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बिहार में सर्विस और आसान:एक प्लेटफार्म पर आएंगी सभी विभागों की लोक सेवाएं, 5 साल में 25 करोड़ लोगों ने RTPS का किया उपयोग

पटना10 दिन पहले
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बिहार की जनसंख्या से दोगुना लोगों ने पिछले 5 सालों में RTPS यानी राइट टू पब्लिक सर्विस का उपयोग किया है। आंकड़ों के अनुसार, अब तक 25 करोड़ लोगों ने RTPS की सेवाएं ली हैं। इसका खुलासा शनिवार को CM नीतीश कुमार की समीक्षा बैठक में हुआ।

बिहार लोक सेवाओं का अधिकार अधिनियम और बिहार लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम को सुचारू रूप से चलाने को लेकर CM नीतीश कुमार ने समीक्षा बैठक की, जिसमें सभी जिलों में इन कानूनों के तहत बेहतर काम हो, शिकायतों का समय पर निवारण और अपील का डिस्पोजल समय पर कराना सुनिश्चित करने पर चर्चा की गई।

सामान्य प्रशासन विभाग के प्रधान सचिव चंचल कुमार ने समीक्षा बैठक में बिहार लोक सेवाओं का अधिकार अधिनियम और बिहार लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम के कार्यान्वयन, अनुश्रवण, परिणाम, उपलब्धियां और जन जागरुकता के संबंध में बताया। बिहार प्रशासनिक सुधार मिशन सोसायटी की अपर मिशन निदेशक प्रतिमा एस वर्मा ने विभागवार सेवा की स्थिति, ऑनलाइन आवेदन की स्थिति, विभागवार परिवाद प्राप्त होने की स्थिति के संबंध में जानकारी दी।

और सरल होगा लोक सेवाओं का अधिकार

समीक्षा के दौरान CM नीतीश कुमार ने कहा कि लोगों को बिहार लोक सेवाओं का अधिकार अधिनियम के अंतर्गत सेवाएं देने के लिए जिला, अनुमंडल और प्रखंड स्तर पर केंद्र बनाए गए हैं। पहले प्रमाण-पत्र लेने के लिए काफी समय और खर्च लगता था, अब इसकी शुरुआत होने से लोगों को निश्चित समय के अंदर सेवाएं दी जा रही हैं। जैसा कि बताया गया है कि अब तक 25 करोड़ से अधिक आवेदकों ने आवेदन देकर इस कानून के माध्यम से सेवा ली है। उन्होंने कहा कि सभी विभागों के लोक सेवाओं को एक प्लेटफार्म पर लाएं, ताकि लोगों को और सुविधा हो सके।

5 जून 2016 को बिहार लोक शिकायत निवारण की हुई शुरुआत

CM ने कहा कि 5 जून 2016 को बिहार लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम की शुरुआत की गई। लोगों की शिकायतों के समाधान के लिए इस कानून को लाया गया। हम लोगों का उद्देश्य है कि अधिक से अधिक लोगों की शिकायतों का समाधान हो, समाज में तनाव घटे, शांति बनी रहे और आपसी विवाद खत्म हो।

उन्होंने कहा कि 60 प्रतिशत से अधिक क्राइम का कारण संपत्ति और भूमि विवाद है। लोक शिकायत निवारण कानून के अंतर्गत भूमि संबंधी समस्या, बिजली बिल, सड़कों, ब्रिज के मेंटेनेंस आदि जैसे कई विषयों को इसमें शामिल किया गया है। अब लोग पथों, पुलों के मेंटेन नहीं रहने पर इस कानून के अंतर्गत अपनी शिकायतें दर्ज कराएंगे, जिससे पथों, पुलों का मेंटेनेंस तो होगा ही साथ ही जिम्मेवार पदाधिकारियों पर कार्रवाई होगी।

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