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कोरोना से लड़ाई की तैयारियों पर सवाल- जवाब:बिहार सरकार बोली- हमें रोज 300 MT ऑक्सीजन की जरूरत है, हाईकोर्ट ने पूछा- आपके पास कितने टैंकर हैं, ये बताएं

पटनाएक महीने पहले
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पटना हाई कोर्ट में शुक्रवार को बिहार के मुख्य सचिव ने की जा रही कार्रवाई का ब्योरा हलफनामा दे कर पेश किया। - Dainik Bhaskar
पटना हाई कोर्ट में शुक्रवार को बिहार के मुख्य सचिव ने की जा रही कार्रवाई का ब्योरा हलफनामा दे कर पेश किया।

पटना हाईकोर्ट ने बिहार सरकार से पूछा है कि आपके पास ऑक्सीजन स्टोर करने के लिए कितने टैंकर उपलब्ध हैं। कोर्ट ने यह सवाल तब किया जब राज्य के मुख्य सचिव ने कहा कि हमें हर रोज 300 MT ऑक्सीजन की जरूरत है। भास्कर ने 13 दिन पहले 25 अप्रैल को इस खबर में यही जानकारी दी थी। हमने बताया था कि बिहार में फिलहाल सिर्फ 131 MT लिक्विड ऑक्सीजन प्रोसेस करने की ही क्षमता है। इतने टैंकर उपलब्ध नहीं हैं कि इसे स्टोर कर सकें। यही नहीं, ऑक्सीजन सिलेंडर भी इतनी बड़ी संख्या में उपलब्ध नहीं है।

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14 प्लांट में 13188 ऑक्सीजन सिलेंडर रीफ़िल की क्षमता

दरअसल, एक मीट्रिक टन (MT) लिक्विड ऑक्सीजन से लगभग 100 सिलेंडर में रीफिलिंग की जा सकती है। इस लिहाज से 131 MT लिक्विड ऑक्सीजन से बिहार के सभी 14 ऑक्सीजन प्लांट की कुल अधिकतम क्षमता 13188 सिलेंडर को रीफ़िल किया जा सकता है। ऐसे में अगर 300 MT ऑक्सीजन की आपूर्ति केंद्र सरकार कर भी देती है, तो इसका फायदा आम आदमी को मिल पाएगा, यह खुद में एक सवाल है।

कोर्ट ने अब 5 सदस्यीय टीम बनाने को कहा

पटना हाईकोर्ट में शुक्रवार को बिहार के मुख्य सचिव ने कार्रवाई का ब्यौरा हलफनामा देकर पेश किया। इसके बाद कोर्ट ने आज राज्य सरकार को 5 सदस्यीय एक्सपर्ट टीम गठित करने का निर्देश दिया। यह टीम कोरोना मरीजों के इलाज के साथ इसके लिए बनाई गई व्यवस्था की भी निगरानी करेगी।

इस दौरान अदालत को बताया गया कि पुलिस जिन ऑक्सीजन सिलेंडर को जब्त कर रही है, उसे थाने में रख रही है। इस पर कोई दिशा-निर्देश नहीं है। कोर्ट ने इस पर भी राज्य सरकार को अगली सुनवाई में जवाब देने का निर्देश दिया है। इस मामले पर अगली सुनवाई 10 मई को होगी।

गुरुवार को मुख्य सचिव से तलब किया था ब्योरा

बिहार में कोरोना महामारी के नियंत्रण को लेकर सरकारी प्रयासों पर हाई कोर्ट में लगातार सुनवाई चल रही है। गुरुवार को चीफ जस्टिस संजय करोल और जस्टिस एस कुमार की खंडपीठ ने कोरोना से निपटने के लिए की जा रही कार्रवाई के बारे में मुख्य सचिव से पूरा ब्योरा तलब किया था। राज्य सरकार की ओर से जानकारी दी गई थी कि अस्पतालों में व्यवस्थित तरीके से ऑक्सीजन की आपूर्ति करने के लिए हरसंभव प्रयास किया जा रहा है। ऑक्सीजन आपूर्ति के लिए केंद्र की ओर से 7 ऑक्सीजन टैंकर उपलब्ध कराने की बात कही गई है।

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