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गंदगी से पटे शहर की डीप-क्लीनिंग:हाईकोर्ट की सख्ती से निगम में हड़कंप, आननफानन में बनी सफाई व्यवस्था; निगम का दावा- टूट गई है हड़ताल, यूनियन ने साध ली है चुप्पी

पटना9 दिन पहले
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रात में सड़क किनारे सफाई करते कर्मी। - Dainik Bhaskar
रात में सड़क किनारे सफाई करते कर्मी।

पटना हाईकोर्ट की सख्ती के बाद निगम में हड़कंप है। आननफानन में पटना की डीप क्लीनिंग शुरू हो गई है। पटना नगर निगम का दावा है कि सफाई कर्मियों की हड़ताल खत्म होते ही दैनिक मजदूर काम पर वापस लौट आए हैं, लेकिन हड़ताल पर गए यूनियन की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। पटना हाईकोर्ट के संज्ञान लेने तक निगम की तरफ से मनमानी की जा रही थी जिससे शहर में संक्रमण का खतरा बढ़ गया था। अब सख्ती के बाद चूना-ब्लीचिंग पाउडर के साथ युद्धस्तर पर शहर की डीप-क्लीनिंग हो रही है। 12 सूत्री लंबित मांगों को लेकर हड़ताल पर जाने वाले बिहार लोकल बॉडिज कर्मचारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष चंद्र प्रकाश सिंह की तरफ से हड़ताल खत्म करने को लेकर कोई बयान नहीं आया है। मंगलवार को उन्होंने हड़ताल खत्म करने की बात को निगम का अफवाह बताया था जो हाईकोर्ट की सख्ती के बाद उड़ाया गया।

निगम ने किया रात में सफाई का दावा

पटना नगर निगम ने दावा किया है कि हड़ताली कर्मी काम पर लौट आए हैं। रात्रि पाली में दैनिक सफाईकर्मियों ने सफाई कार्य प्रारंभ कर दिया है। कर्मियों द्वारा शहर भर की डीप क्लीनिंग का कार्य युद्धस्तर पर किया गया है। बारिश एवं कई दिनों से जमा कचरे की वजह से पसरी गंदगी को साफ करने के लिए मशीनों के माध्यम से सड़कों की धुलाई की गई है। कचरा उठाव के बाद शहर में चूना-ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव भी किया गया है।

बांकीपुर अंचल में चला अभियान

निगम का कहना है कि बांकीपुर अंचल में सोमवार रात जहां सभी 12 सफाई निरीक्षकों द्वारा ड्यूटी की गई वहीं मंगलवार देर शाम तक रात्रि पाली में तैनात सभी 100 दैनिक मजदूर भी काम पर लौट आए हैं। इसके अलावा आउटसोर्सिंग एजेंसी के करीब 10 सफाई कर्मियों द्वारा भी कार्य किया जा रहा है। वार्ड संख्या 36, 38, 39, 40, 41, 42, 48, 49, 50, 51 में 15 कचरा गाड़ियों के माध्यम से डोर टू डोर कचरा का उठाव किया जा रहा है। वहीं 08 जेसीबी, 9 हाइवा एवं 11 क्लोज टिपर के माध्यम से मुख्य सड़कों से कूड़ा उठाव का कार्य किया जा रहा है। मंगलवार सुबह वार्ड संख्या 38, 42 एवं 47 साफ सफाई की गई। करीब 75 मजदूरों के योगदान से प्रमुख इलाकों यथा नाला रोड, मैकडोवल गोलबंगर, पृथ्वीराज चौराहा, पीएमसीएच आदि में साफ सफाई की गई।

कंकड़बाग अंचल में सफाई का दावा

निगम का कहना है कि कंकड़बाग अंचल में 21 दैनिक मजदूर काम पर लौट आए हैं वहीं 39 आउटसोर्सिंग एजेंसी के मजदूरों द्वारा भी रात्रि पाली में कार्य किया है। प्लानिंग के अंतर्गत घरों से कूड़ा उठाव पर फोकस करते हुए वार्ड संख्या 29, 30, 31, 32, 33, 34, 35, 44, 45, 46 एवं 55 में डोर टू डोर कचरा गाड़ियां भेजी गई हैं। वहीं, 12 क्लोज टिपर, 4 जेसीबी एवं 07 बॉब कैट मशीनों से मुख्य मार्गों से कचरा प्वॉइंट को साफ किया जा रहा है। मंगलवार सुबह करीब 20-25 मजदूरों द्वारा वार्ड संख्या 34 एवं 35 में डोर टू डोर कचरा उठाव किया गया। नूतन राजधानी अंचल में सभी 16 सफाई निरीक्षक निरीक्षक कार्यरत हैं। उनकी निगरानी में 16 बॉब कैट, 22 टाटा 407, 06 हाईवा, 11 ओपन टिपर एवं 15 क्लोज टिपर के माध्यम से व्यवसायिक क्षेत्रों यथा फ्रेजर रोड, एग्जीबिशन रोड, एसपी वर्मा रोड, पटना जंक्शन, मौर्य लोक आदि में साफ सफाई की जा रही है। वहीं, मंगलवार सुबह वार्ड संख्या 09, 21 एवं 28 में साफ सफाई का कार्य किया गया।

पाटलिपुत्र अंचल में की गई डीप क्लीनिंग

नटना नगर निगम का कहना पाटलिपुत्र अंचल में रात्रि पाली में करीब 90 गाड़ियों के माध्यम से साफ सफाई कराई गई है। 25 आउटसोर्सिंग कर्मियों के माध्यम से सभी सफाई निरीक्षकों की उपस्थिति में कार्य किया जा रहा है। अंचल अंतर्गत सभी वार्डों में घरों से कचरा उठाव के लिए 51 कचरा गाड़ियां निकाली गई हैं। कार्यपालक पदाधिकारी की निगरानी में सभी मुख्य मार्गों से कचरा उठाव का कार्य किया जा रहा है। पटना सिटी एवं अजीमाबाद अंचल में पूर्व की तरह साफ-सफाई का कार्य जारी है। दैनिक मजदूरों के कार्य पर लौटने से कार्य में तेजी आई है। वहीं, बुधवार शाम तक पटना नगर निगम की टीम द्वारा पूरे शहर में सफाई व्यवस्था स्थापित करने का लक्ष्य निर्धारित है। पटना नगर निगम ने लोगों से अपील की है लोगों से सहयोग मांगा है। निगम का कहना है कि पटनावासियों ने अपना सहयोग दिया। उनके द्वारा घर के परिसर में कचरा संग्रहित किया गया एवं रात्रि में भी कचरा गाड़ी के पहुंचने पर कचरा सौंपा गया। निगम ने शहरवासियों से अपील है कि वे सड़कों में कूड़ा ना फेंकें, जितना संभव हो अपने घर पर कचरा गाड़ी के पहुंचने तक इंतजार करें और कचरा कचरा गाड़ी में ही डालें।

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