पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App
  • Hindi News
  • Local
  • Bihar
  • Railway Coaches Covid Quarantine Wards; No Hospital Bed, No Oxygen, Everything Was Full In Bihar Patna

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

अस्पतालों में बेड नहीं, ऑक्सीजन भी उपलब्ध नहीं:इसके बावजूद पिछले साल आइसोलेशन सेंटर बने रेलवे कोच पाटलिपुत्र स्टेशन के आउटर पर फांक रहे धूल

पटनाएक महीने पहलेलेखक: बृजम पांडेय
  • कॉपी लिंक

पटना सहित पूरे बिहार में कोरोना संक्रमितों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। अस्पतालों में बेड नहीं हैं, लोगों को ऑक्सीजन नहीं उपलब्ध हो रही है, श्मशान में भी जगह कम पड़ गई है। ऐसे में पिछले साल केंद्र सरकार के तरफ से देश के प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर रेलवे कोच को आइसोलेशन वार्ड में बदलने की व्यवस्था की गई थी। रेलवे कोच केयर सेंटर के तौर पर आइसोलेशन वार्ड के लिए काम कर रहे थे। इसमें चिकित्सा के तमाम व्यवस्था की गई थी। डॉक्टर और नर्स को तैनात किया गया था। लेकिन इस बार इसकी कोई व्यवस्था नहीं दिख रही है। पटना में जो आइसोलेशन वार्ड के लिए कोच तैयार किए गए थे, वह धूल फांक रहे हैं। पटना के पाटलिपुत्र स्टेशन के आउटर में यह कोच खड़े हैं। दैनिक भास्कर की टीम में जब इसकी पड़ताल की तो पता चला कि न तो बिहार सरकार ने कोई रिक्वेस्ट भेजी है और न ही केंद्र सरकार की तरफ से कोई पहल की गई है। ऐसे में यह आइसोलेशन वार्ड कोच यूं ही खड़े हैं।

कोविड संक्रमितों के लिए पिछले साल बनाया गया था आइसोलेशन सेंटर।
कोविड संक्रमितों के लिए पिछले साल बनाया गया था आइसोलेशन सेंटर।

268 कोच तैयार किए गए थे

पिछले साल कोरोना से जंग के लिए रेलवे स्टेशनों को केयर सेंटर में बदला गया था। पूर्व मध्य रेल के अलग अलग स्टेशनों पर आइसोलेशन वार्ड के लिए 268 कोच को तैयार किया गया था। पटना जंक्शन समेत बिहार के 15 रेलवे स्टेशन कोरोना केयर सेंटर में कन्वर्ट किया गया था। इस तरह देश भर में 5231 कोच को आइसोलेशन वार्ड बना कर रेलवे स्टेशनों को केयर सेंटर में बदला गया था।

क्या मिलती थी सुविधाएं

बिहार में पटना जंक्शन, पाटलिपुत्रा स्टेशन, दानापुर, राजेंद्र नगर, मुजफ्फरपुर, गया समेत एक दर्जन से अधिक रेलवे स्टेशनों को केयर सेंटर में बदला गया था। केयर सेंटर पर खाने-पीने की सुविधा के साथ बिजली, पानी और सुरक्षा की जिम्मेदारी रेलवे की थी। स्टेशन पर आइसाेलेशन वार्ड में बदले गए कोच खड़े रहते थे। उन कोचों में संदिग्धों को क्वारेंटाइन किया जाता था। मरीजों के लक्षणों के आधार पर कोचों में भर्ती करने की व्यवस्था थी।

कांग्रेस का आरोप

विपक्ष लगातार सरकार की इन गलतियों को लेकर सवाल उठा रहा है। कांग्रेस नेता प्रेमचंद्र मिश्रा कहते हैं कि सरकार पूरी तरह से असंवेदनशील हो चुकी है। पिछले साल बिहार सरकार कहती थी कि उन्हें समय नहीं मिला। लेकिन, इस बार तो पहले से ही स्थिति खराब थी। सरकार ने अब तक कोई व्यवस्था नहीं की है। कोरोना संक्रमितों की बढ़ती संख्या को देखते हुए लॉकडाउन कर देना चाहिए था। सरकार को ज्यादा से ज्यादा बैकअप तैयार करके रखना चाहिए। सरकार ने पिछली बार रेलवे कोच जैसी व्यवस्था की थी। स्थिति को देखते हुए उसे भी दुरुस्त करके लोगों की सेवा में लगाना चाहिए था।

खबरें और भी हैं...

आज का राशिफल

मेष
Rashi - मेष|Aries - Dainik Bhaskar
मेष|Aries

पॉजिटिव - आज की स्थिति कुछ अनुकूल रहेगी। संतान से संबंधित कोई शुभ सूचना मिलने से मन प्रसन्न रहेगा। धार्मिक गतिविधियों में समय व्यतीत करने से मानसिक शांति भी बनी रहेगी। नेगेटिव- धन संबंधी किसी भी प्रक...

और पढ़ें