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बिहार में कोरोना के बीच खड़ी हैं दर्जनों एंबुलेंस:सांसद राजीव प्रताप रूडी बोले- ड्राइवर काम छोड़कर चले गए; पप्पू यादव इन्हें चलाने 40 ड्राइवर लेकर आए

पटना4 महीने पहले
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कोरोना के बीच मरीजों को अस्पताल ले जाने के लिए एंबुलेंस बेहद जरूरी होती है। ऐसे में बिहार के छपरा में दर्जनों एंबुलेंस ढंक कर रखी गई हैं। ये सभी एंबुलेंस छपरा से BJP सांसद राजीव प्रताप रूडी की सांसद निधि से खरीदी गई हैं। पूर्व सांसद पप्पू यादव ने शनिवार को इन एंबुलेंस को सड़कों पर उतारने की मांग की। यादव अपने साथ बाकायदा एंबुलेंस चलाने वाले 40 ड्राइवर भी लाए थे।

इधऱ, कोरोना संकट के बीच एंबुलेंस को इस तरह रखे जाने के खिलाफ रिटायर्ड IPS अमिताभ दास ने बिहार के DGP को लेटर लिखकर रूडी पर महामारी एक्ट के तहत FIR दर्ज करने की मांग की है। इधर, सांसद राजीव प्रताप रूडी का कहना है कि ड्राइवरों के काम छोड़कर चले जाने की वजह से एंबुलेंस को खड़ा किया गया है।

कल सांसद रूडी के गांव में लावारिस हाल में मिली थी दर्जनों एंबुलेंस

पप्पू यादव का आरोप- 13 महीने से खड़ी हैं एंबुलेंस
पूर्व सांसद पप्पू यादव ने आरोप लगाया कि इन एंबुलेंस को 13 महीने से बेवजह खड़ा रखा गया है। यहां तक कि कोरोना की पहली लहर में भी इनका इस्तेमाल नहीं किया गया। यादव ने एंबुलेंस का संचालन चलाने वाले NGO की भी जांच कराने की मांग की। यादव ने अपने साथ आए ट्रेंड ड्राइवरों को एंबुलेंस की चाबी सौंपने की मांग की, ताकि इन्हें चलाया जा सके।

ट्रेंड एंबुलेंस चालकों के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए पूर्व सांसद पप्पू यादव।
ट्रेंड एंबुलेंस चालकों के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए पूर्व सांसद पप्पू यादव।

बिहार में क्या है एंबुलेंस का विवाद
छपरा के अमनौर में विश्व प्रभा सामुदायिक केंद्र परिसर में दो दर्जन एंबुलेंस खड़ी हुई थीं। इन्हें ढंक कर रखा गया था। यह छपरा के BJP सांसद राजीव प्रताप रुडी का गांव है। पूर्व सांसद पप्पू यादव ने शुक्रवार को कहा था कि सांसद फंड (MPLADS) की दर्जनों एंबुलेंस यहां क्यों खड़ी हैं? इसकी जांच होनी चाहिए।

रुडी की सफाई- ड्राइवरों ने काम छोड़ा
सांसद राजीव प्रताप रुडी ने यादव के आरोपों का खंडन करते हुए कहा था कि छपरा जिला में करीब 80 एंबुलेंस है। अभी इसमें से 50 चल रही हैं। कई जगह पंचायतों में चलने वाली एंबुलेंस के ड्राइवरों ने काम छोड़ दिया था। इस वजह से बची हुई एंबुलेंस को खड़ा किया गया है। उन्होंने कहा था कि पप्पू यादव कोविड के दौरान ड्राइवर लेकर आएं और एंबुलेंस चलवाएं।

पंचायतों को एंबुलेंस देना नियमों के खिलाफ
पप्पू यादव ने कहा कि एंबुलेंस सरकारी पैसे से खरीदी गई हैं और इन्हें आवंटित करने की अथॉरिटी DM को है। एंबुलेंस का पैसा निजी काेष में क्यों डाला गया? इसे किसी भी पंचायत में निजी लोगों को नहीं सौंपा जा सकता है। यह नियमों के खिलाफ है। ड्राइवर रखने की जिम्मेदारी भी प्रशासन की है।

छपरा में एंबुलेंस मिलने के मामले में पूर्व IPS ने खोला मोर्चा

पुलिस ने कार्रवाई नहीं की तो कोर्ट जाएंगे
इधर, एंबुलेंस को खड़ा रखने के मामले में रिटायर्ड IPS अमिताभ दास ने DGP से कहा है कि कोरोना काल में परेशान जनता की समस्याओं को देखते हुए भाजपा सांसद पर बगैर किसी राजनीतिक दबाव के कानूनी कार्रवाई की जाए। अगर पुलिस ने उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं की तो वो जल्द ही इस मामले को लेकर कोर्ट जाएंगे।

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