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  • School Opening In Bihar After 123 Day; School Closed Due To Corona Pandemic; Bihar Corona Latest News

4 महीने बाद आज खुले 10वीं के स्कूल:50% उपस्थिति के साथ हो रही पढ़ाई, बच्चों के बीच 6 फीट की दूरी; थर्मल स्कैनर के साथ सैनेटाइजेशन की व्यवस्था

पटना4 महीने पहले
सरकार ने स्कूलों को निर्देश दिया है कि कोविड प्रोटोकॉल का अनिवार्य तौर पर पालन करना होगा।

बिहार में 123 दिनों बाद 10वीं के स्कूल आज खुल गए हैं। सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में कोरोना की सुरक्षा को लेकर विशेष निर्देश दिए गए हैं। क्लास में 50% बच्चों को बुलाया जाएगा और 6 फीट की दूरी से बैठाया जाएगा। सरकार ने कोरोना गाइडलाइन के साथ बच्चों की शिक्षा को जारी रखने का निर्देश दिया था। बिहार में कोरोना की दूसरी लहर में स्कूल कॉलेज व अन्य शिक्षण संस्थानों को 5 अप्रैल को बंद किया गया था। स्कूलों में थर्मल स्कैनर के साथ-साथ सैनेटाइजेशन की व्यवस्था अनिवार्य कर दी गई है।

आज बच्चों की उपस्थिति होगी कम
स्कूलों का कहना है कि पहला दिन होने के कारण बच्चों की उपस्थिति कम होगी। प्राइवेट स्कूलों में तो ग्रुप मैसेज के माध्यम से छात्रों को सूचना दी गई है, लेकिन सरकारी स्कूलों में यह व्यवस्था नहीं होने के कारण बच्चों को टीवी और अखबार के माध्यम से सूचना पर निर्भर रहना होगा।

बहुत गार्जियन अभी बच्चों को स्कूल भेजने के भी पक्ष में नहीं हैं। इस कारण भी समस्या आ सकती है। हालांकि, अब हालात सामान्य हो रहे हैं। ऐसे में कोरोना के प्रोटोकाल का पालन कर स्कूलों में पढ़ाई जारी रखनी होगी जिससे बच्चों का समय बर्बाद नहीं हो। इसके लिए 50 प्रतिशत उपस्थिति की व्यवस्था बनाई गई है।

5 अप्रैल से ठप हो गई थी पढ़ाई

कोरोन की दूसरी लहर में बिहार के सभी स्कूल कॉलेज और अन्य शिक्षण संस्थानों को 5 अप्रैल 2021 को बंद कर दिया गया था। कोरोना महामारी के कारण सरकार बच्चों को लेकर हिम्मत नहीं जुटा पा रही थी। संक्रमण का ग्राफ कम होने के बाद काफी सुरक्षा के साथ बच्चों को स्कूल बुलवाने का निर्णय लिया गया है।

अब लगभग 123 दिनों के बाद 9 वीं और 10 वीं के निजी और सरकारी स्कूलों को खोलने का निर्णय लिया गया है। इससे पहले 12 जुलाई से 10 वीं के ऊपर के सभी शिक्षण संस्थानों को कोरोना प्रोटोकॉल के साथ खोलने का आदेश दिया गया था।

स्कूलों को देना होगा वैक्सीनेशन का प्रमाण

शिक्षकों के साथ स्कूल के स्टाफ के टीकाकरण को लेकर सरकार ने कड़ा निर्देश दिया है। शिक्षकों और कर्मचारियों को हर हाल में टीकाकृत होने का निर्देश है। स्कूलों ने व्यवस्था बनाई है कि वह सभी टीचर और कर्मचारियों से टीका का प्रमाण जमा करा रहे हैं। निजी स्कूलों में ऐसी व्यवस्था बनी है, सरकारी स्कूलों में भी प्रिंसिपल को इसके लिए जवाबदेह बनाया गया है। 100 प्रतिशत स्टाफ और टीचर को वैक्सीनेशन के साथ ही विद्यालय में उपस्थित होने को कहा गया है।

क्लास से लेकर स्कूल कैंपस में सुरक्षा, स्वच्छता और सफाई को लेकर विशेष निर्देश दिया गया है। सैनेटाइजेशन पर भी पूरा फोकस करना है जिससे संक्रमण का खतरा नहीं रहे। स्कूलों की सुरक्षा और व्यवस्था के साथ कोविड प्रोटोकॉन के अनुपालन के लिए जिला शिक्षा अधिकारियों और जिलाधिकारियों को जवाबदेह बनाया गया है। क्लास में 50 फीसद स्टूडेंट्स की उपस्थिति रहेगी। बच्चों में छह फीट की दूरी सुनिश्चित करनी होगी। रोटेशन के तहत बाकी 50 फीसद विद्यार्थी अगले दिन बुलाए जाएंगे। अधिक नामांकन वाले शिक्षण संस्थान दो पालियों में क्लास चलाएंगे।

इस नियम का करना होगा पालन

  • स्टूडेंट्स और टीचर के साथ शिक्षण संस्थान में प्रवेश के लिए मास्क आवश्यक होगा।
  • स्कूल कैंपस के साथ क्लास को सेनेटाइज किया जाएगा।
  • थर्मल स्केनर के साथ सेनेटाइजेशन की विशेष व्यवस्था गेट पर करनी होगी।
  • स्कूल के लिए सरकार द्वारा बनाए गए शर्तों का पूरी तरह से पालन करना होगा।
  • स्कूल में 50 प्रतिशत छात्रों को ही बुलाना होगा, अधिक नामांकन वाले दो शिफ्ट में क्लास चलाएंगे।
  • क्लास में बच्चों के बीच 6 फीट की दूरी जरुरी होगी।
  • कोरोना प्रोटोकॉल का हर हाल में पालन करना होगा, बच्चों को इसके बारे में बताना भी होगा।
  • टीचर और कर्मचारी पूरी तरह से वैक्सीनेटेड होकर ही स्कूल में बच्चों के बीच जाएंगे।
  • सभी स्कूलों में फर्स्ट एड की व्यवस्था होगी। बच्चों को समस्या होने पर डॉक्टर की व्यवस्था की जाएगी।
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