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लालू की राह पर मोदी:चारों सदन के सदस्य रह चुके हैं लालू प्रसाद और नागमणि, सुशील मोदी बिहार के अब ऐसे तीसरे नेता

पटना7 महीने पहलेलेखक: प्रणय प्रियंवद
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पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी और राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव। - Dainik Bhaskar
पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी और राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव।
  • सुशील कुमार मोदी को राज्यसभा भेजने की चल रही बात
  • विधानसभा, विधान परिषद् और लोकसभा के रह चुके हैं सदस्य

सुशील मोदी, लालू प्रसाद की राह पर हैं। लालू से उनका अलग किस्म का लगाव भी है। लालू पर उन्होंने 'लालू लीला' नाम से किताब भी लिख दी है। लालू प्रसाद और उनके बेटों पर उन्होंने बड़ा शोध किया है। सुशील कुमार मोदी, राज्यसभा जाने की रेस में हैं। इससे पहले वे विधानसभा, विधान परिषद्, लोकसभा जा चुके हैं। बच रहा था सिर्फ राज्यसभा तो वह भी सब ठीक-ठाक रहा तो चले ही जाएंगे। इसके बाद वे लालू प्रसाद और नागमणि की ही तरह चारों सदनों के सदस्य हो सकेंगे।

नीतीश कुमार भी चारों सदनों के सदस्य नहीं रहे
नीतीश कुमार भी चारों सदनों के सदस्य नहीं रहे हैं। नीतीश कभी राज्यसभा सदस्य नहीं रहे। पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्रा भी चारों सदनों के सदस्य नहीं रहे। वहीं लालू प्रसाद यादव 1977 में लोकसभा गए। वर्ष 1980 में विधानसभा, 1990 में विधान परिषद् और 2002 में राज्यसभा गए। उसी तरह पूर्व मंत्री नागमणि 1977 में विधानसभा गए। इसके बाद 2006 में विधान परिषद्, 1995 में राज्यसभा और 1999 में लोकसभा गए।

सुशील मोदी अभी विधान परिषद के सदस्य
सुशील मोदी 1990 में पहली बार विधानसभा के लिए चुने गए। वह विधानसभा क्षेत्र पटना सेंट्रल था, जिसे अब कुम्हरार विधानसभा क्षेत्र कहा जाता है। वर्ष 2004 में वे भागलपुर लोकसभा क्षेत्र से सांसद चुने गए। जब उन्हें 2005 में बिहार में भाजपा विधान मंडल दल का नेता चुना गया तो उन्होंने लोकसभा से त्यागपत्र दे दिया और तभी बिहार विधान परिषद् के लिए चुने गए। दूसरी बार वे 2012 में बिहार विधान परिषद् का सदस्य निर्वाचित हुए। सुशील कुमार मोदी अभी बिहार विधान परिषद् के सदस्य हैं और यहां की आचार समिति के अध्यक्ष हैं। वे राज्यसभा चले जाते हैं तो विधान परिषद् की सदस्यता छोड़ देनी होगी।

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