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बदले-बदले से 'बिहारी बाबू' नज़र आते हैं:शत्रुघ्न सिन्हा के सुर बदले, बोले- दुनिया में 4 तरह के दुखी लोग, इनमें से एक वर्ग बेमतलब मोदी से दुखी रहने वाले का

पटना4 महीने पहलेलेखक: शालिनी सिंह
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कांग्रेस नेता शत्रुघ्न सिन्हा। - Dainik Bhaskar
कांग्रेस नेता शत्रुघ्न सिन्हा।

बिहारी बाबू शत्रुघ्न सिन्हा का अंदाज इन दिनों थोड़ा बदला-बदला सा दिख रहा है। भाजपा का दामन छोड़ कांग्रेस के नेता बने शत्रुघ्न सिन्हा को अब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का विरोध करने वालों पर गुस्सा आ रहा है। गुस्सा भी ऐसा कि उन्होंने मोदी से नाराजगी जताने वालों को दु:खी लोगों की एक अलग कैटेगरी करार दिया है। शत्रुघ्न सिन्हा ने यह बयान सोशल मीडिया पर दिया है।

दु:खी लोगों का नया वैरिएंट है, खामख्वाह मोदी विरोध

कांग्रेस के नेता और बॉलीवुड अभिनेता शत्रुघ्न सिन्हा अपने बयानों के लिए चर्चा में रहनेवाले नेताओं में से एक हैं, लेकिन इस बार उन्होंने जो बयान दिया है, वह चौंकाने वाला है। इसकी वजह यह है कि इस बार शत्रुघ्न सिन्हा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का विरोध करने वालों के विरोध में बोले हैं।

रविवार को अपने सोशल मीडिया अकाउंट के जरिए शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा है- 'दुनिया में चार तरह के दुःखी लोग होते हैं.. 1. अपने दु:खों से दु:खी, 2. दूसरों के दु:ख से दु:खी 3. दूसरों के सुख से दु:खी और *New Variant* 4. बिना बात खामखां मोदी से दु:खी!' कांग्रेस में शामिल होने के बाद यह पहला मौका है, जब शत्रुघ्न सिन्हा ने इस तरह से मोदी के खिलाफ बोलने वालों पर गुस्सा जताया है।

शत्रुघ्न सिन्हा ने सोशल मीडिया पर डाला यह पोस्ट।
शत्रुघ्न सिन्हा ने सोशल मीडिया पर डाला यह पोस्ट।

भाजपा में रहते हुए लगातार नरेन्द्र मोदी का करते रहे थे विरोध

शत्रुघ्न सिन्हा का नरेन्द्र मोदी के पक्ष में बोलना बेहद अहम है। ऐसा इसलिए, क्योंकि शत्रुघ्न सिन्हा भाजपा में रहते हुए भी नरेन्द्र मोदी के खिलाफ लगातार बयान देते रहे थे। 2014 के लोकसभा चुनाव में नरेन्द्र मोदी को भाजपा ने अपनी चुनाव अभियान समिति का अध्यक्ष बनाया था। इसी के साथ मोदी को भाजपा की तरफ से प्रधानमंत्री पद का दावेदार भी बताया जाने लगा था, लेकिन इस दौर में भी शत्रुघ्न सिन्हा पहले ऐसे नेता थे, जिन्होंने भाजपा में रहते हुए नरेन्द्र मोदी की दावेदारी को नकारा था।

नरेन्द्र मोदी के PM बनने के बाद भी शत्रुघ्न सिन्हा उनके कई फैसलों के खिलाफ मीडिया में बयान देते रहे। लगातार नरेन्द्र मोदी का विरोध करने के कारण भाजपा ने उन्हें पार्टी की बैठकों में बुलाना छोड़ दिया था। धीरे-धीरे शत्रुघ्न सिन्हा भाजपा में अलग-थलग पड़ते गए और आखिरकार 2019 में उन्हें भाजपा छोड़नी पड़ी।

2019 में कांग्रेस के टिकट पर लड़े, लेकिन नहीं मिली जीत

2019 लोकसभा चुनाव के ठीक पहले शत्रुघ्न सिन्हा ने भाजपा छोड़ कांग्रेस का दामन थाम लिया। इसका मुख्य कारण उनका मोदी विरोध ही था। भाजपा से अलग होकर उन्होंने कांग्रेस के टिकट पर अपनी पुरानी पटना साहिब सीट से लोकसभा का चुनाव लड़ा, लेकिन उन्हें भाजपा के रविशंकर प्रसाद से हार मिली।

इसके बाद 2020 विधानसभा चुनाव में इसी संसदीय सीट की बांकीपुर विधानसभा से शत्रुघ्न सिन्हा के बेटे लव सिन्हा चुनाव मैदान में उतरे। कांग्रेस के टिकट पर उतरे लव को भी हार का सामना करना पड़ा था।

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