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होली जली, पर कोरोना के प्रति बेपरवाह दिखे लोग:होलिका दहन के दौरान कहीं नहीं दिखी सोशल डिस्टेंसिंग, भीड़भाड़ में बिना मास्क के नजर आए लोग

पबटना3 महीने पहले
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पटना में होलिका दहन के दौरान लोगों की भीड़। - Dainik Bhaskar
पटना में होलिका दहन के दौरान लोगों की भीड़।

राजधानी पटना समेत पूरे बिहार में रविवार को होलिका दहन किया गया। चौक-चौराहों, मोहल्लों, नदियों-तालाबों के किनारे होलिका जलाई गई। कल पूरे राज्य में होली मनाई जाएगी। पटना में भी सैकड़ों जगह होलिका दहन किया गया। बोरिंग रोड चौराहे पर मारवाड़ी समाज के लोगों ने होली जलाई। विधिवत रूप से पूजा की गई। महिलाओं ने आरती उतारी और होलिका जलाई गई। लोगों ने होलिका दहन के दौरान जल अर्पित किया और मनोकामनाएं मांगीं। होलिका दहन के दौरान लगभग सभी जगह लोग सोशल डिस्टेंसिंग के प्रति बेपरवाह दिखे। पूरी भीड़भाड़ दिखी। कई लोगों के चेहरों पर मास्क भी नहीं थे। होली तो जल रही थी, लेकिन लोग शायद यह भूल गए थे कि कोरोना अभी मरा नहीं है, जिंदा है।

भागलपुर, मुजफ्फरपुर, गया, आरा, सीतामढ़ी, दरभंगा, छपरा, सीवान, नवादा, औरंगाबाद, बेगूसराय के साथ अन्य जिलों में भी लोगों ने सामूहिक तौर पर होलिका दहन किया। सोशल डिस्टेंसिंग कहीं नहीं दिखा।अधिकतर जगहों पर लोगों ने होली जलाने के लिए कचरे का इस्तेमाल किया। इनमें जूते-चप्पल के अलावा टायर और ट्यूब भी थे। कुछ जगहों पर सिर्फ लकड़ियां जलाई गईं तो कई जरहों पर सिर्फ गोइठे (गोबर के उपले)। होलिका दहन के दौरान बड़ी संख्या में महिलाएं भी मौजूद थीं।

भागलपुर में होलिका दहन करते लोग।
भागलपुर में होलिका दहन करते लोग।

पटना में बोरिंग रोड चौराहे के अलावा कंकड़बाग, हनुमान नगर, राजेंद्र नगर, कदमकुआं, पाटलिपुत्र कॉलोनी, राजीव नगर, राजाबाजार, पटना सिटी जैसे इलाकों में होलिका दहन किया गया। होलिका दहन का शुभ मुहूर्त शाम 6:29 बजे से रात के 8:30 बजे तक था।

होलिका दहन के दौरान लोगों ने आग में पकौड़े, बजके और दूसरे पकवान अर्पित किए। ग्रामीण इलाकों में होली की आग में होरहा (पौधा सहित हरा चना) पकाया गया। इस दौरान वातावरण में होरहे की सौंधी-सौंधी खुशबू फैल गई। लोगों ने एक-दूसरे को होली की शुभकामनाएं दीं और अगले दिन की तैयारी में जुट गए।

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