रोजगार के मुद्दे पर RJD-BJP आमने-सामने:RJD उपाध्यक्ष ने बेरोजगारी का मुद्दा उठाया, BJP प्रवक्ता ने याद कराया लालू राज

पटना7 महीने पहले
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रेलवे की परीक्षा से जुड़े अभ्यर्थियों के भड़के गुस्से के बाद RJD के वरिष्ठ नेता शिवानंद तिवारी ने कहा कि किसानों और बेरोजगारों का सवाल देश की राजनीति में आमूलचूल परिवर्तन का स्पष्ट संदेश दे रहा है। उन्होंने कहा कि बेरोजगार नौजवानों का धीरज अब चूकने लगा है। नरेन्द्र मोदी को सत्ता में बैठाने में इनकी महत्वपूर्ण बड़ी भूमिका थी।

सरकार बनी तो प्रति वर्ष दो करोड़ नौजवानों को काम देंगे के मोदी जी के आश्वासन पर नौजवानों ने भरोसा किया था और देश भर में मोदी जी के पक्ष में हवा बनाई थी। इस बीच नरेंद्र मोदी दूसरी बार भी सत्ता में आ गए। लेकिन, बेरोजगारी का सवाल सरकार की नजरों से ओझल है। कहा कि पटना के राजेंद्र नगर स्टेशन सहित अन्य स्टेशनों पर अचानक हजारों की तादाद में नौजवानों ने रेल लाइन पर उतर कर रेल के संचालन को बाधित कर दिया। नौजवान ऐसा कुछ करेंगे इसकी भनक तक किसी को नहीं चल पाई। यह बताता है कि बेरोजगारी का सवाल कैसा विस्फोटक रूप लेता जा रहा है।

तेजस्वी ने बेराजगारी के सवाल पर चुनाव लड़ा था
शिवानंद तिवारी ने कहा कि देश के सामने बेरोजगारी सबसे गंभीर चुनौती है। आधुनिक टेक्नोलॉजी पर आधारित देश की मौजूदा अर्थव्यवस्था में रोजगार सृजन की क्षमता नहीं है। विडंबना है कि देश की मुख्य धारा की राजनीति में बेरोजगारी की चुनौती अब तक विमर्श का मुद्दा भी नहीं बन पाया है। संभवतः बिहार विधानसभा का पिछला चुनाव देश का एक मात्र ऐसा चुनाव था जो तेजस्वी यादव के नेतृत्व में महागठबंधन द्वारा बेरोजगारी को मुद्दा बनाकर कर लड़ा गया था।

BJP ने कहा- लालू सरकार की समय युवाओं का आक्रोश याद कीजिए
BJP के प्रवक्ता प्रेम रंजन पटेल ने कहा है कि मुझे लगता है कि किसी एक आंदोलन से पूरे सत्ता का आकलन कर लेना गलत है। आज देश के युवाओं और महिलाओं में जितनी खुशी है उतनी खुशी कभी नहीं दिखी। विभाग इस मामले को देखेगा कि क्यों गुस्सा भड़का। सरकार के खिलाफ ये कोई आक्रोश नहीं है। यह छोटा-मोटा आंदोलन है। कहीं कुछ परेशानी है तो विभाग के लोग इसका समाधान करेंगे। शिवानंद तिवारी को आकलन करना चाहिए कि उनकी लालू- राबड़ी सरकार के खिलाफ राज्य में किस प्रकार का आक्रोश हुआ था, वह नाराजगी आज तक कायम है युवाओं में है।