शिक्षक अभ्यर्थियों में पंचायत चुनाव का 'डर':2019 से चल रही नियोजन प्रक्रिया, विधानसभा चुनाव-कोरोना ने अटकाया, हाईकोर्ट भी कह चुका, फिर भी देर

पटना2 वर्ष पहले
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  • 5 हजार से ज्यादा अभ्यर्थी बिहार के विभिन्न जिलों से आकर पटना में जुटे हैं

2019 से नियोजन का इंतजार कर रहे शिक्षक अभ्यर्थी अब आर-पार की लड़ाई का मन बना चुके हैं। कड़ाके की ठंड के बावजूद वे पटना के गर्दनीबाग धरनास्थल पर जमे हैं। डेढ़ साल से बहाली की बाट जोह रहे इन अभ्यर्थियों को इस बात का भी डर सता रहा है कि पंचायत चुनाव शुरू हो जाने के बाद बहाली प्रक्रिया एक बार फिर लटक जाएगी।

5 हजार से ज्यादा अभ्यर्थी बिहार के विभिन्न जिलों से पटना आए हुए हैं। प्रारंभिक शिक्षक नियोजन के लिए काउंसिलिंग की तिथि जारी करने के बजाय उसमें लगातार देरी की जा रही है। प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों ने सरकार को चेतावनी दी है कि अगर जल्द बहाली नहीं की गई तो आत्मदाह कर लेंगे।

क्यों फंसा है मामला

  • पूरा पेच योग्यता को लेकर : पूरा मामला योग्यता को लेकर है। शिक्षा विभाग ने 15 जून 2020 को जारी अपने आदेश में बताया कि 94 हजार शिक्षकों बहाली प्रक्रिया में DElEd कोर्स पास उम्मीदवारों का ही आवेदन लिया जाएगा। दिसंबर 2019 में पास हुए कम्बाइंड TET अभ्यर्थियों को नियोजन कार्यक्रम में शामिल होने का मौका नहीं मिलेगा, जिसके बाद याचिकाकर्ताओं ने आदेश को निरस्त करने की मांग हाईकोर्ट से की थी।
  • हाईकोर्ट ने क्या फैसला दिया : पटना हाईकोर्ट ने 15 दिसंबर 2020 को मामले में सुनवाई करते हुए इस रोक को हटा दिया। आदेश में कोर्ट ने कहा था कि 23 नवंबर 2019 के पहले कंबाइंड TET परीक्षा में पास उम्मीदवार भी बहाली प्रक्रिया में शामिल होंगे। कोर्ट ने सरकार को दिए फैसले में कहा कि वे शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया तेजी से पूरी करें।
  • सरकार क्यों उलझाए हुई है बहाली प्रक्रिया : कोर्ट के आदेश के बाद सरकार का कहना था कि इस विज्ञापन के बाद बदलाव कैसे किया जा सकता है। इस परीक्षा से पूरे राज्य में 94 हजार शिक्षकों की बहाली प्रक्रिया चल रही है।
  • शिक्षक अभ्यर्थियों में इसलिए आक्रोश : शिक्षक अभ्यर्थियों का कहना है कि कोर्ट का आदेश आ जाने के बाद भी सरकार की ओर से बहाली की प्रक्रिया में देर की जा रही है। पंचायत चुनाव आ जाने के बाद उनका इंतजार और बढ़ जाएगा। ऐसे में अब आंदोलन के अलावा उनके पास कोई रास्ता नहीं बचा है।

जानें क्या है DElEd
प्राइमरी स्कूलों में शिक्षक बनने के लिए इंटर पास के अलावा कम से कम DElEd (Diploma in Elementary Education) कोर्स अनिवार्य है। यह 2 वर्षों का कोर्स होता है। DElEd कोर्स करने के बाद आप शिक्षक के लिए आवेदन कर सकते हैं। सरकार ने बड़ी संख्या में नियोजित शिक्षकों को सेवाकाल में भी यह कोर्स कराया है।

क्या है TET/STET
राज्य में प्राइमरी स्कूलों में शिक्षक बहाली के लिए TET (टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट) और माध्यमिक स्कूलों में बहाली के लिए STET (सेकंडरी टीचर एलिजिबलिटी टेस्ट) लिया जाता है। राज्य में TET के जरिये शिक्षक बहाली प्रक्रिया की शुरुआत 2011 से की गई। इससे पहले प्राइमरी स्कूलों में इंटर में प्राप्त अंक के आधार पर बहाली के लिए मेधा सूची बनती थी। वहीं माध्यमिक स्कूलों में बहाली के लिए स्नातक के प्राप्तांक पर मेधी सूची बनती है।

कैसे होती है नियोजित शिक्षकों की बहाली
सबसे पहले सरकार की ओर से वैकेंसी निकलती है। इसमें पंचायत से लेकर प्रखंड तक की रोस्टर वाइज रिक्तियों का जिक्र होता है। अभ्यर्थी अपनी सुविधा अनुसार की नियोजन इकाई (प्रखंड/पंचायत) में आवेदन करता है। आवेदन फॉर्म आम तौर पर प्रखंड संसाधन केंद्र (BRC) और संकुल संसाधन केंद्र (CRC) पर जमा लिये जाते हैं। आवेदन जमा होने के बाद रोस्टर वाइज मेधा सूची जारी होती है। आपत्ति के लिए समय दिया जाता है। इसके बाद शैक्षणिक कागजात का सत्यापन कराने के बाद समारोह आयोजित कर नियोजन पत्र बांटे जाते हैं।

बहाली के बाद कितना होगा वेतनमान

नियोजित शिक्षकों का वेतनमान।
नियोजित शिक्षकों का वेतनमान।

नियोजित शिक्षकों का न्यूनतम वेतनमान 22,200 और अधिकतम 34,080 रुपए हो गए हैं। इसी आधार पर अभी भुगतान किया जाता है। इससे पहले शिक्षा मित्रों की बहाली महज 1500 रुपए में हुई थी। नियोजित शिक्षकों को वेतन 6 हजार के करीब था, जो चरणबद्ध आंदोलनों के बाद बढ़ते-बढ़ते मौजूदा वेतनमान तक आया है।

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