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PPU के प्री-PhD टेस्ट की आंसर की 14 को आएगी:साल भर इंतजार के बाद पटना के 6 सेंटरों पर हुई परीक्षा, हिंदी और अंग्रेजी में थे सवाल

पटनाएक वर्ष पहले
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गंगा देवी मेमोरियल कॉलेज के बाहर लगी परीक्षार्थियों की भीड़। - Dainik Bhaskar
गंगा देवी मेमोरियल कॉलेज के बाहर लगी परीक्षार्थियों की भीड़।
  • 23 जनवरी 2020 को ली गई परीक्षा कर दी गई थी रद्द
  • केवल अंग्रेजी में प्रश्न पूछे जाने के कारण हुआ था हंगामा

पाटलिपुत्रा यूनिवर्सिटी (PPU) की ओर से रविवार को आयोजित प्री PHD-2021 की परीक्षा शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई। इस बार हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में सवाल पूछे गए। साल 2020 में 23 जनवरी को जब PPU ने यह परीक्षा ली थी उस समय सिर्फ अंग्रेजी में सवाल पूछने की वजह से परीक्षार्थियों ने बवाल किया था और परीक्षा रद्द करनी पड़ी थी। इस बार कोरोना और छात्र-छात्राओं की संख्या बढ़ने की वजह से दो की जगह छह सेंटर बनाए गए थे। परीक्षा केन्द्रों पर महिलाओं की संख्या पुरुषों से ज्यादा देखी गई। 14 अप्रैल को सारे विषयों की ‘आंसर-की’ वेबसाइट पर डाल दी जाएगी।

परीक्षार्थियों ने OMR शीट पर परीक्षा दी। इसकी कार्बन कॉपी भी परीक्षार्थियों को दी गई थी। PPU के मीडिया प्रभारी डॉ. बी.के. मंगलम् ने भास्कर को बताया कि इस परीक्षा में 91 प्रतिशत अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी हैं। कुल अभ्यर्थियों की संख्या 4533 थी जिसमें लगभग 4100 स्टूडेंट परीक्षा में शामिल हुए। पटना के छह परीक्षा केंद्रों पर परीक्षार्थियों ने कोरोना संक्रमण के प्रोटोकॉल का अनुपालन करते हुए शांतिपूर्वक परीक्षा दी। किसी भी केंद्र से अप्रिय घटना की खबर नहीं है।

पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सुरेन्द्र प्रताप सिंह ने कई परीक्षा केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। ए.एन. कॉलेज, पटना में सर्वाधिक लगभग 1500 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी। OSD (PHD) डॉ. आर.यू. सिंह ने बताया कि 14 अप्रैल, 2021 को सारे विषयों की ‘आंसर-की’ वेबसाइट पर जारी कर दी जाएगी। परीक्षा केन्द्रों पर परीक्षार्थियों ने बताया कि सवाल ठीक-ठाक थे। लेकिन कई परीक्षार्थियों ने बताया कि दोनों पत्रों को मिलाकर आधा दर्जन सवाल गलत पूछे गए थे। छात्र-छात्राओं के इस आरोप पर अभी यूनिवर्सिटी ने अपनी कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। इसकी पड़ताल की जा रही है।

AN कॉलेज में 1467, कॉलेज ऑफ कॉमर्स आर्ट्स एंड साइंस में 456, JD वीमेंस कॉलेज में 707, अरविंद महिला कॉलेज में 604, RKD कॉलेज में 965 और गंगा देवी महिला कॉलेज में 334 परीक्षार्थी शामिल हुए । यह वही टेस्ट है जिसे पिछले साल जनवरी माह में रद्द किया गया था। परीक्षार्थियों ने सिर्फ अंग्रेजी भाषा में प्रश्व पूछे जाने पर परीक्षा का बहिष्कार किया था। तब पाटलिपुत्रा यूनिवर्सिटी ने अपनी गलती मानते हुए परीक्षा को रद्द किया था।

जनवरी में इस कारण रद्द की गई थी परीक्षा

PPU ने जब 23 जनवरी 2020 को प्री-PhD की परीक्षा में प्रश्न पत्र दिया तो स्टूडेंट सिंगल लैंग्वेज में प्रश्न पत्र देखकर भौंचक रह गए। पेपर वन, कॉमन पेपर था और उसके प्रश्न पत्र सिर्फ अंग्रेजी में प्रकाशित थे, जबकि परीक्षा से पहले ही PPU ने अपने नोटिफिकेशन में बताया था कि पेपर वन बाइलिंगुवल यानी अंग्रेजी और हिंदी दोनों में होगा। इसका हिंदी वर्जन नहीं होने को पर सेंटर पर काफी हंगामा हुआ था। दोनों परीक्षा केन्द्रों JD वीमेंस कॉलेज और गंगा देवी महिला कॉलेज में एक घंटे तक हंगामा होता रहा था। कई छात्र संगठनों ने यूनिवर्सिटी की इस गलती का काफी विरोध किया था। यूनिवर्सिटी ने परीक्षा स्थगित करने की जब घोषणा की तब स्टूडेंट शांत हुए थे।

स्टूडेंट को ही हुआ नुकसान

परीक्षा रद्द होने का नुकसान तो स्टूडेंट को हुआ ही। नुकसान यह भी हुआ कि एक साल दो माह के बाद उन्हें फिर से परीक्षा देनी पड़ी। पूरा एक साल बर्बाद हुआ। जनवरी 2020 में कोरोना का डरावना मंजर भी नहीं था। आशंका थी कि इस बार कोरोना के डर से कई स्टूडेंट परीक्षा ही देने नहीं आएंगे, लेकिन सिर्फ 9 फीसदी परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे।