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जिलों में कंट्रोल नहीं हो रहा वायरल:PMCH के साथ पटना के प्राइवेट अस्पतालों में बाहर से आने वाले मरीज भर्ती; 60 प्रतिशत मासूम बाहर से रेफर होकर आए हैं

पटनाएक महीने पहले
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मासूमों को मेडिकल कॉलेज के साथ अन्य बड़े अस्पतालों में रेफर किया जा रहा है। - Dainik Bhaskar
मासूमों को मेडिकल कॉलेज के साथ अन्य बड़े अस्पतालों में रेफर किया जा रहा है।

बिहार में वायरल बुखार का इलाज बड़ी चुनौती बन गई है। बच्चों पर अटैक के बाद जिलों में इलाज नहीं हो पा रहा है। ऐसे में मासूमों को मेडिकल कॉलेज के साथ अन्य बड़े अस्पतालों में रेफर किया जा रहा है। पटना मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल (PMCH) में 60 प्रतिशत मासूम बाहर से रेफर होकर आए हैं। इसमें हाजीपुर, सीवान, छपरा, गोपालगंज, वैशाली के साथ मधुबनी, सीतामढ़ी तक के मरीज शामिल हैं। परिजनों का कहना है कि इलाज से आराम नहीं होने और व्यवस्था नहीं होने के कारण उन्हें रेफर किया गया है।

CM ने किया है जिलों को अलर्ट

दो दिन पहले सीएम नीतीश कुमार ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की है। इसमें वायरल बुखार को लेकर काफी गंभीरता से चर्चा की गई है। मासूमों के इलाज को लेकर बिहार के सभी जिलों को अलर्ट करते हुए दवा की पर्याप्त व्यवस्था का आदेश दिया गया है। विभाग के अफसरों ने भी दावा किया है कि व्यवस्था अलर्ट मोड पर की गई है।

मरीजों को नहीं मिल रही राहत

CM के निर्देश और स्वास्थ्य विभाग के दावों के बाद भी मरीजों को जिलों में राहत नहीं मिल पा रही है। हाजीपुर के सदर अस्पताल से 2 माह के बच्चे को लेकर आए परिजनों ने बताया कि 15 घंटे तक उन्हें पटना मेडिकल कॉलेज में बेड नहीं मिल पाया। सिवान से आए राजेश साह का कहना है कि सदर अस्पताल में तो कोई इलाज ही नहीं किया गया। बस बुखार नापकर कुछ दवाई लिख दिया और कहा अब पटना मेडिकल कॉलेज ले जाइए। 12 साल की बेटी को लेकर PMCH में भर्ती मधुबनी की रेखा बताती हैं कि डॉक्टर कुछ समझ ही नहीं पाए और पटना रेफर कर दिया। PMCH में भर्ती अधिकतर मरीज वायरल बुखार से पीड़ित हैं, 60 प्रतिशत से अधिक बाहर से रेफर होकर आए हैं। हर मरीज के परिजन की यही पीड़ा है कि उन्हें जिलें में इलाज नहीं मिल पाया इस कारण से पटना आना पड़ा है।

PMCH में भर्ती मरीजों में सबसे अधिक बुखार के हैं।
PMCH में भर्ती मरीजों में सबसे अधिक बुखार के हैं।

बुखार और झटका के मरीज अधिक

PMCH में भर्ती मरीजों में सबसे अधिक बुखार के हैं। इसमें अधिकांश मरीज ऐसे हैं जिन्हें झटका आ रहा है। ऐसे मासूमों में चमकी बुखार की आशंका है। मरीजों को लेकर जिलों से पटना आए परिजनों का कहना है कि अनजान शहर में उन्हें काफी परेशानी हो रही है। अपने जिले में आसानी होती लेकिन वहां इलाज की व्यवस्था नहीं हो पा रही है। नवादा से मासूम को लेकर PMCH आए राजेश का कहना है कि बेड के लिए काफी इंतजार करना पड़ा है। इलाज तो चल रहा है लेकिन व्यवस्था से वह संतुष्ठ नहीं है।

जिलों में नहीं है व्यस्था, बच्चों के डॉक्टर नहीं

जिलों में बच्चों के इलाज को लेकर कोई विशेष व्यवस्था नहीं है। इस समय वायरल का बड़ा असर है। वायरल से मासूम परेशान हैं। जिलों में मासूमों के इलाज की व्यवस्था सही नहीं होने के कारण मासूमों को रेफर किया जा रहा है। पटना मेडिकल कॉलेज में हाजीपुर, सीवान, गोपालगंज, मधुबनी, सीतामढ़ी, नवादा और नालंदा के मरीजों की संख्या अधिक है। मासूमों में पटना के कम मरीज भर्ती हैं, भर्ती भी हैं तो वह आसपास एरिया के हैं। जिलों में सबसे बड़ी समस्या है कि बच्चों के डॉक्टर नहीं है। बच्चों के डॉक्टर नहीं होने से जिलों में इलाज में रिस्क नहीं लिया जाता है। मासूमों को बेहतर इलाज के लिए रेफर कर दिया गया है।

पटना में इलाज का हाल

  • पटना AIIMS में सोमवार को 172 बच्चे आए 60 प्रतिशत बाहर के थे।
  • PMCH में 34 बच्चे OPD में आए इसमें 100 प्रतिशत बाहर से आने वाले रहे।
  • NMCH में 95 मासूम आए 40 प्रतिशत वायरल से पीड़ित बाहर जिले से आए।
  • NMCH में 25 बच्चे भर्ती हैं, इसमें 20 गैर जनपद से आए हैं।
  • IGIMS में 25 बच्चे इलाज के लिए आए, इसमें अधिकतर बाहर से हैं।
  • पटना के मेडिकल कॉलेजों में 24 घंटे में 395 मरीज आए, इसमें 240 बाहर के रहे।
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