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रमजान कल से, 14 घंटा 9 मिनट का पहला रोजा:38 डिग्री तापमान में होगा रोजेदारों का कड़ा इम्तिहान, पिछले साल से 41 मिनट का होगा अंतर

पटना5 महीने पहलेलेखक: फिरोज अख्तर
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कड़ी इबादत का महीना रमजान कल से शुरू होने वाला है। सोमवार को बिहार के किसी हिस्से में चांद नजर नहीं आया, इसलिए शाबान महीने के 30 दिन पूरे होने के हिसाब से रमजान महीने की पहली तारीख बुधवार से गिनी जाएगी। इस हिसाब से पहला रोजा भी बुधवार से शुरू हो जाएगा। पिछले साल की तुलना में इसबार मौसम और रोजे की टाइमिंग दोनों के हिसाब से रोजेदारों को राहत है। पिछले साल 17 मई से रमजान शुरू हुआ था। तब तापमान भी 40 डिग्री के पार था। इसबार 14 अप्रैल से रमजान शुरू हो रहा है। तापमान भी 38 डिग्री है। टाइमिंग भी 41 मिनट कम है। इमारत-ए-शरिया फुलवारीशरीफ के रमजान कैलेंडर के मुताबिक पिछले साल पहला रोजा 03: 32 बजे अहले सुबह से 06: 30 बजे शाम तक का था। कुल अवधि 14 घंटे 58 मिनट था। इसबार पहला रोजा 4.04 मिनट सुबह से शुरू होगा, जो 6.13 मिनट पर खत्म होगा। पिछले साल की तुलना में इसबार सेहरी और इफ्तार के टाइम में राहत देने वाला अंतर है। इसबार अंतिम रोजा 14 घंटा 53 मिनट का होगा। सुबह सेहरी का समय 3.35 बजे तो इफ्तार 6.28 बजे खोला जाएगा।

सुन्नी के लिए इमारत-ए-शरिया और शिया के लिए मदरसा सुलेमानिया की ओर से जारी रमजान कैलेंडर।
सुन्नी के लिए इमारत-ए-शरिया और शिया के लिए मदरसा सुलेमानिया की ओर से जारी रमजान कैलेंडर।

शिया कैलेंडर के हिसाब से पहला रोजा 14 घंटा 24 मिनट का
मदरसा सुलेमानिया पटना की ओर से जारी रमजान कैलेंडर के हिसाब से इसबार पहला रोजा 14 घंटा 24 मिनट का होगा। सेहरी का टाइम 3.59 बजे सुबह का है, जबकि इफ्तार 6.25 बजे शाम में है। गया का तापमान 40 डिग्री को छोड़कर बिहार के बाकी जिलों का तापमान इसबार 38 डिग्री के आसपास है, जिससे रोजेदारों को पिछले साल की तुलना में राहत है। हालांकि रोजा 13 मई को खत्म हो रहा है। अंतिम रमजान में तापमान हलक सुखाने वाला होगा। अंतिम रोजा 15 घंटे 8 मिनट का होगा। अंतिम रोजे की सेहरी सुबह 3.32 बजे होगी, जबकि इफ्तार 6.40 बजे होगा।

13 को खत्म हो रहा रोजा, 14 को ईद
मदरसा इस्लामिया एग्जीबिशन रोड के मौलाना मिस्बाहुद्दीन के मुताबिक 30 दिनों का रोजा हुआ तो इसबार 14 मई को ईद होगी, जबकि 29 का चांद हुआ तो 13 मई को ही ईद मनाई जाएगी।

जानें क्या होता है 29 का चांद
इस्लामी कैलेंडर चांद पर आधारित होता है। 29 का चांद का मतलब होता है कि महीने की 29 तारीख को चांद अगर नजर आ गया तो एक दिन स्किप हो जाता है। नहीं तो 30 दिनों का एक महीना के हिसाब से अगले दिन से अगले माह की पहली तारीख गिनी जाती है। 29 का चांद चूंकि काफी पतला होता है, इसलिए बहुत कम लोगों को नजर आता है। इसमें पर्व-त्योहार मनाने में दुविधा की स्थिति बनती है। चांद दिखने पर सूचना देने के लिए रूयत हेलाल कमेटियां होती हैं, जो चांद दिखने की गवाही देती हैं। इनकी लिखित गवाही पर भी अगले दिन पर्व मनाया जा सकता है।

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