे पप्पू यादव:पूर्व सांसद को बिना अनुमति प्रदर्शन करने और सरकारी काम में बाधा पहुंचाने के मामले में मिली जमानत, अपहरण कांड में जेल में ही रहेंगे

पटना5 महीने पहले
पप्पू यादव अपहरण के 32 साल पुराने मामले में जेल बंद हैं।

पूर्व सांसद पप्पू यादव को मंगलवार को पटना कोर्ट से जमानत मिल गई है। यह मामला सरकारी काम में बाधा पहुंचाने और बिना अनुमति के प्रदर्शन करने का है। हालांकि, पप्पू यादव को अभी जेल में ही रहना होगा। उनको 32 साल पुराने अपहरण के केस में बेल नहीं मिली है।

पटना के सब जज-14 अमलेश कुमार सिंह ने बिना अनुमित प्रदर्शन करने के मामले में जमानत देते हुए पप्पू यादव को हिदायत भी दी। कोर्ट ने कहा कि आगे से ऐसा काम नहीं करें। सरकारी नियमों का पालन करना जरूरी है। कोर्ट में पप्पू यादव के वकील पांडे संजय सहाय ने कहा कि प्रशासन ने पप्पू यादव पर बिना अनुमति के प्रदर्शन करने और सरकारी काम में बाधा डालने की प्राथमिकी गर्दनीबाग थाने में दर्ज कराई थी। इस मामले में पप्पू यादव ने पटना कोर्ट से बेल देने की गुहार लगाई थी।

32 साल पुराने अपहरण मामले में बंद है पप्पू

32 साल पहले बिहार के मधेपुरा के उदाकिशुनगंज के कुमार खंड थाने में 1989 में अपहरण का एक मामला दर्ज हुआ था, जिसमें पप्पू यादव को अभियुक्त बनाया गया था। पूर्व सांसद पप्पू यादव पर अपने चार साथियों के साथ मिलकर दो युवकों का अपहरण करने का आरोप लगाया गया था। मधेपुरा जिला के मुरलीगंज थाना के मिडिल चौक से रामकुमार यादव और उमा यादव का अपहरण किया गया था।

इस मामले में शैलेन्द्र यादव ने पप्पू यादव के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। हालांकि, कुछ दिनों के बाद अपहृत दोनों युवक सकुशल वापस लौट गए थे। इसी मामले में पप्पू यादव की तीन महीने बाद गिरफ्तारी हुई थी। कुछ महीने जेल में रहने के बाद वह जमानत पर बाहर आ गए थे। इसके बाद उनका सियासी सफर शुरू हो गया और विधायक के बाद सांसद बनते चले गए। इस मामले में पप्पू यादव ने बेल ली हुई थी, लेकिन ये बेल टूट गई थी, जिसके बाद 22 मार्च 2021 को कोर्ट ने वारंट जारी किया था। इसी मामले में पप्पू यादव को 11 मई को पटना से गिरफ्तार किया गया है। इस मामले में मधेपुरा कोर्ट से उन्हें जमानत नहीं मिली है। अब उनके पास हाईकोर्ट जाने का ही रास्ता है।

भूख हड़ताल पर JAP कार्यकर्ता

इधर, JAP सुप्रीमो की रिहाई के लिए जाप के नेता और कार्यकर्ता भूख हड़ताल पर हैं। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष राघवेन्द्र कुशवाहा ने आरोप लगाया कि कोरोना पीड़ितों की मदद कर रहे पूर्व सांसद पप्पू यादव ने बिहार सरकार की नाकामियों को उजागर किया गया था। इससे घबराकर राज्य सरकार ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया है।