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बाहर निकल रहें हैं तो सावधान हो जाएं...:बिहार में सफाई कर्मियों की हड़ताल जारी; कूड़ा के ढेर पर बारिश ने बढ़ाया बीमारी का खतरा, फेफड़े के संक्रमण से बढ़ेगी परेशानी

पटना8 दिन पहले
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कूड़े से निकल रही गैस फेफड़े से लेकर श्वसन तंत्र को प्रभावित कर सकती है। - Dainik Bhaskar
कूड़े से निकल रही गैस फेफड़े से लेकर श्वसन तंत्र को प्रभावित कर सकती है।

पटना में कूड़े के ढेर पर बारिश ने बीमारी का खतरा और बढ़ा दिया है। कूड़े से निकल रही गैस फेफड़े से लेकर श्वसन तंत्र को प्रभावित कर सकती है। ऐसे में घर से बाहर निकलते समय अगर सावधानी नहीं बरती गई तो संक्रमण का खतरा हो सकता है। बिहार में सफाईकर्मियों की हड़ताल का छठा दिन है। अब तक सफाई कर्मियों की हड़ताल खत्म कराने को लेकर सरकार की तरफ से कोई ठोस पहल नहीं हो पाई है, इसलिए सरकार और सफाई कर्मियों की लड़ाई में लोगों की सेहत प्रभावित हो रही है।

पटना मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल के चर्म राेग विभाग के डॉक्टर विकास शंकर का कहना है कि गंदगी के कारण सबसे अधिक चर्म रोग की समस्या होगी है। कचरे का कण हवा के साथ उड़ता है और स्किन पर पड़ने के बाद संक्रमण पैदा करता है। इससे स्किन में रेसा पड़ना, चकत्ता बन जाना आम है। कचरे के ढेर पर बैठने वाली मक्खी भी स्किन के संपर्क में आने पर संक्रमित कर सकती है।

फिजीशियन डॉ राणा एसपी सिंह का कहना है कि कूड़ा जब सड़ता है तो मीथेन गैस निकलती है जो सेहत के लिए काफी हानिकारक है। यह इंसानों के साथ पर्यावरण के लिए भी बड़ा खतरा है। इस गैस से श्वसन तंत्र के साथ फेफड़ा तक संक्रमित हो सकता है। इससे आंखाें में संक्रमण हो सकता है। ऐसे कचरे के कारण पेट के संक्रमण से लेकर शरीर में हर तरह का संक्रमण हो सकता है क्योंकि यह गैस से लेकर कण के रूप में लोगों तक पहुंचती है। बच्चों पर इसका बड़ा प्रभाव पड़ सकता है क्योंकि उनकी इम्यूनिटी कमजोर होती है। ऐसे में डायरिया, फीवर, आंखों का संक्रमण, सांस में तकलीफ के साथ कई परेशानी कॉमन है।

अब और उग्र आंदोलन की तैयारी
उधर, बिहार लोकल बॉडीज कर्मचारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा और बिहार राज्य स्थानीय निकाय कर्मचारी महासंघ का कहना है कि उनकी हड़ताल जारी रहेगी क्योंकि अभी तक मांगे नहीं मानी गई है। वार्ता भी पूरी तरह से फेल रही है। सरकार की तरफ से अभी तक कोई फैसला नहीं हो पाया है, इस कारण सफाई मजदूरों की हड़ताल जारी रहेगी। बिहार लोकल बॉडीज कर्मचारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष चंद्र प्रकाश सिंह, महामंत्री अमृत प्रसाद एवं श्यामलाल प्रसाद का कहना है कि जब तक मांग मानी नहीं जाती है तब तक आंदोलन चलेगा।

विभाग के अफसरों से वार्ता में नहीं बनी बात
बिहार लोकल बॉडीज कर्मचारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष चंद्र प्रकाश सिंह का कहना है कि नगर निकाय के कर्मियों की 12 सूत्री लंबित मांगों पर प्रधान सचिव नगर विकास एवं आवास विभाग द्वारा गठित तीन सदस्यीय कमिटी के साथ रविवार को हुई वार्ता के बाद भी कोई निर्णय नहीं निकल सका। वर्षों से कार्यरत दैनिक सफाई मजदूरों का नियमितीकरण, समान काम समान वेतन अथवा 18000 से लेकर 21000 रुपए तक महावारी वेतन, आउटसोर्स में व्याप्त भ्रष्टाचार एवं शोषण पर रोक आदि की मांग पर समिति का कहना है कि ऐसे मामलों पर वित्त विभाग अथवा कैबिनेट ही निर्णय ले सकती है। ऐसी स्थिति में बिहार के नगर निकायों में चल रही अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रहेगी।

हड़ताल के मुद्दे पर नहीं हो रही बात
बिहार लोकल बॉडीज कर्मचारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष चंद्र प्रकाश सिंह ने कहा कि बिहार के नगर निकायों में जारी हड़ताल का मुख्य मुद्दा ग्रुप "डी" के पदों को पुनर्जीवित करना, नगर निकायों के स्तर पर ग्रुप "सी" का नियंत्रण एवं अनुकंपा पर नियुक्ति को शीघ्र प्रारंभ करना आदि है। इन प्रमुख मांगों पर जब तक सरकार फैसला नहीं करती है, तब तक इस हड़ताल को किसी भी परिस्थिति में स्थगित नहीं किया जा सकता है। उनका कहना है कि हड़ताल के मुद्दे पर कोई बात ही नहीं हो रही है।

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