पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • Local
  • Bihar
  • Patna PMCH MBBS Students Ragging; First Year Students On Seniors Indecent Action

PMCH में रैगिंग, सीनियर्स ने की अश्लील हरकत:2020 बैच के फर्स्ट ईयर स्टूडेंट्स ने कहा- ऐसा कुछ हुआ जिसे बता नहीं सकते, एंटी रैगिंग कमेटी कर रही जांच

पटनाएक दिन पहले
  • कॉपी लिंक

पटना मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (PMCH) में MBBS की पढ़ाई कर रहे दो स्टूडेंट्स के साथ रैगिंग की गई है। रैगिंग में 2019 बैच के सीनियर स्टूडेंट्स ने 2020 बैच के फर्स्ट ईयर के दाे स्टूडेंट्स के साथ अश्लील हरकत की है। यह मामला नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) पहुंच गया है।

NMC ने मामला दर्ज कर पटना मेडिकल कॉलेज से रिपोर्ट तलब की है। घटना की जानकारी के बाद बुधवार को PMCH में हड़कंप मच गया। प्राचार्य डॉ विद्यापति चौधरी ने आनन-फानन में एंटी रैगिंग कमेटी की बैठक बुलाकर मामले की जांच शुरू कर दी है। जूनियर स्टूडेंट्स के साथ रैगिंग किसी भी कॉलेज में बैन कर दिया गया है।

PMCH में रैगिंग का मामला आते ही प्रशासनिक हलचल बढ़ गई है। प्राचार्य डॉ. चौधरी का कहना है- 'बुधवार को NMC का पत्र मिला है जिसके बाद संबंधित स्टूडेंट्स को चिह्नित किया जा रहा है। वीडियो फुटेज की भी तलाश की जा रही है, ताकि रैगिंग की पुष्टि हो सके।'

उन्होंने बताया- 'पीड़ित छात्रों का नाम और पहचान पूरी तरह से गुप्त रखा जा रहा है और इस घटना के आरोपियों की पड़ताल कराई जा रही है।'

डेढ़ घंटे तक चली PMCH में बैठक

PMCH में बुधवार को एंटी रैगिंग कमेटी की लगभग डेढ़ घंटे तक बैठक चली। इसमें रैगिंग के मामले को लेकर चर्चा की गई है। यह पता लगाने की कोशिश की गई है कि वे कौन छात्र हैं तो इस तरह की हरकत किए हैं। अश्लील हरकत करने वाले छात्रों को चिह्नित कर उनसे पूछताछ की जाएगी। आरोप की पुष्टि होने पर ऐसे छात्रों को सस्पेंड भी किया जा सकता है। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया है कि आने वाले समय में रैगिंग की घटना न हो, इसके लिए सख्ती दिखाई जाए। ऐसे छात्रों को चिह्नित किया जाए, जिनकी काफी शिकायतें हैं।

PMCH के लिए रैगिंग का नया मामला नहीं

PMCH में रैगिंग का यह नया मामला नहीं है। हर साल रैगिंग का कोई न कोई गंभीर मामला आ जाता है। इस बार अश्लील हरकत के कारण मामला काफी गंभीर है। सूत्रों की मानें तो सीनियर ने ऐसी हरकत की है कि पीड़ित छात्र खुले तौर पर शिकायत करने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं।

बताया जा रहा है कि पीड़ित बच्चे बाहर के हैं और लॉज में रहते हैं। इस घटना के बाद वह काफी दहशत में हैं। शिकायत से भी उन्हें खतरा है। इस कारण उन्होंने PMCH प्रशासन को शिकायत नहीं की, सीधे NMC में शिकायत की है। PMCH में 2017, 2018 और 2019 में भी ऐसी शिकायतें आई थी। हालांकि, पूर्व में इतना गंभीर मामला नहीं आया था।

खबरें और भी हैं...