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UPSC टॉपर के माता-पिता से EXCLUSIVE बातचीत:मां ने कहा- शुभम जहां भी पोस्टेड रहे वहां गरीबों की मदद करे; पिता बोले- मेरे जीवन में सबसे खुशी का पल

पटना/ कटिहार2 महीने पहले
टॉपर शुभम की मां पूनम सिंह और पिता देवानंद सिंह।

UPSC टॉपर शुभम कुमार से IIT मुंबई के प्रोफेसर्स भी काफी प्रभावित थे। शुभम को 6 माह एडवांस में ही मुंबई IIT ने B.Tech. की डिग्री दे दी थी। वह घर से लेकर स्कूल तक टॉपर रहे हैं। चाहे खेल का मैदान हो या फिर क्लास। बचपन से IAS बनने का सपना संजोए शुभम पर पूरे परिवार को भरोसा था कि वह एक न एक दिन बिहार का नाम रोशन करेगा।

शुक्रवार को जब यह सपना पूरा हुआ और इसकी सूचना शुभम ने अपने पिता देवानंद सिंह को दी तो वह खुशी से रोने लगे। वह उस बेटे के पिता होने पर गर्व महसूस कर रहे थे, जिस पर आज पूरा देश गर्व कर रहा है। दैनिक भास्कर से बातचीत में टॉपर के माता-पिता ने कहा- हम लोग के जीवन में सबसे खुशी का पल है, इससे अधिक खुशी की बात हो नहीं सकती है।

पिता ने कहा- एक सपना देखा था कि मैं पारिवारिक समस्या के कारण जिस ऊंचाई पर नहीं पहुंच सका, वहां मेरा बेटा पहुंचे। ये निश्चित रूप से मेरे और मेरे क्षेत्र के लोगों के लिए गर्व की बात है। मां पूनम सिंह बोलीं, "मैं खुशी से फूली नहीं समा रहीं हूं। जब वह 3 साल का था तो तुतलाते हुए कहता था कि मैं बहुत बड़ा अफसर बनूंगा। दादा-दादी, पापा और चाचा का सपना था कि शुभम अफसर बने। मुझे उम्मीद है कि शुभम जहां भी पोस्टेड रहेंगे वहां गरीबों की मदद करेंगे।"

बैंक की सीढ़ी उतर रहे थे, तभी आया शुभम का कॉल
शुभम कुमार के पिता देवानंद सिंह उत्तर बिहार ग्रामीण बैंक में शाखा प्रबंधक हैं। शुभम के UPSC टॉप करने की सूचना भी उन्हें उस वक्त मिली, जब वह शुक्रवार की शाम बैंक की शाखा बंद कराकर सीढ़ी से नीचे उतर रहे थे। मोबाइल की घंटी बजी तो उन्हें यह नहीं पता था कि यह कॉल उन्हें इतनी बड़ी खुशी देने वाली है। मोबाइल देखा तो शुभम का कॉल था। शुभम ने कहा- पापा मैं UPSC टॉप कर गया हूं। मेरा ऑल इंडिया पहली रैंक आई है। बेटे की यह खुशखबरी सुनने के बाद देवानंद सिंह के पैर बैंक की सीढ़ी पर ही ठहर गए। आंखें छलक उठीं। वह बेटे का फोन काटकर एक-एक कर सभी काे अपने शुभम की सफलता का संदेश देने लगे।

एक बार जो पढ़ लिया, वह कभी भूलता नहीं
पिता देवानंद सिंह ने बताया कि शुभम शुरू से ही पढ़ने में तेज है। वह पढ़ता तो कम था, लेकिन जो पढ़ लिया, वह कभी भूलता नहीं है। बचपन से ही IAS बनने की धुन सवार थी। घर में कोई भी पूछता था बड़े होकर क्या बनना है, बस वह IAS ही बोलता था। पूर्णिया के परोरा में स्थित विद्या विहार में 10वीं की पढ़ाई करने वाले शुभम ने अपने तेज दिमाग से शिक्षकों का दिल जीत लिया था। वर्ष 2012 में शुभम ने 10वीं की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद वह बोकारो में 12वीं की पढ़ाई करने चला गया। बोकारो के चिन्मया विद्यालय में पढ़ाई की। शुभम ने 2014 में 12वीं की पढ़ाई के दौरान ही बीटेक के लिए तैयारी की और IIT मुंबई में उन्हें सिविल से दाखिला मिल गया।

शुभम और उनकी बहन की बचपन की तस्वीर।
शुभम और उनकी बहन की बचपन की तस्वीर।

B.Tech में शुभम ने रचा इतिहास
देवानंद सिंह ने कहा कि शुभम पढ़ाई में इतना तेज था कि IIT मुंबई ने उसे 6 माह पहले ही एडवांस में B.Tech की डिग्री दे दी थी। 2018 में समय से पहले ही डिग्री मिलने से घर वालों का एक सेमेस्टर का पैसा भी बच गया था। B.Tech की पढ़ाई पूरी करने के बाद शुभम दिल्ली चला गया। वहीं से तैयारी करने लगा। पिता का कहना है कि शुभम दिल्ली जाने के बाद काफी व्यस्त हो गया और बस एक ही लक्ष्य पर काम कर रहा था।

एक-दूसरे को मिठाई खिला खुशी व्यक्त करते शुभम के परिजन।
एक-दूसरे को मिठाई खिला खुशी व्यक्त करते शुभम के परिजन।

शुभम की किस्मत में तो टॉपर ही लिखा था
देवानंद सिंह ने बताया कि वह दिल्ली में तैयारी करने के दौरान ही 2019 में UPSC की परीक्षा दी थी। 2020 में 2019 UPSC का रिजल्ट आया, जिसमें शुभम को ऑल इंडिया 290 रैंक मिली। इस रैंक पर शुभम को IDAS (इंडियन डिफेंस अकाउंट सर्विसेस) पर ज्वाइनिंग हुई। डिफेंस सेवा का पद तो मिल गया लेकिन शुभम को IAS बनना था। वह इस पद को स्वीकार कर फरीदाबाद ट्रेनिंग के लिए चला गया। बाद में उनकी ट्रेनिंग पुणे में होने लगी। ट्रेनिंग के साथ ही वह यूपीएससी की तैयारी कर रहा था। पिता का कहना है कि वह शुभम को रोक रहे थे कि इस बार दोहरा मेहनत पड़ जाएगी। इसलिए यूपीएसपी का एग्जाम बाद में दे देना। लेकिन शुभम ने जिद की और 2020 में UPSC की परीक्षा दी और आज उनके रिजल्ट से पूरे देश को गर्व है।

अपने घरवालों के साथ शुभम कुमार।
अपने घरवालों के साथ शुभम कुमार।

भाई-बहन दोनो हैं टॉपर
शुभम के पिता देवानंद सिंह का कहना है कि उनके दो बच्चों में बेटी बड़ी है। बेटी अंकिता कुमारी इदौर के RR कैट में न्यूक्लियर साइंटिस्ट है। वह भी टॉपर रही है। शुभम छोटा है। वह भी पढ़ाई में टॉपर रहा है। उनका संयुक्त परिवार है। उनके छोटे भाई डॉ. मणि कुमार सिंह पूर्णिया में ही एक्वाप्रेशर के डॉक्टर हैं। वहीं, विद्या बिहार परोडा के शिक्षक डॉ. गोपाल झा ने बताया कि उन्होंने शुभम को स्कूल में पढाया था। शुभम ने UPSC में प्रथम स्थान लाकर सभी को चौंका दिया है और अपने गुरुजनों को गुरु दक्षिणा दी है।

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