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10 साल का हो गया पटना AIIMS:नए साल में रोबोटिक सर्जरी और अंग प्रत्यारोपण की शुरुआत होगी; कोरोना काल में 1125 मरीजों की बचाई जान, 1348 मरीजों की प्लाज्मा थेरेपी

पटना4 महीने पहले
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अब AIIMS नए साल में नए सफर की तरफ बढ़ रहा है। - Dainik Bhaskar
अब AIIMS नए साल में नए सफर की तरफ बढ़ रहा है।

पटना AIIMS 10 साल का हो गया है। इन 10 सालों में AIIMS के डॉक्टरों ने कई मुश्किलों का दौर देखा है। इसमें कोरोना का वह दौर भी शामिल हैं जब इलाज के दौरान कई डॉक्टरों की जान मुश्किल में पड़ गई। कुछ ठीक हो गए लेकिन कुछ असमय काल के गाल में समा गए। अब AIIMS नए साल में नए सफर की तरफ बढ़ रहा है। अब ऑपरेशन के लिए रोबोट को तैयार करने के साथ कई नए संसाधन बढ़ाए जा रहे हैं जिससे इलाज के लिए दिल्ली और मुंबई का रूख कम करना पड़ेगा। शनिवार को स्थापना दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में नई योजनाओं पर मंथन किया गया।

रोबोटिक सर्जरी पर विशेष फोकस
पटना AIIMS के निदेशक डॉ. प्रभात कुमार सिंह ने बताया कि रोबोटिक सर्जरी की शुरूआत की तैयारी है। इसके साथ ही बर्न सेंटर का निर्माण कराया जाएगा। अंग प्रत्यारोपण की शुरूआत की जाएगी तथा शैक्षणिक और प्रशासनिक भवन का निर्माण भी नए साल में कराया जाएगा। इसके साथ ही चिकित्सकों के लिए आवास का निर्माण की योजनाएं हैं। इसके लिए संस्थान पूरी तरह से प्रयासरत है। डॉ प्रभात कुमार सिंह का कहना है कि आने वाले दिनों में इलाज की व्यवस्था पटना AIIMS की ख्याति को और बढ़ाने वाली होगी। उनका कहना है कि रोबोटिक सर्जरी के साथ बर्न सेंटर बड़ी उपलब्धि होगी।

एक साल में 1 लाख 37 हजार 619 का OPD में इलाज
पटना AIIMS के निदेशक डॉ. प्रभात कुमार सिंह का कहना है कि अप्रैल 2020 से लेकर मार्च 2021 तक AIIMS पटना की OPD में नए व पुराने कुल 1,37,619 मरीजों का इलाज किया गया। इस दौरान 12,590 मरीज भर्ती किए गए। कोरोना के 1994 मरीजों को भर्ती किया गया, जिनमें 1125 की जान बचाई गई। पटना AIIMS में 1348 मरीजों को प्लाज्मा थेरेपी दी गई। एक साल में 8.5 लाख RT-PCR जांच कर संक्रमण फैलने से रोका गया। वहीं 209 म्यूकरमाइकोसिस (ब्लैक फंगस) मरीजों का इलाज किया गया। संस्थान में अब तक 21,080 लोगों को कोविड -19 वैक्सीन (कोवैक्सीन) की पहली और दूसरी डोज दी जा चुकी है, वहीं 24,196 लोगों को वैक्सीन की पहली डोज दी गई है।

पटना AIIMS में सुविधाएं
पटना AIIMS में 10 नॉन क्लिनिकल और 31 क्लिनिकल विभाग काम कर रहे हैं, जिनमें 138 फैकल्टी हैं। MD, MS, MDS, DM और MCH में कुल 190 सीटें हैं। सीनियर रेजीडेंट और जूनियर रेजीडेंट की कुल संख्या 513 है। AIIMS में कोविड के लिए 550 बेड हैं और 85 वेंटिलेटरयुक्त ICU बेड हैं। संस्थान में 460 हीमोडायलिसिस, 355 टोटल हिप रीप्लेसमेंट , 412 एसीएल रीकंस्ट्रक्शन, 30 हाइपेक सर्जरी, 180 काक्लियर इम्पलांट और एडवांस्ड विट्रियोरेटिनल सर्जरी संस्थान ने की है। खासकर कैंसर मरीजों के लिए हाइपेक सर्जरी, जिसकी सुविधा देश के महज दो-तीन संस्थानों में ही है। इस पर भी काम किया गया है। कोविड डेडीकेटेड अस्पताल बनाने के लिए AIIMS पटना एक्सपर्ट सपोर्ट दे रहा है। साथ ही प्लाज्मा थेरेपी देने में भी अन्य अस्पतालों को मदद दे रहा है ।

मिलकर बेहतर बनाने का संकल्प
पटना AIIMS के स्थापना दिवस पर सांसद डॉ . संजय जायसवाल, सांसद राम कृपाल यादव, सचिव स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ( भारत सरकार ) राजेश भूषण एवं मुख्य सचिव बिहार सरकार त्रिपुरारी शरण के साथ प्रशासनिक अधिकारियों ने मिलकर पटना AIIMS को हाईटेक बनाने का संकल्प लिया। इस दौरान सुपर स्पेशलिटी विभाग के साथ अन्य कई योजनाओं पर मंथन किया गया।

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